परछाई

मिल जाती परछाई भी
अगर तुम पीछे मुड़ कर
देख लेते।
दूर हो जाती गलतफहमी की
ठंडक ।
अगर तुम यादों की धूप में
दो पल खुद को
सेंक लेते।


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23 Comments

  1. Abhishek kumar - December 14, 2019, 3:39 pm

    Nice

  2. King radhe King - December 14, 2019, 4:16 pm

    Sudar

  3. Reema Raj - December 14, 2019, 4:22 pm

    Waaah

  4. Honey Shukla - December 14, 2019, 4:24 pm

    Sahi kaha

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 14, 2019, 5:32 pm

    Nice

  6. Abhishek kumar - December 14, 2019, 6:02 pm

    सुन्दर रचना

  7. Ganesh Ji - December 14, 2019, 6:42 pm

    Good

  8. Sivam Das - December 14, 2019, 10:50 pm

    Waah

  9. Amod Kumar Ray - December 15, 2019, 4:09 am

    शानदार

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