गांधी,भगत,चद्रशेखर ,झाँसी की महारानी हम सब की खातिर जिसने,अपनी जान गवा दी अम्बर से धरती पर आये,ये वतन बचाने आज़ादी क्या होती है,ये मूल पाठ पढ़ाने -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

तुम धरा सी धीरजता, सूर्य सी तपन बन जाओ आंच न देश पर आये, चिंगारी हो,अगन बन जाओ रोक दो आतंक को, वीरो तुम प्रलय बन जाओ बाँध कर सर पे कफ़न, तुम तूफ़ान से […]

गहरा है ये मेरा प्यार, बहना करती है इंतज़ार जा बसे तुम विदेश भैया कैसे बांधूंगी अब राखी राखी के धागों में पिरोये प्यार के मोती तेरा सुखी रहे संसार मत भूलना मेरा प्यार आया […]

बहना की राखी में, राखी के धागों में रक्षा है,शिक्षा है आशीष है, दुआ है अटूट बंधन है रोली है चन्दन है पावन पर्व का अभिनन्दन है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

आज दिल में छुपे हर राज़ लिखने बैठा हूँ, तुझको अपने ख़्वाबों किस्सों का सरताज लिखने बैठा हूँ, एतराज़ हो कोई तो मुझसे खुल कर कह देना, आज खामोशी को भी तेरी आवाज लिखने बैठा […]

सच के समन्दर में झूठ की कश्तियाँ डूबती नज़र आती हैं, जहाँ तलक नज़र जाती है बस सच की कश्तियाँ नज़र आती हैं, बढ़ते झूठ के सुनामी हैं कई सच की बस्तियाँ गिराने को, मगर […]

किसके कहने पे ये डाली झूम- झूम इठलाती है, तेज हवा के झोंके से ये पत्ती क्यूँ गिर जाती है, बारिश की ये बूँद भला क्यूँ खुदपर इतना इतराती है, धरती से मिल जब अपना […]

जी ले जीवन ऐ मनवा, ये जग तो रैन बसेरा न हो बंधन न हो मुक्ति, नित रहे प्रिय का पहरा जी ले जीवन ऐ मनवा, ये जग तो रैन बसेरा -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

ये सावन है,मनभावन मन में उठे उमंग हज़ार क्यों लगे ये बार बार संजू सवरू करूँ श्रंगार नैना तकें,पिया का आवन ये सावन है मनभावन -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

बिछड़ गए मीत जिनके, मनवा उन्हें बुलाये छाये घटा सावन की जब, नैना भर भर आये मन सावन गीत गए, मेरा पिया,जब घर आये -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-