7 Comments

  1. बहुत ही सुंदर शब्दों में आपने अपने भाव व्यक्त किए हैं।
    पावस बहती आंखों में तुमने उसे बंद करा है।
    आपने इसे उपमा यमक तथा श्लेष अलंकार से सजाया है ।
    शृंगार रस को अपने प्रगतिवाद में पिरो कर बहुत ही सुंदर बना दिया है।
    कविता की खूबसूरती कवि के मन से होती है।
    आपका कलापक्ष तथा भावपक्ष बहुत ही मजबूत है
    बहुत ही सुंदर है।

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद मास्टर साहब आपका आप हमेशा ही मेरी उपलब्धि करते हैं ऐसे ही मेरी सराहना और गुण दोषों को बताते रहिए आपके सुझाव भी आमंत्रित हैं

  2. सुंदर भाव अभिव्यक्ति तथा
    उच्च कोटि का शिल्प भावनाओं की
    कलात्मकता बहुत ही सुंदर है
    तथा कविता को जीवंत बनाते हैं ।
    हृदय की वेदना को व्यक्त करने के लिए
    जो शब्द आपने उपयोग किए हैं वह कविता को सार्थक बनाते हैं।

  3. वेदना का बहुत ही खूबसूरती से वर्णन करती हुई
    कवि प्रज्ञा जी की बहुत सुंदर रचना
    बहुत सुंदर शिल्प बहुत सुंदर भाव और लाजवाब अभिव्यक्ति प्रस्तुत करती हुई है एक शानदार रचना

  4. बहुत ही सुंदर शब्दों में अपने कहा है पावस बहती आँखो में

    आपने ऐसी उपमा दी है
    अपने भावों को की जिसकी तारीफ करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है उच्च कोटि की समाहार सकती है आपकी

Leave a Reply