“सिल-सिला” #2Liner-66…….

ღღ__मोहब्बत थी तुझसे ही, तुझसे ही हर गिला रहा;
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उम्र-ए-शब-ए-रोज़ का, बस यही सिल-सिला रहा !!……‪#‎अक्स

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A CA student by studies, A poet by passion, A teacher by hobby and a guide by nature. Simply I am, what I am !! :- "AkS"

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3 Comments

  1. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:45 pm

    Good

  2. Abhishek kumar - January 5, 2020, 9:39 am

    Good

  3. Pragya Shukla - April 19, 2021, 12:45 pm

    बहुत ही लाजवाब पंक्तियां

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