यूं इकरार ए इश्क मे तू ताखीर न कर

यूं इकरार ए इश्क मे तू ताखीर न कर

चले गये जो इकबार, फिर ना आयेंगे कभी

Comments

5 responses to “यूं इकरार ए इश्क मे तू ताखीर न कर”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Satish Pandey

    बहुत सुंदर पंक्तियाँ

  3. Satish Pandey

    Waah waah

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    शानदार

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