छोटा सा बीज पीपल का
बड़ा सा पेड़ बनकर
हजारों वर्ष तक
प्राणवायु देता है
जिसे पूजकर
हर कोई
हुमायूं होता है।
इसी तरह न समझो
कि छोटा कभी बड़ा नहीं बनता है
बल्कि मौका और मेहनत से
गरीब का बच्चा भी एक दिन
शहंशाह बनता है।
छोटा सा बीज पीपल का
Comments
9 responses to “छोटा सा बीज पीपल का”
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बहुत खूब, बहुत सुंदर
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सादर धन्यवाद
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बिल्कुल सही कथन
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बहुत बहुत धन्यवाद
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बहुत लाजवाब कविता
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धन्यवाद जी
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वाह वाह बहुत सुंदर आशावादी और यथार्थ अभिव्यक्ति
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100% सत्य है
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बिल्कुल सत्य वचन कवि सतीश जी के द्वारा मेहनत की इतनी सुंदर व्याख्या वो भी कविता के रूप में , ये उनकी लेखनी की प्रखरता को ही दर्शाती है । बहुत ही सुन्दर सन्देश । सुंदर प्रस्तुति करण
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