करी थी आरजू एक जो पूरी ना हुई पर एक सबक दे गई किसी को इतना नजदीक मत लाओ कि वह आपकी शुभ -ओ-शाम जाए
करी थी आरजू एक जो पूरी ना हुई पर एक सबक दे गई किसी को इतना नजदीक मत लाओ कि वह आपकी शुभ -ओ-शाम जाए
क्या हुआ अगर आप हमसे खफ़ा हो गये । सांसे थम गई सपनें जुदा हो गए
तुम्हें क्या पता के हमें छोड़ कर तुमने क्या खोया है कोहिनूर को शीशा समझ कर तुमने हीरा खोया है। सिर्फ़ उसे पाने की खातिर जो चन्द दिनों के लिए तेरा है।
तुम्हें क्या पता के हमें छोड़ कर तुमने क्या खोया है कोहिनूर को पीतल समझ कर तुमने हीरा खोया है। सिर्फ़ उसे पाने की खातिर जो चन्द दिनों के लिए तेरा है।
मात खा गए हम आज ज़िन्दगी की आरज़ू में । मौत भी ना नसीब हुई इश्क की आरज़ू में । समझते थे प्यार को खूबसूरत ग़ज़ल हम दर्द ही पाये हर कदम पर जीते थे […]
कभी सोचा ना हो वह काम हो जाता है, जो करीब है वह दूर चला जाता है। मासूम सा चेहरा इन नाज़ुक-ए- हथेलियों से, हिना का रंग-चंद अश्कों से उतर जाता है। फरेब करने वाले […]
जिसे अपना समझकर चाहतें रहे एक उम्र भर जिसे अपना कहकर इतराते रहे एक उम्र भर जिससे आईने में देखकर शर्माते रहे एक उम्र भर जिसे अपनी हर दुआ में खुदा से मांगते रहे उम्र […]
रूठ जाना भी भला है तुम्हारा मुझे मनाने का मौका तो मिलता है कर देते हो नज़रंदाज़ मुझे सताने का मौका तो मिलता है…. कर जाते हो जो बेवफाई की बातें उन्हें पहचानने का मौका […]
आलोक हो महाकाल तुम मेरे जीवन का आधार तुम कल्पना की दहलीज़ पर आये हो बन मेहमान तुम….. मीत हो तुम प्यार का संगीत हो और धीरज का दमकता गीत हो रूबरू होने का मौका […]
जान लेते अगर मनाने का सलीका तुम तो चंद दिन ज़िन्दगी के तेरी चाहत में और कुर्बान कर देते और रो लेते कुछ रातें तुम्हारी यादों में तड़पकर कुछ और तुम्हें जान लेते और बदनाम […]
है गुजारिश इतनी ही के अब और ना रुलाओ तुम किये जिन्दगी भर सितम अब और ना सताओ तुम नहीं हूँ पत्थर मैं इन्सान की ही मूरत हूँ जान कर बेजान अब और ना ज़ुल्म […]
अच्छा हुआ जो तुमसे मुलाकात नहीं हुई मुझे कितनी शिकायतें हैं तुम मेरी आँखों में पढ़ लेते।
दर्द की आह में तड़पते हैं तुमसे मिलने को तरसते हैं है इतनी गमगीन ज़िन्दगी फिर भी तुम हाल पूछते हो तो कह देते हैं के अच्छे हैं ।
करते हैं बहुत प्यार हम हिन्दुस्तान से अपने रहता है बहुत फक्र हिन्दुस्तान पर अपने इसकी एकता अखंडता पर हमको नाज़ है लहराता है तिरंगा हिन्दुस्तान पर अपने ।
गुजारिश करते हैं हम आज तुमसे एक मानोगे? लुटाओगे मुझ पर जान मेरी ही बात मानोगे। नही जाओगे तुम दूर अब गैरों की बाहों में सजाओगे नहीं सपनें तुम अब दूजी फिज़ाओं में । इस […]
कभी -कभी तो आते हैं तुमसे मिलने! यूँ मुँह ना फेरो हमसे रूठे हो तो रूठे रहो नज़रें तो मिलाओ हमसे। इतना गुस्सा भी ठीक नहीं साहिब! यूँ मलाल लिये बैठे हो सज़ा देनी है […]
कभी -कभी तो आते हैं तुमसे मिलने! यूँ मुँह ना फेरो हमसे रूठे हो तो रूठे रहो नज़रें तो मिलाओ हमसे। इतना गुस्सा भी ठीक नहीं साहिब! यूँ मलाल लिये बैठे हो सज़ा देनी है […]
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी आँखों से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी याद से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
गुलामी की जन्जीरों में जकड़े है ज़िस्म मेरा इस दिल का सौदा करें भी तो कैसे। जिस्म तो जिस्म रूह भी है बेबस तुझे मोहब्बत का सजदा करें भी तो कैसे। तुम सोचोगे सब बहाने […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
रोज सोचते यही है उनसे तोड़ देंगे सारे नाते याद में उनकी नहीं कटेगी रो-रोकर मेरी रातें फ़ैसला जब करते हैं हम दिल रोक लेता है मेरी याद से बहे समंदर घुटती हूं अंदर ही […]
पता नहीं इबादत के किस मोड़ पर हूं तेरी जरूरत भी नहीं तेरी कमी भी है होठों पर हंसी और आंखों में नमी भी है तेरे जाने का मलाल भी नहीं तेरे आने का इंतजार […]
तबल ऐसी कि साँसो में बसा लें उन्हें किस्मत ऐसी की दीदार को मोहताज हैं हम।
तुम्हें चाहा था आवाज सुनकर मुस्कुराती थी तेरे ख्वाब बुनकर अब जान गयी दर्द क्या होता है अक्सर हँस देती थी इश्क की बात सुनकर।
यूँ ना मिला कर रकीबों की तरह साथ चल फलसफ़े की तरह…… हिचिकियाँ रात भर आईं…. और सोने ना दिया तूने याद किया हो जैसे दिलबरोँ की तरह….
मेरे लफ्जों में तभी तक दम है जब तक तुम हो, तब तक हम हैं। मेरी प्रेरणा तुम हो,मेरी कविता तुम हो जब तक दिल है तब तक तुम हो।
गुजरे कल की बातें लेकर तुम भी क्या बैठे रहते हो नया साल आने वाला है तुम आज भी कल में जीते हो।
एहसास की दहलीजों पर कुछ शब्दों के घेरे हैं इस प्यार की राह में अक्सर कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं तुम दूर कहीं ना जाओ पल-पल ये दिल कहता है वीरान है तुझ बिन दुनिया एहसास […]
जीने को यूँ जीती हूँ जैसे कोई गुनाह किये जा रही हूँ मैं। गीत भी गा रही हूँ, ईद भी मना रही हूँ। ज़िन्दगी की बज़्म फ़िर सजा रही हूँ मैं।
एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]
ए दिल! गम ना कर मिल ही जायेगी मज़िल। यूं मायूस हो जाना अच्छी बात नहीं । कितने कदम रोज़ चलती हूँ तेरी और, तुम उतना ही दूर नज़र आती हो ये तो अच्छी बात […]
फूलों से भी ज्यादा कोमल है ह्रदय शब्दों के बाण से मत छेदो प्रेम की रसधार से जीवन की बगिया सींचो
लम्हों को जी लो दिल कहता है जो आज में जीता है वो ही कल खुश रहता है । तो मुस्कराईये और अपना कल बनाइए ।
हम सरकारी नौकरी के पीछे पागल हैं,दीवाने हैं हम भविष्य की चिंता में देखो दीवाने हैं,मस्ताने हैं । लोग समझते यही रहे हमें आखिर कौन-सा रोग लगा? हम बेरोजगारी रोग से पीड़ित है हमें गवर्नमेंट […]
बीती रात जब मैं यादों के आगोश में जाने लगी कल्पना के स्वर्ग में तुमको जरा पाने लगी तभी मेरा ह्रदय वेदना की आग में तपने लगा और यों कहने लगा ‘तुम भी क्या अनोखी […]
कभी तो मिल ही जाओगी ए मंजिल! यूं रोज तड़पाना अच्छी बात नहीं
कभी ना भूलेगी वो पूस की रात……. ठंडी सर्द हवाओं और बारिश की बूंदों के साथ…… मैं और मेरी तन्हाई बस दो ही थे। उस दिन वो बारिश की नर्मी और चादर की सिलवट वैसी […]
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।
जीने को इशारा दे दो डूबते को सहारा दे दो अर्सा हुआ तुझे देखे हुए, इन नजरों को नजारा दे दो।⚘⚘⚘⚘
🌹🌹कभी ना भूलेगी वो 🌹🌹 पूस की रात……. ठंडी सर्द हवाओं और बारिश की बूंदों के साथ…… ⚘⚘⚘ मैं और मेरी तन्हाई बस दो ही थे। ⚘⚘⚘ उस दिन वो बारिश की नर्मी और चादर […]
कभी तो इन गलियों में आकर तो देखो, माना बहुत अन्धेरा है । शायद तुम्हारे आने से मेरा जहान रौशन हो जाये।
मिल जाती परछाई भी अगर तुम पीछे मुड़ कर देख लेते। दूर हो जाती गलतफहमी की ठंडक । अगर तुम यादों की धूप में दो पल खुद को सेंक लेते।
देख कर आज मौसम की ये मस्तिया, दिल में हलचल सी कुछ अब होने लगी। देख कर नूर सा तेरा मुखडा प्रिये, मन में बेताबिया सी है उठने लगी। इस पवन ने शरारत कुछ ऐसी […]
तुम्हारी चादर में लिपटे कुछ शक के दाग थे। तुम मेरी मंज़िल और तुम्ही हमराज थे। क्या थे दिन और क्या लम्हात थे। कुछ अंजाम और कुछ आगाज़ थे। इल्जाम लगा किस्मत और हालात पर […]
गीत कोई गा रही हूँ छेड़ कर तार दिल के प्रीत के धागे है सुन्दर अश्क के मोती पिरोकर मन-गगन महका रही हूँ ।
सुबह के सूर्य को अभिनन्दन देवों के देव को अभिनन्दन । है अपनी जीत को अभिनन्दन है अपनी हर को अभिनन्दन ।
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