भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
रोवत चिरइया कबों चहकीहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
छाईल बा सगरो कोरोनवा के कहरिया |
बंद भइले माल सगरो बंद बा बज़रिआ |
बगिया बहार कली चटकीहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
भागी पराई लोगवा घरवा लुकाईले |
रोजी रोजगार शहरवा बन हो गईले |
गोरी गजरा फूल महकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
भईले मजबूर मजदूर चले पैदल डहरिया |
दाना पानी मिले नाही कठिन सफरिया |
सावन झूला डार लटकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
दया करा दईबा भगावा देशवा कोरोनवा |
दूभर कइलs जान बैरी देश दुशमनवा |
बरतिया नचनिया नाच मटकिहे की नाही |
फिर उहे दिनवा लउटिहे की नाही |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |
Comments
4 responses to “भोजपुरी गीत- फिर उहे दिनवा |”
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वाह
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Nice
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Nyc
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👏👏
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