पुण्य का हिसाब देकर नहीं बनना पाप का हकदार, अवगत इतना बस कराता चाहता। सैकड़ों लोगों का किया भूख से निदान, तुम भी आगे बढ़कर करो कुछ पुण्य प्रताप।। महेश गुप्ता जौनपुरी

मेरे गांव की मिट्टी में रोश बहुत है, लोगों में भाई चारे का प्यार बहुत है। सोंधी महक मिट्टी की याद आती है, मेरे गांव के युवाओं में जोश बहुत है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

मत मांग मुझे मैं अब हो गया हूं खाली, पहले जैसे नहीं रह गये मेरे गालों पर लाली। थक हार बेचैन सा हो गया हूं मैं दोस्त, अब मैं घास छीलने वाला लगने लगा हूं […]

मेरे गांव का मिट्टी मुझे बुला रहा है, मेरे गांव का झप्पर मुझे याद आ रहा है। मेरे मां के हाथों का ब्यंजन और लोरी, मेरा गांव इशारों इशारों में मुझे बुला रहा है।। ✍महेश […]

मिट्टी खजानों का अनमोल घर है, जीवन प्रदान कर रहा शहर को है। खनिज पदार्थ खाद्य पदार्थ का खजाना, मिट्टी पर ही अमीर गरीब का नजर है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

खूशबू मिट्टी की तो एक है, तड़प दिल का मित्र अनेक है। सबको याद सताता है गांव, मिट्टी के संग जुड़े प्यारे खरवास है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

दौड़ खेल कर तो हम भी बड़े हो गये, जिम्मेदारीयां संग शहर में दौड़ गये। पेट की भूख शहर की याद दिला दी, इसलिए अपने वतन मिट्टी को वेबस होकर छोड़ गये।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बता दो दहाड़ कर डर नहीं लगता, शेर पिंजरे से अब जख्म नहीं देता। शायद भूल गये हो तुम मैं कौन हूं, वरना बातें बनाकर कर नहीं घुड़कते मुझे है पता‌।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बुलंदियों से पुछ लिया कौन हो तुम, शेर के भेष में कोई और हो तुम। मुझे भी जान लो ये मित्र कौन हूं मैं, अपने लिबाज़ को उठा देखो मेरे मित्र हो तुम।। महेश गुप्ता […]

इस लाकडाउन में मैं तुम और चाय है साथी, कोरोना जैसी वैश्विक महामारी है सब पर भारी। करो जतन सब मिलकर कोरोना के प्रकोप का कुछ आदमखोर इंसानों से ये दुनिया आज हारी।। महेश गुप्ता […]

मैं मजदूर हूं साहब यह सौभाग्य है मेरा, देश के लिए करना मजदूरी काम है मेरा। करते करते मजदूरी देश को समृध्द बनाऊंगा, आन बान शान का लाज रखना काम है मेरा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बहुत आहत हुआ हूं देख तुम्हरा हाल, एक मशाल जलाऊंगा बनकर मैं मिशाल। मजदूर नहीं मजबूर होगा करूंगा मैं प्रयास, मुझ पर भरोसा रखना मैं हूं देश का लाल।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

चादर बांट हौसले मुझे नहीं तोड़ना, मजदूर भाई मुझे तुम्हारा राह नहीं मोड़ना। तुम्हारे हक का हम दे सकें मेहनताना, बड़े बनकर तुम्हारा हक मुझे नहीं है छिनना।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कभी झांक कर देखना मजदूर के घर, मजदूर कितना मजबूर हो गया है । टूट के बिखर कर कितना दुखी हो गया, पेट के भूख ने ही ऐंसा हाल बना दिया है।। ✍ महेश गुप्ता […]

इस संसार में ना जाने कितने चेहरे है, जिम्मेदारीयों पर बहुत सारे पहरे है। मजदूर परेशान क्यो है जान तो लिजिए, उसके किस्मत पर ना जाने कितने लहरें है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कविदीप लिखों एक ऐंसा संदेश, जो मजदूरों का हक करें अदा । खून पसीने का सही मुल्य मिले, आपके लेखनी को पढ़ मजदूर हो फिदा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर है जीता शान से, देख खुशी तिलमिलाए अमीर। मजदूरी करके चैन से सोता खाट पर, मखमल का बिस्तर आराम ना दें शरीर को।। महेश गुप्ता जौनपुरी

हे भगवान ये लाकडाउन हटा दो, नहीं तो ये कोरोना मिटा दो । तंग आ गया हूं फोन उठाकर झूठ सुनते -2, ये कमीने दोस्तों का मोबाइल ब्लास्ट करा दो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

खुलीआंखों से हमने भी ख्वाब देखें, तेरे चेहरे पर हमने भी जज्बात देखें । सुना था आंधी कुहासे को उड़ा ले जाता है, दो टूटे हुए दिल को कांटेदार गुलाब मिला देता है।। ✍महेश गुप्ता […]

प्यार का तोहफा खरीदने में वक्त तो लगता है, सच्चे प्यार को बंया करने में वक्त तो लगता है, दिल से दिल का तार जोड़ने में वक्त तो लगता है, प्यार को इजहार करने में […]

आतंकवाद के जड़ों में पानी डालो करके गर्म, हिन्दू मुस्लिम कहकर बरगलाने वालों को दो सजा। मजहबी बनकर जो फैलाते है आतंक दो सजा, फांसी के फंदे पर लटका कर आंख नोंचकर दो सजा।। ✍महेश […]

कोरोना के डर से सारी दुनिया कांप गयी, चीन के दोगलेपन चाल को दुनिया भांप गयी। एक एक भयानक शहर को कोरोना निगल रहा, कोरोना के आतंक से देश दुनिया सहम रहा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बदल सको तो बदल दो कानून व्यवस्था को, फांसी पर लटका कर मारो बहसी दरिंदों को। कब तक आस लगाकर हौसला बढाओंगे दरिंदों का, उदय से पूर्व मिटा दो मिलकर खेल बहसी दरिंदों का।। ✍महेश […]

जिसने हमको छेड़ा हमने कभी उनको छोड़ा नहीं, बातों बातों में धूल चटाया कान कभी मरोड़ा नहीं। दख़ल दिये जो मेरी जिंदगी में समझा उनको रोड़ा नहीं, तोड़ कर दुश्मन के बदन की हड्डी को […]

जाग उठा था आशा आजादी के परवानों का, वीर बहादुर भगत सिंह जब अंग्रेजों को ललकारा था। कतरे कतरे खून के बूंद का यही नारा था, हिन्द की धरती हिन्दुस्तान भाईयों को बहुत प्यारा था […]

जिंदगी ये मेरी जिंदगी मुझे क्या से क्या बना दिया। इस लाकडाउन में जीना मरना सिखा दिया।। उम्र में पहली बार सुकून के पल दे दिया । परिवार के संग हंसने खेलने का वक्त दे […]