Baarish

ए बारिश तेरे रूप अनेक, तू समझ किसे ही ना आती
कभी तरसाए मौसम में, कभी बेमौसम बरस जाती
आते जाते आँसू कभी , खुशी और गम के दे जाती
कल्पना तेरे बिना जीवन की, संभव ना हो पाती

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