9 Comments

  1. जितनी तारीफ करूं कम ही है…
    आपकी कविता में अद्भुत भाव हैं सच्चाई है..
    एक अलग ही एहसास है
    जब भी आपकी कविता पढ़ता हूं कुछ नया पाता हूँ

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