58 Comments

  1. अति सुंदर रचना
    फोटो पर सटीक बैठती हुई रचना
    आपने शब्दों के माध्यम से मस्तिष्क में किसानों की व्यथा को खींच दिया है
    शब्दों के माध्यम से फोटो का रेखांकन अति सुंदर है
    जिसकी तुलना नहीं करी जा सकती है
    किसान आंदोलन पर बहुत ही मार्मिक प्रस्तुतीकरण

  2. आपकी लेखनी हमेशा की कमाल करती है बहन प्रज्ञा जी।
    आपने किसान की व्यथा का सजीव चित्रण किया है।
    आपकी लेखनी काबिले-तारीफ है। आप यूं ही ज्वलन्त विषयों पर लिखती रहे।
    सादर अभिवादन

  3. अतुलनीय काव्य रचना।
    चित्र का सजीव चित्रण।
    किसान बिल और उससे प्रभावित अन्नदाता का करुण वर्णन अत्यधिक प्रभावशाली चित्रण।

  4. आपने शब्दों के द्वारा फोटो को सजीव बना दिया है..
    कविता को सार्थक बनाकर एक किसान की सूखी रोटी को देखकर मंशा को प्रकट किया है जो काबिले तारीफ है…
    सच में बड़ा ही मार्मिक चित्र दिया गया है सावन द्वारा जिसके लिए सावन प्रशंसा का पात्र है..ऐसी प्रतियोगिताएं होती रहनी चाहिए जिससे कवियों की साहित्य क्षमता को और तराशा जा सकेगा…..

  5. किसान आन्दोलन में सब किसान ही नही हैं प्रज्ञा जी
    कुछ राजनीति की रोटियां सेंकने वाले भी हैं जिन्होंने किसानों की छवि धूमिल की.
    परंतु 200 किसानों के मरने पर बीजेपी के नेता दुख प्रकट करने की बजाय कहते हैं कि इतने महीनों में इतने किसान तो मर ही जाते हैं… कोई हार्टअटैक से मरता है कोई बुखार से…यानी किसानों का मरना स्वाभाविक है शर्म आनी चाहिए ऐसी सोंच पर…
    आपकी हर एक पंक्ति खूबसूरत है परंतु मुझे इसी बात पर रोना आया….

    “दो सौ से ज्यादा किसान भाईयों की मृत्यु हुई
    हम भारत मां के लाल बचाने आए हैं”
    मार्मिक भाव और सुंदर शिल्पकारिता….👌👌👌👌👌

  6. सच में सरकार कान में तेल डालकर बैठी है
    किसान की समस्या सुनने को तैयार नहीं है आखिर भारत देश में किसानों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है??? क्या जरूरत थी जो किसान बिल बना ? और यदि बना भी तो जब किसान ही संतुष्ट नहीं तो किस काम का ???

  7. You are a professional poet as well as a painter, that is why you understand the picture closely, then only your poet sees what is the spirit of the picture, I am convinced of your writing, I am bowing before you…

  8. मैं पहली बार सावन पर आया और देखा कि यहां हर कवि दूसरे कवि की सराहना करता है निन्दा नही करता..

    आपकी कविता १००% सत्य है और हृदय को छूने वाली है
    फोटो पर कविता लिखना बहुत पसंद आया मुझे..
    आपकी कविता और उसकी व्याख्या तथा समीक्षा भी बहुत सुंदर है…..

  9. जो बादल सदैव ही निर्मल
    वर्षा करते थे
    निज तपकर अग्नि में
    तुमको ठण्डक देते थे
    वह आज गरजकर
    तुम्हें जगाने आये हैं
    ओ राजनीति के काले चेहरों !
    ध्यान धरो,
    हम ‘हल की ताकत’
    तुम्हें दिखाने आये हैं…
    Waah very nice poetry 👌👌👌👌
    Your poetry out of the world

  10. मैं बहुत प्रसन्न हूं कि सावन अब कमेंट की संख्या के आधार पर नही बल्कि कविता की समग्रता और गुणवत्ता को ध्यान में रखकर विजेता चुनता है जिससे साहित्य का उत्थान होता है और कवि प्रोत्साहित हो अच्छा लिखते हैं..
    मैं यही चाहूंगा कि गुणवत्ता की विजय हो वह कवि चाहे आप हों या कोई और..
    सावन का यह सकारात्मक स्वरूप हमें उसमें विश्वास पैदा करता है…

  11. आपने किसान आंदोलन के दर्शन करा दिए अपनी कविता के माध्यम से।
    किसान आंदोलन का यथार्थ चित्रण किया है आपने,
    एक गरीब किसान की मनोदशा का इससे सुंदर वर्णन हो ही नहीं सकता।

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