ए बारिश तेरे रूप अनेक, तू समझ किसे ही ना आती
कभी तरसाए मौसम में, कभी बेमौसम बरस जाती
आते जाते आँसू कभी , खुशी और गम के दे जाती
कल्पना तेरे बिना जीवन की, संभव ना हो पाती
Baarish
Comments
7 responses to “Baarish”
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Good
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Very nice
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Nice
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Nice
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Nice
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सुन्दर
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Good
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