पूस की रात

कभी ना भूलेगी वो
पूस की रात…….

ठंडी सर्द हवाओं और
बारिश की बूंदों के साथ……

मैं और मेरी तन्हाई
बस दो ही थे।

उस दिन वो
बारिश की नर्मी
और चादर की
सिलवट वैसी ही थी
जैसी मैनें छोड़ी थी …..

मौसम कितना भीगा सा था
उस पूस की रात में
बारिश की बूंदों ने
मन के सारे घावों
पर मरहम लगा दिया था…….

मैं और मेरी तन्हाई बस
डूबने वाले ही थे
तुम्हारी यादों के
समंदर में………

अचानक मैंने देखा कि
एक बुलबुल काफी
भीगी हुई कांप रही थी
बारिश में भीग गई थी शायद…….

मुझे ऐसे देख रही थी
मानो मुझसे कह रही हो
मुझे आज यहीं रहने दो
एक रात का आसरा दे दो……

मैं एकटक उसी को
देखती रही ।
सुबह जब आंख खुली
तो देखा धूप बारिश की बूंदों पर
चमक रही थी …..

बारिश बंद थी ,
वह बुलबुल भी जा चुकी थी
शायद मेरे उठने से पहले ही
चली गई थी वो……..

लेकिन उसका एक
पंख पड़ा था
शायद मुझे एक रात
का नजराना या निशानी दे गई थी …….

उस पंख को
जब मैंने उठाया तो
लिखा था कि ‘फिर आऊंगी’……

आज फिर आ गयी ‘पूस की रात’
मुझे फिर से उस बुलबुल का
इन्तज़ार है…

मुझे कभी ना भूलेगी
वो बुलबुल वो बारिश और
वो पूस की रात ………


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47 Comments

  1. Abhishek kumar - December 16, 2019, 3:26 pm

    अति सुंदर रचना

  2. देवेश साखरे 'देव' - December 16, 2019, 3:34 pm

    सुन्दर

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 16, 2019, 7:45 pm

    झकास

  4. Arihant Ji - December 16, 2019, 8:02 pm

    Goood

  5. Amod Kumar Ray - December 16, 2019, 9:18 pm

    सुन्दर

  6. Deepu Ji - December 19, 2019, 9:57 pm

    Waah ji

  7. Preerti Shukla - December 21, 2019, 10:26 am

    Bahut hi sundar likha hai aapne

  8. Ankita Mishra - December 21, 2019, 10:36 am

    Badhiya hai

  9. Ankita Mishra - December 21, 2019, 10:36 am

    Sundar vichar

  10. Sivam Das - December 21, 2019, 10:57 am

    Waah ji

  11. Arihant Ji - December 21, 2019, 11:04 am

    अति सुन्दर रचना है

  12. Gijju. Raam - December 21, 2019, 11:07 am

    इस बार आप ही जीतेगी

  13. Gijju. Raam - December 21, 2019, 11:08 am

    अत्यधिक पसंद आयी

  14. Roopraani Ji - December 21, 2019, 11:11 am

    वाह वाह क्या बात है

  15. Reetu Honey - December 21, 2019, 12:24 pm

    सुन्दर भावपूर्ण अभिव्यक्ति

  16. Honey Shukla - December 21, 2019, 12:37 pm

    Sundar

  17. King radhe King - December 21, 2019, 12:43 pm

    Good

  18. Reema Raj - December 21, 2019, 12:48 pm

    Goood very good

  19. Reema Raj - December 21, 2019, 12:49 pm

    नई अभिव्यक्ति

  20. Pragya Shukla - December 21, 2019, 1:07 pm

    वोट के लिये धन्यवाद

  21. Anil Mishra Prahari - December 21, 2019, 1:55 pm

    बहुत सुन्दर।

  22. Pragya Shukla - December 21, 2019, 8:05 pm

    Thank u all of you

  23. Abhishek kumar - December 23, 2019, 2:27 am

    चकित हूँ कि आपकी इतनी सुन्दर कविता होने पर भी और अधिक वोट मिलने पर भी इसे पुरिस्कृत न किया गया।

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