कहीं से आती है सदा जहाँ आवाज़ ने दम तोडा
कहीं से आती है सदा जहाँ आवाज़ ने दम तोडा
गर्म पैरहन में लिपटे चांदनी से ख्वाब
ज़िंदगी एक तमाशा वक़्त एक मदारी
उसकी हसरतें टूटे खिलौनों सी ताउम्र उजरी कुछ बचपन सी
चलो उस बीज की तलाश में पौध जिससे कोई नया उगे
वक़्त लिखता रहा कागज़ पे हम उसे मोड़ के बैठे रहे
पिघले ख्वाब पिघले ही रहे वक़्त कुछ गर्म रहा ऐसा
मैं जानता था सच तेरी खातिर अजनबी रहा
कभी तो मौसमों सा न बदलों हर मौसम में फिर लिबास बदलना पड़ता है
कल भी तन्हाई कुछ ऐसी थी लफ्जों में कोई फासला न था
कल फिर आएगा कल कल फिर निकल जायेगा कल राजेश’अरमान’
खुद भी कभी दिखाई न दिए आईने का खौफ ही कुछ ऐसा था राजेश’अरमान’
थक के सो गए तारे भी मेरी नींद को इंतज़ार ही कुछ ऐसा था राजेश’अरमान’
न वक़्त बेवफा न ज़माना बस फासलों ने वफ़ा न की राजेश’अरमान’
तेरी उल्फत से वाकिफ था मगर लुत्फ़ बेवफाई का उठाने निकला राजेश’अरमान’
ღღ__बिन मौसम बरसात यूँ, जला रही है मुझको “साहब”; . जैसे शमाँ जलाती है, अपने परवाने को बुला के पास!!….#अक्स .
जबसे उन्होंने हमसे मुँह लिया मोड़ हमने उनकी गली को दिया छोड़ जबसे उन्होंने मिलने से किया मना हमने सब अरमानो को किया फना ……यूई
आज आपकी अलविदा को, हमने दिल से यूँ मान लिया दुआ करके खुदा को, तुम्हारी कब्र पे आखिरी सलाम किया ….. यूई
कोई भी करे प्यार मना मुझको इसका ना पड़ता कोई फर्क मुझको अब ना कोई उम्मीद रखी किसीसे सारी प्रीत रची ख़ुद के ही दिलसे ….. यूई
कौन किसका यहा अपना होता है कौन किसका यहा सपना होता है दिल का बस यह भ्रम होता है ख़ुद का यहा सिर्फ़ क्रम होता है ….. यूई
कितने भी तुम शहर भटक लो घर उसका ही सबसे प्यारा है कितने भी तुम दर खड़क लो दर उसका ही सबसे न्यारा है ….. यूई
प्यार मोहब्बत दोस्ती वफ़ा है सब किताबी अफ्साने यहां तेरी ना किसी को लगन यहां सब ख़ुद में ही है मगन यहां ….. यूई
किसको किसकी पड़ी है यहां सबकी नज़रे ख़ुद में गड़ी यहां ….. यूई
कौन यहां पे किसकी सुनता है हर कोई अपने ही सपने बुनता है ….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई
मांगो तो फटकार मिलेगी भागो तो दुत्कार मिलेगी छीनो तो कारागार मिलेगी ठगो तो आह बेकार मिलेगी ….. यूई
यह दुनिया बड़ी अवल्ली है यहां हर इंसान दुवल्ली है मांगो इससे तो यह खल्ली है ख़ुद लुटाए हो हो झल्ली है ….. यूई
ढूँढ ढूँढ तोहे मैं थकी आग विरह में मैं पकी कर यत्न मैं टूट चुकी तेरे मन को थाह ना सकी ….. यूई
नाम हो मेरा, बस नाम हो मेरा नाम नाम के ऐसी होड़ लगी सबको पीछे यह छोड़ चली कैसे भी हो बस नाम हो मेरा ऐसी हवा यह खुद्की चली सबको साथ यह ले उड़ी […]
इस दुनिया में नाम के उमर है उतनी जितनी इस जीवन में देह के जितनी ….. यूई
नाम की अपनी झूठी होड़ में मिलेंगे पागल तुम्हे हर मोड़ पे ….. यूई
तेरे नाम की अब किसको है आशा हर कोई है अपने ही नाम का प्यासा ….. यूई
ख़ुद के नाम में यूँ डूबी दुनिया उसके नाम को ही ले डूबी दुनिया …… यूई
रंजिशें कितनी भी निभा लो दुश्मन कितने चाहो बना लो दोस्त जितने चाहो गँवा लो नशा है ही ऐसा दौलत का इसे जितना चाहो बड़ा लो होड़ जितनी चाहे ल्गा लो सबको पीछे छोड़ दौड़ […]
अपनी नजरोँ में बस छुपा लो मुझको जमाने कीं नजरोँ से बचा लो मुझको आपकी नजरोँ में सिमट जाना है मुझको इन्ही नजरों में जीवन बिताना है मुझको …… यूई
पूछते हो के क्यों करते हो इश्क मुझसे सालों से जवाब इसका ढूँढ रहे हैं हम खुद्से …… यूई
पहली नजर का मेरा इश्क है बिन हिसाब का मेरा इश्क है ख़ुद में ही पावन यह इश्क है अकारण बिन-व्जह का इश्क है कह लो के पागल यह इश्क है माना तो सही के […]
एहसास तेरी पह्ली छुअन का मुझमें जिंदा बच गया मर कीं भी मुझमें …… यूई
अपने साजन संग मैं फहर गई इक आग सी मुझमें सहर गई अंग गोरे मोरे इक लहर गई बन तरंग सी मुझमें तैर गई …… यूई
मोहे अब कोई रंग ना फबता सिवा तेरे अब कोई ना जचता …… यूई
रंग जोगिया तेरा मोहे भा गया सजना इश्क तेरा मोरे दिलपे छा गया सजना मै तोरे प्यार में बस खो गई सजना रूह मेरी तोरी जोगन हो गई सजना लाज़ शर्म सब ताक आई मैं […]
रंग तेरे में रंग गई सजना इश्क तेरे में रंग गई सजना दिल अपने में बसा ले सजना अब तो अंग लगा ले सजना …… यूई
सबको एक नजर में अपना बना लेते हो कैसे तुम सबसे ही वफ़ा निभा लेते हो …… यूई
कैसा यह नजरोँ का खेल रचाया है रकीबों को भी इस खेल में नचाया है …… यूई
नजरो नजरोँ में ही कैसे नजर घुमा जाते हो अपनो को एक नजर में कैसे ज़ुदा कर जाते हो …… यूई
नजरो नजरोँ में ही मेरी नजर चुरा लेते हो नजरोँ में ही मेरी नजर अपनी बना लेते हो …… यूई
इस कदर प्यार से ना देखो मुझको नज़र कही ना लग जाए ख़ुद की मुझको …… यूई
अंग अंग अपना रंगाया तेरे इश्क में अपनी रूह को नहलाया तेरे इश्क में सब रंग अपने अपने चाहे दिखाते हैं दुनिया के रंग ना अब मोहे भाते हैं …… यूई
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