उनके दिल की हमने एक अजीब खुवाईश देखी शहर में उनके मौत की अलग ही नुमाईश देखी फनाह होने लगे लोग उसके एक इशारे पर वहा उसके शहर मे मोहोब्बत की अलग ही आजमाईश देखी………!! […]

क्यों मुझ से रूठे रहते हो तुम क्यों तुम मुझ से नज़रें चुराते हो जानते हो जी नहीं सकता तुम्हारे बगैर क्यों मुझे इतना इश्क़ मैं तरसाते हो न जाने कितना इंतज़ार करता हु मैं […]

दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d […]

मोहोब्बत की आज़माइश कुछ ज्यादा हो गई है इश्क़ की नुमाइश कुछ ज्यादा हो गई है लोग अब खेल समझने लगे है इस पाक रिस्ते को शायद चाहत की खुवाईश कुछ ज्यादा हो गई है […]

उसने हमारी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमने उसकी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमें मिलता कभी एक कटरा-ऐ-खुसी तो सोचते हमें मिल गया सब कुछ, इश्क़ मैं उसने जो माँगा …………….!! (d k)

वो हमको गले से लगाना भूल गए रुलाने के बाद हमको हसाना भूल गए कुछ इस कदर खो गए वो अपनी शख्शियत-ऐ-बेवफाई मैं जिन्दा मार तो दिया, मगर हमको काबर मैं दफनाना भूल गए ……..!! […]

मोहोब्बत मैं किसी की कोई खता नहीं होती दिल मैं हर किसी के हरदम बफा नहीं होती जरा संभल कर जाना इस समुन्दर-ऐ-इश्क़ मैं साहिब ये वो नासूर है दिल का, जिसकी कोई दवा नहीं […]

रिश्तों के दरमियान शक न तुम करना, न मैं करूँगा मोहोब्बत कभी कम न तुम करना, न मैं करूँगा जरुरत पड़ी तो आज़मा लेना हमको बिना एक लव्ज़ कहे अंजाम की परवाह न तुम करना, […]

काश उसने हमारी मोहोब्बत को कभी समझ होता काश उसने कभी हमारे दिल मैं झाँका होता कितनी सिद्दत से छह है उसको ये पता चलता उसको काश उसने कभी हमसे खुद के बारे मैं पूछा […]

आज हम हर बात साफ़ कर देंगे उसको और ज़िन्दगी उसकी आबाद कर देंगे खुद को मीट कर हम एक बात साबित कर देंगे हम पीछे नहीं हटेंगे , चाहे खुद को ख़ाक कर देंगे […]

मोहोब्बत को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है सजा तो साहिब बेवफाई देती है दे कर ज़िन्दगी भर का गम इंसा को ये , ज़िंदा-लाश बन जाने की सजा देती है ………………!! (d k)

मैं हु एक शराबी शराब जानता हू कुछ नहीं सिवा इसके नाम जानता हू उतर जाती है ये सीनै में सुकून देने कुछ नहीं में इसका ईमान जानता हू मैं हु एक शराबी शराब जानता […]

तेरी आंखें में जैसे कोई नशा दिखाई पड़ता है तेरे होंठ में जैसे कोई मदिरा दिखाई पड़ता है ये तेरा धीरे धीरे पलकों को उठा कर हँसना तेरे मुस्कुराहट में जैसे कोई कतल-ऐ-अंदाज़ दिखाई पड़ता […]

  ये गुलाब थोड़ा तनहा-तनहा सा है ये गुलाब थोड़ा बिखरा-बिखरा सा है छूटा है ये शायद किसी के हाथों से ये गुलाब थोड़ा सहमा-सहमा सा है रहता है काँटों के साथ है कर, खुसी […]

मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ कुछ तो मेरे दिल मैं भी अरमान होंगे तुम जानते हो क्या है मेरी आखरी खुवाईश मुझसे पूछने चले […]

उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो, हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!

खुद को शराब, और अपनी जवानी को नशा कहते है खुद है वो एक मुर्दा और हमको वो फनाह कहते है हुसन-ऐ-शबाब परोसना एक काम-ऐ-सबाब है उनके लिए इबादत-ऐ-मोहोब्बत को वो एक संगीन गुनाह कहते […]

बस एक यही अदा हमको उसकी भाती नहीं है के बुलाने के बाबजूद भी वो मिलने आती नहीं है, मोहोब्बत है उसको हमसे हम जानते है यूँ तो बस अपने मुँह से वो हमको कभी […]

बहुत काम शब्दो मैं बया कर दी मैंने अपनी सक्शियत इस से भी काम शब्दो मैं बया करूँगा तेरी बेवफाई को , ज़माना भी जान पाएगा तेरे जैसे हरदर्द के किस्से को ज़माना भी जान […]

तेरे शहर का मौसम मैंने अजीब देखा लोगो का वह पैर एक अलग तहज़ीब देखा, खरीद सके न मुझ से इंसा को वो एक कौड़ी-ऐ-खुसी देकर तेरे शहर के लोगो को मैंने बहुत गरीब देखा, […]

तड़प कर देख एक बार ज़ालिम कभी खुद को किसी पैर फनाह भी कर, सजा भी बाखूबी मिलेगी तुझ को चाहत मे बशर्त है की तू मोहोब्बत करने का गुनाह तो कर……………!!

दर्द जब उसको होगा, तब तड़प का उसको भी एहसास होगा, जब ठुकराएगा कोई उसको, तब उसको हमारी मोहोब्बत का विश्वास होगा, न था हमारी ज़िन्दगी मैं कोई उसके अलावा, न उसके अलावा ज़िन्दगी मैं […]

अपनी पहचान को मैं सर-ऐ-आम कैसे करू अपनी चाहत को मैं गुमनाम कैसे करू उसने नहीं की बफ मेरे साथ ये और बात है भला मैं इस मोहोब्बत शब्द को बदनाम कैसे करू…………………!!

सुना है वो फिर से हमें चाहने लगे है आँखों से आंसू बहाने लगे है झेल रहे है वो भी शिकस्त-ऐ-पछतावा सुबह-ओ-शाम हमको बुलाने लगे है……………………………..!!

जान निकल गई जिस्म से मगर, मोहोब्बत का अरमान न मिटा, रूठ गई मोहोब्बत मगर, दिल का ईमान न मिटा, टूट गया खुवाबगाह चाहत का, और लूट गई हर चाहत मेरी, मिट गई पूरी ज़िन्दगी […]