जीवन का दर्पण है कविता

कोई साधारण चीज नहीं
ईश्वर की वाणी है कविता,
मन के भीतर उग रहे भाव का
मधुर प्रकटन है कविता।
दूजे का दर्द, स्वयं का मन
जीवन के सुख-दुख का लेखन,
कुछ अपनी और पराई कुछ
जीवन का दर्पण है कविता।
चाहत की आंख मिचोली है
प्रेमी जोड़ों की हमजोली है,
मिलने का सुख, जाने का दुख
पल-पल का वर्णन है कविता।
उनके मन का मनुहार कहो,
अपनों में रमता प्यार कहो
ममता कहो, दुलार कहो
कहने का माध्यम है कविता।
– —- डॉ0 सतीश पाण्डेय

Comments

28 responses to “जीवन का दर्पण है कविता”

  1. Waah waah, very nice poem

  2. Suman Kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति ।

    “मन में उमङे जज़्बात कभी
    वर्णों की माला में गुथकर
    रूप सलौना देखो इसका
    आई है जो कविता बनकर ”
    बहुत ही सुन्दर वर्णन है कविता का।

    1. सुमन जी, आपने इतनी सुन्दर समीक्षा की है, आपको किन शब्दों से धन्यवाद दूँ, आपका आभार व्यक्त करता हूँ।

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर रचना शतप्रतिशत यथार्थ

    1. सादर नमस्कार शास्त्री जी, बहुत बहुत धन्यवाद

  4. Geeta kumari

    वाह सर, वास्तव में कविता अपने मन के भावों को प्रकट करने का ही एक माध्यम है । हृदय में ईश्वर का वास होता है,और कविता हृदय की भावनाओं को व्यक्त करने का ही एक साधन है …..बहुत सुन्दर प्रस्तुति है सर लाजवाब ….मेरे पास शब्द नहीं हैं इतनी सुन्दर कविता की समीक्षा के लिए ।आपका लेखन अति उच्च स्तरीय है ।

    1. आदरणीय गीता जी, आपने कविता की बहुत ही सुन्दर तरीके से समीक्षा की है, पंक्तियों का सुंदर तरीके से विश्लेषण किया है, आप बेहतरीन और स्तरीय कवि हैं, आपमें लेखन की विलक्षण क्षमता है, आपकी सराहना मेरी लेखनी को नवीन ऊर्जा प्रदान करेगी, हार्दिक धन्यवाद

  5. SANDEEP KALA BANGOTHARI

    बहुत बहुत उच्च कोटि की कविता है सर आपकी

    1. बहुत बहुत धन्यवाद जी

  6. Harish Joshi

    कविता की इतनी सुंदर व्याख्या ! क्या बात है !

    1. सादर धन्यवाद, सब आपका स्नेह है।

  7. This comment is currently unavailable

  8. बहुत खूब पाण्डेय जी

    1. सादर धन्यवाद, नमस्कार

  9. अॉउट अॉफ वर्ड

    1. बेहतरीन, उच्चस्तरीय और क्या कहूँ…

    2. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद, आभार, प्रज्ञा जी

  10. Shraddha Forest

    सुंदर भावाभिव्यक्ति..

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद जी

  11. Pratima chaudhary

    जितनी तारीफ करें उतनी कम
    सरल शब्दो में कविता की परिभाषा कह सकते हैं इसे हम
    लाजवाब👏👏👏

    1. Satish Pandey

      आपके द्वारा की गई इस सुन्दर समीक्षा के लिए बहुत बहुत आभार और धन्यवाद प्रतिमा जी

  12. Piyush Joshi

    सच्ची कविता लिखी है सर

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

  13. Raju Pandey

    बहुत शानदार भाव 👌👌 जय हो

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