“मोहब्बत” #2Liner-65….

ღღ__बिछड़कर देर तक तुझसे, उस दिन मैं सोंचता रहा “साहब”;
.
मोहब्बत गर ना हुई होती तो, मेरा क्या हुआ होता !!……‪#‎अक्स‬
.
12512262_942354439204932_6008907185555412476_n

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

4 Comments

  1. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:41 pm

    Good

  2. Abhishek kumar - January 4, 2020, 11:37 pm

    Nice

  3. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:45 pm

    Speech poem

  4. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:46 pm

    I am so sorry speech less poem

Leave a Reply