गीत – तेरे इश्क की ताकत |

गीत – तेरे इश्क की ताकत |
बिगड़े है ऐसे हालात तुमसे प्यार करूँ कैसे |
हर वक्त मौत की बारात इजहार करूँ कैसे |
किसी को तलास है बहुत इन्सानो की यहाँ |
कब वो मुझे ढूंढ ले तेरा इंतजार करूँ कैसे |
हर कोई बेबस और लाचार नजर आता है |
साँसो के लाले पड़े दिल निसार करूँ कैसे |
डर कर जीने से बेहतर एक बार मर जाये |
हौसला कायम मै लड़ने से इंकार करूँ कैसे|
बुलाया तुमने मिलने की आरजु है मुझसे |
मिल तो लूँ कोरोना मै नागवार करूँ कैसे |
देख के मौत का मातम इश्क भी रोता है |
लासो के ढेर पे मै गीत झंकार करूँ कैसे |
खुदे से ज्यादा डरा हूँ मै तेरे तू आबाद रहे |
तेरे इश्क की ताकत न आरपार करूँ कैसे |

श्याम कुँवर भारती (राजभर)
कवि /लेखक / गीतकार /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब -995550986

Comments

13 responses to “गीत – तेरे इश्क की ताकत |”

  1. बहुत सुंदर लिखा है सर

    1. Shyam Kunvar Bharti

      दिल से आभार आपका

  2. राकेश पाठक

    Nice

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हार्दिक आभार आपका

  3. Shyam Kunvar Bharti

    हार्दिक आभार आपका

  4. अति उत्तम रचना

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik aabhaar apka pandey ji

  5. Ekta Gupta

    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

    1. Shyam Kunvar Bharti

      dil se abhaar apka ekta ji

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik aabhaar apka pandit ji

    1. Shyam Kunvar Bharti

      haardik aabhaar aapkaa prgyaa ji

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