बड़ी कश्मकश में फ़स गया हु मैँ उस से आखरी मुलाकात के बाद के उसको पाने का दिल में शौख रखू या किया हुआ वादा निभाने का खौफ रखू……….!! (d k)
बड़ी कश्मकश में फ़स गया हु मैँ उस से आखरी मुलाकात के बाद के उसको पाने का दिल में शौख रखू या किया हुआ वादा निभाने का खौफ रखू……….!! (d k)
अपने हुसन से पर्दा उठाते हुए वो बोले हमसे कुछ इस अंदाज़ में साहिब हमें देखने के बाद, होश में रहोगे तुम या औरो की तरह बेहोश रहोगे………….!! (d k)
आखरी खुवाईश के तोर पर उसका ये सवाल था हम से के मरना चाहेंगे हम खंज़र से, या उनकी बेवफाई का शिकार बने…….!! (d k)
उनके दिल की हमने एक अजीब खुवाईश देखी शहर में उनके मौत की अलग ही नुमाईश देखी फनाह होने लगे लोग उसके एक इशारे पर वहा उसके शहर मे मोहोब्बत की अलग ही आजमाईश देखी………!! […]
खुवाईश-ऐ-दिल के चलते मैं राख हो जाऊ के तुम्हारा रहू या फिर ख़ाक हो जाऊ……….!! (d k)
हम दोनों का शौख भी बड़ा अजीब है साहिब हम उन पर मेहरबान है, और वो हमारी शायरी पर……………!! (d k)
क्यों मुझ से रूठे रहते हो तुम क्यों तुम मुझ से नज़रें चुराते हो जानते हो जी नहीं सकता तुम्हारे बगैर क्यों मुझे इतना इश्क़ मैं तरसाते हो न जाने कितना इंतज़ार करता हु मैं […]
दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d […]
मोहोब्बत की आज़माइश कुछ ज्यादा हो गई है इश्क़ की नुमाइश कुछ ज्यादा हो गई है लोग अब खेल समझने लगे है इस पाक रिस्ते को शायद चाहत की खुवाईश कुछ ज्यादा हो गई है […]
एक बात मुझे याद आती है खूबसूरत वो रात याद आती है खूबसूरत जब मिला करते थे हम दोनों दुनिया से तनहा हो कर वो मुलाकात मुझे याद आती है खूबसूरत……………..!! (d k)
उसने हमारी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमने उसकी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमें मिलता कभी एक कटरा-ऐ-खुसी तो सोचते हमें मिल गया सब कुछ, इश्क़ मैं उसने जो माँगा …………….!! (d k)
वो हमको गले से लगाना भूल गए रुलाने के बाद हमको हसाना भूल गए कुछ इस कदर खो गए वो अपनी शख्शियत-ऐ-बेवफाई मैं जिन्दा मार तो दिया, मगर हमको काबर मैं दफनाना भूल गए ……..!! […]
मोहोब्बत मैं किसी की कोई खता नहीं होती दिल मैं हर किसी के हरदम बफा नहीं होती जरा संभल कर जाना इस समुन्दर-ऐ-इश्क़ मैं साहिब ये वो नासूर है दिल का, जिसकी कोई दवा नहीं […]
रिश्तों के दरमियान शक न तुम करना, न मैं करूँगा मोहोब्बत कभी कम न तुम करना, न मैं करूँगा जरुरत पड़ी तो आज़मा लेना हमको बिना एक लव्ज़ कहे अंजाम की परवाह न तुम करना, […]
काश ऐसा दिन भी कभी आया होता जब उसने मुझे गले से लगाया होता और कहता मुझ से क्यों उदास हो तुम और उसने मुझ को अपना सब कुछ बताया होता………!! (d k)
काश उसने हमारी मोहोब्बत को कभी समझ होता काश उसने कभी हमारे दिल मैं झाँका होता कितनी सिद्दत से छह है उसको ये पता चलता उसको काश उसने कभी हमसे खुद के बारे मैं पूछा […]
आज हम हर बात साफ़ कर देंगे उसको और ज़िन्दगी उसकी आबाद कर देंगे खुद को मीट कर हम एक बात साबित कर देंगे हम पीछे नहीं हटेंगे , चाहे खुद को ख़ाक कर देंगे […]
मोहोब्बत को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है सजा तो साहिब बेवफाई देती है दे कर ज़िन्दगी भर का गम इंसा को ये , ज़िंदा-लाश बन जाने की सजा देती है ………………!! (d k)
Some People Say to me that i am not able to express my feeling of love because i am poor How could i teach them all that Love is not the fact of […]
Kitaab-e-Ishq ka sahukh kaun rakhta hai Gam-e-Chahaat ka khauf kaun rakhta hai Wo to sawal tha kuch apno ke Aansuon ka Warna Chahat-e-Dil ko khamoosh kaun rakhta hai…………!!
Lapait lo Chadar-e-Ishq, Gam-e-Thand Bahut hai Ye Seher hai Parayon ka, Yaha Apne Bhi paraye hote hai…………!!
Mohobbat ki baat wo hamse aaise karte hai Jaise ki wo kisi se koi faryaad karte hai Aur kar rakha ho unhone koi gunaah ishq main Gunaahgaar ki tarah apne gunaah ka hisaab karte […]
Honthon per hassi, Husun-e-Kamaal Rakhte Ho Hamari Tarah hi Tum bhi dil main ishq-e-sawal rakhte ho……….!!
तुझ से मोहोब्बत की आजमाईश करू या तुझ से अपने दिल की कोई खुवाईश करू करू तेरे इस चेहरे का सज़दा , या फिर अपने इश्क़ की नुमाइश करू……….!!
मैं हु एक शराबी शराब जानता हू कुछ नहीं सिवा इसके नाम जानता हू उतर जाती है ये सीनै में सुकून देने कुछ नहीं में इसका ईमान जानता हू मैं हु एक शराबी शराब जानता […]
तेरी आंखें में जैसे कोई नशा दिखाई पड़ता है तेरे होंठ में जैसे कोई मदिरा दिखाई पड़ता है ये तेरा धीरे धीरे पलकों को उठा कर हँसना तेरे मुस्कुराहट में जैसे कोई कतल-ऐ-अंदाज़ दिखाई पड़ता […]
पूछा जो उस ने हम से की अब कैसे रहते है हम, हमने भी हँस कर जवाब दे दिया की अब तनहा रहते है हम……………………!!
ये गुलाब थोड़ा तनहा-तनहा सा है ये गुलाब थोड़ा बिखरा-बिखरा सा है छूटा है ये शायद किसी के हाथों से ये गुलाब थोड़ा सहमा-सहमा सा है रहता है काँटों के साथ है कर, खुसी […]
मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ कुछ तो मेरे दिल मैं भी अरमान होंगे तुम जानते हो क्या है मेरी आखरी खुवाईश मुझसे पूछने चले […]
उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो, हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
अब जा के यकीं आया है मुझ को इस लव्ज़-ऐ-मोहोब्बत पर के लोग अब मुझको तेरा दीवाना कहने लगे………………………!!
अपनी मोहोब्बत का किस्सा बहुत छोटा है, बस ज़िन्दगी गुज़र गई, मोहोब्बत करते करते………….!!
मोहोब्बत का अगर दर्द देने का उसूल न होता, न जीने मे मजा होता, न मरने मे मजा होता………….!!
कुछ इस तरह से उस ने हम से मोहोब्बत कर ली जैसे किसी ने किसी के झूठ पर ऐतबार कर लिया हो…………….!!
खुद को शराब, और अपनी जवानी को नशा कहते है खुद है वो एक मुर्दा और हमको वो फनाह कहते है हुसन-ऐ-शबाब परोसना एक काम-ऐ-सबाब है उनके लिए इबादत-ऐ-मोहोब्बत को वो एक संगीन गुनाह कहते […]
उनकी तग़ाफ़ुल का नतीज़ा क्या कहे तुम सब से हम अपनी मोहोब्बत को तबाह कर बैठे, वो न जी सके हमारे बेगैर, और हम न जी सके उनके बेगैर वो भी ज़हर खा बैठे, हम […]
बस एक यही अदा हमको उसकी भाती नहीं है के बुलाने के बाबजूद भी वो मिलने आती नहीं है, मोहोब्बत है उसको हमसे हम जानते है यूँ तो बस अपने मुँह से वो हमको कभी […]
क्या कह मैं तुम सब से अपने दिल के किस्सा ये किसी के मोहोब्बत का नतीजा है, मैं हु उसका पाक-ऐ-मोहोब्बत और वो मेरी चाहत-ऐ-पाकीज़ा है…………….!!
क्यों सजा देते हो इसको, ये कही से भी गुनाहगार नहीं सारा कसूर मेरे है लोगो, ये शराब कसूरवार नहीं…………!!
कोई गुनाह नहीं है इसका और न ही ये कसूरवार है, हर टूटे दिल का भला करती है जो ये वो मासूम शराब है……………………..!!
लोग तो पीते है इसको खुद को भुलाने के लिए, हम पीते है इसको उसको याद आने के लिए, लोग तो पीते है इसको किसी से दूर जाने के लिए, हम पीते है इसको उसको […]
बड़ा सुकून देती है ये शरीर मैं मिल जाने के बाद, लोग तो यू ही बदनाम करते है इस मासूम शराब को…………..!!
बहुत काम शब्दो मैं बया कर दी मैंने अपनी सक्शियत इस से भी काम शब्दो मैं बया करूँगा तेरी बेवफाई को , ज़माना भी जान पाएगा तेरे जैसे हरदर्द के किस्से को ज़माना भी जान […]
तेरे शहर का मौसम मैंने अजीब देखा लोगो का वह पैर एक अलग तहज़ीब देखा, खरीद सके न मुझ से इंसा को वो एक कौड़ी-ऐ-खुसी देकर तेरे शहर के लोगो को मैंने बहुत गरीब देखा, […]
तड़प कर देख एक बार ज़ालिम कभी खुद को किसी पैर फनाह भी कर, सजा भी बाखूबी मिलेगी तुझ को चाहत मे बशर्त है की तू मोहोब्बत करने का गुनाह तो कर……………!!
दर्द जब उसको होगा, तब तड़प का उसको भी एहसास होगा, जब ठुकराएगा कोई उसको, तब उसको हमारी मोहोब्बत का विश्वास होगा, न था हमारी ज़िन्दगी मैं कोई उसके अलावा, न उसके अलावा ज़िन्दगी मैं […]
अपनी पहचान को मैं सर-ऐ-आम कैसे करू अपनी चाहत को मैं गुमनाम कैसे करू उसने नहीं की बफ मेरे साथ ये और बात है भला मैं इस मोहोब्बत शब्द को बदनाम कैसे करू…………………!!
सुना है वो फिर से हमें चाहने लगे है आँखों से आंसू बहाने लगे है झेल रहे है वो भी शिकस्त-ऐ-पछतावा सुबह-ओ-शाम हमको बुलाने लगे है……………………………..!!
जान निकल गई जिस्म से मगर, मोहोब्बत का अरमान न मिटा, रूठ गई मोहोब्बत मगर, दिल का ईमान न मिटा, टूट गया खुवाबगाह चाहत का, और लूट गई हर चाहत मेरी, मिट गई पूरी ज़िन्दगी […]
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