Author: Nitesh Chaurasia

  • मोहब्बत

    जाते जाते बस एक काम कर देना,
    मेरे मोहब्बत को एक नाम दे देना ।
    गर कभी दुब जाऊं यादों में उसकी,
    तो मुझे बस दो घुट जाम दे देना ।।
    बड़ा बदनाम था मैं उसकी गली में,
    मरने के बाद मुझको पहचान दे देना ।
    जो चार दोस्त रहते थे साथ मेरे,
    मेरी अर्थी उठाने का उन्हें काम दे देना ।।
    जो मशगूल था उनके यादों के सहर में,
    कभी उन्हें भी हिज्र की शाम दे देना ।
    जो मोहब्बत में टूट जाते हैं अक्सर,
    उन्हें जिंदगी में एक नया मुकाम दे देना ।।

  • नया साल और मेरा प्यार

    अब तो तुम मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो,
    मोहब्बत का सफर नये साल पे छोड़ दो !
    आने लगी है प्यार की खुश्बू मेरे शर्ट से ,
    जो मुझसे न हो उस सवाल पे छोड़ दो !!
    राह से गुजरने वाली को बेतहाशा देखते हैं,
    मेरी बर्बादी का कुछ लोग तमाशा देखते हैं !
    स्वप्न का मेरा महल अब खंडहर हो गया है,
    इन्तजार करते अब शाम से सहर हो गया है !!
    हर रात मेरे सपने में तुम यूँ आया न करो,
    खामखाँ मेरा दिल तुम यूँ दुखाया न करो !
    कैसे बताउँ तुमको मैं कितना चाहता हूँ,
    नये साल में खुदा से मैं तुम्हे मांगता हूँ !!
    निगाहें-तलब से देखकर एलान करता हूँ,
    प्यार का इजहार मैं सरेआम करता हूँ !
    निशातकदे की खोज में चलता हूँ कहीं दूर,
    नये साल में जल्दी से मैं ये काम करता हूँ !!

  • मैंने आज किसी को नफरत और सियासत की धज्जियाँ उड़ाते देखा है,
    जब मस्जिद से निकलकर एक बच्चे को मंदिर में दीप जलाते देखा है !!

  • इन हसरतों के बाजार में खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं,
    सियासत की तंग गलियों में कुछ अपने भी छूट जाते हैं।
    अहंकार पाले बैठें हैं जो उनको कोई समझाये भी कैसे,
    जो जरा सी बात पे ही अपने भाई से भी रूठ जाते हैं ।।

  • जब से खटास पड़ी है रिश्तों में,
    हम जिंदगी जी रहे हैं किस्तों में !!

  • Dear Saavan Team,

    I wanted to take a moment to extend my most sincere thanks for choosing my poem first in martyr contest. I received a message regarding 2.2k like on my poem. I want to assure all of you there is full transparency. I am research scholar in BHU where approx 35k studetns.So it is possible. Hope you understand it.

    I also extend my thanks to all BHU students and others for liking and sharing my poem.

     

    Gratefully

    Nitesh Chaurasia

    Research Scholar,

    IIT BHU, Varanasi

     

     

  • शहीद

    शहीद

    जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे,

    भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे !

    ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी,

    भारत माँ के लिये अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी !!

    माह सितंबर पंजाब में एक वीर ने जन्म लिया था,

    अंग्रेजों के अत्याचारों का बोझ उसने कम किया था !

    अंग्रेजों के साथ इन्होंने खून की होली खेली थी,

    भारत माता की जय हो ये ही उनकी तब बोली थी !!

    सुखदेव,आजाद,राजगुरु का भी इनको साथ मिला,

    इनके प्रयासों से ही भारत में एक नया कमल खिला !

    ऐसे वीरों की मैं अब चलो फिर से कहानी सुनाता हूँ ,

    बुझी हुई देशभक्ति की फिर मैं से लौ जलाता हूँ !!

    शहीद दिवस पे चलो मिलके आज हम उन्हें याद करें,

    जो पाके हमने खो दिया चलो अब उनका ध्यान करें !

    ऐसे वीरों को मैं हरदम शत शत नमन करता हूँ ,

    क्या है अब मेरे दिल में मैं उसको अब लिखता हूँ !!

    जब भी जनम मिले मुझे भारत वतन मिले,

    हो फूल भांति भांति को ऐसा चमन मिले !

    इस मातृभूमि पर मेरा तन मन निसार हो,

    मरने के बाद मुझको तिरंगा कफन मिले !!

  • शहीद

    शहीद

    जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे,
    भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे !
    ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी,
    भारत माँ के लिये अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी !!
    माह सितंबर पंजाब में एक वीर ने जन्म लिया था,
    अंग्रेजों के अत्याचारों का बोझ उसने कम किया था !
    अंग्रेजों के साथ इन्होंने खून की होली खेली थी,
    भारत माता की जय हो ये ही उनकी तब बोली थी !!
    सुखदेव,आजाद,राजगुरु का भी इनको साथ मिला,
    इनके प्रयासों से ही भारत में एक नया कमल खिला !
    ऐसे वीरों की मैं अब चलो फिर से कहानी सुनाता हूँ ,
    बुझी हुई देशभक्ति की फिर मैं से लौ जलाता हूँ !!
    शहीद दिवस पे चलो मिलके आज हम उन्हें याद करें,
    जो पाके हमने खो दिया चलो अब उनका ध्यान करें !
    ऐसे वीरों को मैं हरदम शत शत नमन करता हूँ ,
    क्या है अब मेरे दिल में मैं उसको अब लिखता हूँ !!
    जब भी जनम मिले मुझे भारत वतन मिले,
    हो फूल भांति भांति को ऐसा चमन मिले !
    इस मातृभूमि पर मेरा तन मन निसार हो,
    मारने के बाद मुझको तिरंगा कफन मिले !!

  • हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है ,
    उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे !
    सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी,
    चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!

  • बंद करो

    मैं करता हूँ तुमसे मोहब्बत,
    अब खुद को सताना बंद करो !
    देता हूँ खूने ए दिल तुम्हे,
    हाथों में मेहंदी रचाना बंद करो !!
    जो हुये हैं गीले सिकवे ,
    उनका इल्जाम लगाना बंद करो !
    मुझसे बात करने का अब,
    अपना अंदाज पुराना बंद करो !!
    मुझसे यूँ ही रूठकर अब,
    आंसुओं को बहाना बंद करो !
    जरा चैन से सोने भी दो,
    अब सपनों में आना बंद करो !!
    मेरे साथ ही रहकर अब,
    मुझको रुलाना अब बंद करो !
    जिन बातों से चोट लगे,
    उन शब्दों का आना बंद करो !!

  • नहीं हो तुम

    हर आग को बुझा दे वो पानी नहीं हो तुम ,
    जो हमेसा याद रहे वो कहानी नहीं हो तुम !
    अभी तक न जाने कितने आये और चले गये ,
    जो मुझे मदहोश कर दे वो जवानी नहीं हो तुम !!
    वक्त के साथ जो बदल दे वो रवानी नहीं हो तुम,
    मेरे दिल में बसने वाली भी रानी नहीं हो तुम !
    वक्त है जरा मेरी बातों को समझ भी लेना ,
    किसी तख़्त पे बैठने वाली महारानी नहीं हो तुम !!
    जो मुझे पसंद आये वो बिरयानी नहीं हो तुम,
    जो जकड़ के मुझे रोक ले वो हिमानी नहीं हो तुम!
    वक्त की लाठी में आवाज कहा होती है ,
    इस बात को समझने वाली आडवाणी नहीं हो तुम !!

  • अगर लहरें तेज हैं तो भरोसा तू मुझपे रख,
    हम अपनी कश्ती को उसी ओर मोड़ देंगें !
    एक बार गले लगकर मेरी धड़कन तो सुन ले,
    फिर लौटने का इरादा हम तुम पे छोड़ देंगें !!
    ❤?❤?
    #Happy_Hug_Day

  • मुश्किलों में साथ छोड़ना मुझे नहीं आता,
    कोई वादा करके मुकरना मुझे नहीं आता !
    वक्त के साथ भूल जाते हैं लोग यादों को,
    पर इन यादों को भूलना मुझे नहीं आता !!
    ❤?❤?❤
    #Happy_Promise_Day

  • तुझसे रोज बात करना तो एक बहाना है,
    एक चॉकलेट देके मुझे तेरे दिल में आना है !!
    #Happy_Chocolate_Day
    ??

  • चलो आज के दिन हम दोनों अपने प्यार का इजहार करें,
    दो आँखें तेरी दो मेरी हों आओ मिलकर आँखें चार करें !!
    #Happy_Propose_Day
    ?

  • मैं अपने प्यार का तुझे किस तरह हिसाब दूँ,
    अब एक गुलाब को दूसरा कौन सा गुलाब दूँ !!
    #Happy_Rose_Day
    ❤?

  • बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ

    बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ

    जिम्मेंदारी को जब उसने महसूस किया तो,
    ऑटो रिक्शा भी चलाने लगती हैं वो !
    पढ़ लिख के सक्षम होकर के वो अब,
    अंतरिक्ष में वायुयान उड़ाने लगती हैं वो !!

    कितने उदाहरण देखेंगे आप अब क्योकि,
    हर क्षेत्र में सकती आजमाने लगी हैं वो !
    पति की शहादत पे अर्थी को कांधा दे,
    सुना हैं शमशान तक जाने लगी हैं वो !!

    समस्त बाधाओं को वो हरती क्यों हैं,
    कुछ बोलने से पहले वो डरती क्यों हैं !
    प्रश्न ये ज्वलनशील है सबके सामने ये,
    जन्म लेने से पहले कोख में मरती क्यों हैं !!

  • बतला दो

    अब तुम्हारी याद आती है,भूलूं कैसे ये बतला दो,
    तुम मेरी हो नहीं सकती,समझूँ कैसे ये बतला दो!
    वो सपना जो देखा समझा हूँ तेरे साथ रहकर मैं,
    हकीकत में नामुमकिन हैं यही मुझको बतला दो!!

  • पागल

    किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है,
    अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है !
    चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम,
    अब उसके आँख का निकलता काजल बुलाता है !!

  • अच्छा ही लगता है

    जब तू साथ होती है सब अच्छा ही लगता है ,
    तेरा गुस्सा यूँ हो जाना मुझे अच्छा ही लगता है !
    तेरी आँखों की गहराई में डूबां हूँ मगर फिर भी ,
    तेरा बाबू ही कह जाना मुझे अच्छा ही लगता है !!

  • याद आती है

    मेरे हसने और रोने मे तेरी याद आती है ,
    मेरे जगने और सोने मे तेरी याद आती है !
    तेरी अमृत भरी आँसूं को क्या मालूम मेरी जां,
    सम्न्दर पार विराने मे तेरी याद आती है !!

  • शायर

    हमारी खामोशियों का प्यार एक हिस्सा है,
    जो कभी खत्म न हो वो तेरा मेरा किस्सा है!
    तेरे जज्बातों ने ही मुझको कायर बना डाला,
    तुझे पाने की जिद ने मुझे शायर बना डाला !!

  • ईमानदारी

    मैंने सूरज को आज फिर से चढ़ते देखा है,
    आसमान से परिंदों को उतरते देखा है !
    जो कल तक ईमानदारी की बात करते थे,
    उन्हें चन्द सिक्कों के लिए लड़ते देखा है !!

  • बचपन

    बचपन

    जो बेबसी देख रहे हैं हम आज उनके चेहरो में ,

    वो ढूंढेंगे दो वक्त की रोटी कूड़े पड़े जो शहरों में !
    जात,पात,दुनियादारी उन्हें इन सबसे मतलब क्या,
    पेट की आग बुझाने को वो चल पड़ते हैं अंधेरों में !!
    शिक्षा,प्यार,खिलौना आदि ये शब्द वो जाने भी कैसे,
    जिनकी जिंदगी बीत जाती है इन कूड़ों की ढेरों में !!
    जिंदगी उनकी भी सुधरनी चाहिये ये सच तब होगा,
    उन्हें अपना बचपन मिल जाये एक नए से सवेरों में !!
    @नितेश चौरसिया 
  • बचपन

    बचपन

     

    जो बेबसी देख रहे हैं हम आज उनके चेहरो में ,

    वो ढूंढेंगे दो वक्त की रोटी कूड़े पड़े जो शहरों में !
    जात,पात,दुनियादारी उन्हें इन सबसे मतलब क्या,
    पेट की आग बुझाने को वो चल पड़ते हैं अंधेरों में !!
    शिक्षा,प्यार,खिलौना आदि ये शब्द वो जाने भी कैसे,
    जिनकी जिंदगी बीत जाती है इन कूड़ों की ढेरों में !!
    जिंदगी उनकी भी सुधरनी चाहिये ये सच तब होगा,
    उन्हें अपना बचपन मिल जाये एक नए से सवेरों में !!
    @नितेश चौरसिया 
  • जमीर

    इस नफरत भरी सियासत में,
    कुछ बिक गये,कुछ डर गये !
    पर फक्र करतें हैं आज उनपर,
    जो फिर जमीर के साथ घर गये!!

  • Love

    चलो चलकर फिर उसी जगह,
    नये रिश्तों की शुरुआत करें !
    दो आँखें तेरी दो मेरी हों ,
    आओ मिलके आँखे चार करें!!

  • Kala Dhan

    भोर था प्यार अब दोपहर हो गया,
    स्वपन का था महल खँडहर हो गया!
    करूँ जितना प्रयास पर मिलता नहीं,
    तुम्हारा प्यार नहीं काला धन हो गया!!

  • यादें

    जितना व्यस्त रखना है रख लो खुद को ,
    नहीं तो मेरी यादें तुम्हे सब कुछ भुला देंगी !
    नफरत करनी हो तो जरा दिल को मजबूत रखना ,
    नहीं तो मेरी खामोशियाँ भी तुम्हे रुला देंगीं !!

  • गम के इन आसुओं का निकलना बहोत जरुरी था

    गम के इन आसुओं का निकलना बहोत जरुरी था,
    तन्हाइयों में मेरा तुझसे अब मिलना बहोत जरुरी था !
    मिटाने थे वो गिले सिकवे हुए हम दोनों के दरम्यान,
    इस पत्थर से दिल का भी पिघलना बहोत जरुरी था !!

  • मेरी अधूरी प्रेम कहानी

    हजारों वजह है तेरे पास मुझसे दूर जाने की ,

    एक वजह मुझे भी दे दो अपने पास आने की !

    वादा है मेरा की कभी आपको रोने न दूंगा ,

    कोई भी खुशियां आपसे कभी खोने न दूंगा !!

    एक  बार आ  गयी  तो  फिर जा न पाओगी ,

    वादा है मेरा अब कभी मुझे भुला न पाओगी !

    प्यार मिलेगा इस कदर अंदाजा भी न होगा तुम्हे ,

    इसलिए चाहकर भी मुझे तुम रुला न पाओगी !!

    मिला मैं जब तुमसे पहली बार उस चाय की दूकान पे

    चाह के भी वो शब्द ला न पाया अपनी इस जुबान पे !

    तेरी सादगी ने मेरा मन कुछ इस कदर मोह लिया,

    मैं तो नहीं था तेरे सामने कुछ अच्छे से मुकाम पे !!

    देखके तुमको पहली बार अपना दिल हार गया था मैं,

    दखने तुमको बॉटनी डिपार्टमेंट कितनी बार गया था मैं !

    क्लास छूटना मेरा मुझको खुद भी पता न चलता था ,

    तुझको देखकर ऐसा लगता कोई बाज़ी मार गया था मैं!!

    याद करो वो पहली मैगी जब मैं तुमसे लेने आया था,

    शायद ख़ुशी के मारे पूरी रात मैं भी सो न पाया था !

    उस दिन मुझको ऐसा लगा मेरे स्वपन को पंख मिला,

    अब सोचकर ऐसा लगता है वो सब मोह माया था !

    शायद मुझे उस वक़्त तेरा साथ चाहिए था ,

    गर कभी गिर जाऊं तो तेरा हाथ चाहिए था !

    तेरे आँखों की गहराई में डूबा था मगर फिर भी ,

    जो कभी खत्म न हो मुझे वो बात चाहिए था !!

    याद है मुझको पहली बार जब गिफ्ट लेके तुम आयी थी ,

    न जाने क्यों ऐसा लगा की मुझे देख मुस्कुराई थी !

    साथ तेरे मैं जायका रेस्ट्रो वाली सीट पे बैठा था जब ,

    सोचता हूँ अब मैं वो सच थी या अंगड़ाई थी !!

    बात बहोत करनी थी मुझको पर समय तुरंत खत्म हो गया ,

    तेरी जादूभरी निगहाओं में उस वक़्त न जाने कब मैं खो गया !

    तेरी मखमली बातों का न जाने कैसा मुझपे असर हुआ ,

    पता भी न चला मुझे उस वक़्त कब जागते हुए मैं सो गया !!

    वो समय भी जल्द आया जब तुम वापस जाने वाली थी ,

    कैसे बोलूं कुछ भी मैं मेरे आँखों की  तुम रखवाली थी !

    सोचता था तुमको सच बोल भी दूँ पर मैं तब डरता था ,

    मन  में बैचैनी उठने की उस वक़्त ये ही सवाली थी !!

    गिफ्ट लेके तेरा मैं जब पंहुचा अपने कमरे में ,

    एक प्रकाशित पुंज उठा मेरे मन के अँधेरे में !

    मन में एक बात भी थी वो दिन भी शायद आएगा ,

    मैं भी पंछी बन जाऊंगा एक नये से सबेरे में !!

    हमारी दोस्ती की बातें मेरे हॉस्टल में फैली थी तब ,

    लगे मेरे दोस्त पूछने भाई तेरी फ्रेंडशिप हुई थी कब !

    मेरे दोस्तों का मजाक आपके दोस्त को बहोत बुरा लगा ,

    याद करो वो भी दिन तुमने मुझे समझाया था जब !!

    तेरी बातों का मुझपे न जाने कैसा असर हो गया ,

    यही सोचते सोचते मुझे भोर से दोपहर हो गया !

    मेरी क्या गलती थी उस वक़्त समझ न पाया था ,

    मेरे स्वपन का था महल वो भी अब खंडहर हो गया !!

    कैसे भूल जाता मैं तुमको मेरे मन में तुम होती थी ,

    ऐसा लगता था मुझको मेरे सपनो के संग सोती थी !

    मेरे मन में विचारों की कुछ ऐसी आंधियां उठती थीं ,

    ऐसा लगता था मुझको तब मेरे रोने से तुम रोती थी !!

    खैर जैसे तैसे करके मैं एमएससी पास कर गया ,

    दिल में जो बात थी वो अब तक राज रह गया !

    भूलना तुमको नामुमकिन फिर भी कोशिश करता था,

    मेरे मन की बात मुझे उठता हुआ साज कह गया !!

    बहोत शांत रहता था मैं पर मेरी सिसकियाँ कह जाती थीं ,

    द्वार बंद रहते थे तब फिर भी खिड़कियां कह जाती थीं !

    पसंद मुझे करती हो या नहीं उसका उत्तर मिला था तब ,

    होंठ खामोश रहते थे तब पर मेरी हिचकियाँ कह जाती थीं !!

    अब मुझे क्यों ऐसा लगता की मेरा हाल जानोगी तुम ,

    क्या है अब मेरे दिल में उसको अब पहचानोगी तुम !

    किसी के कुछ कहने से ही सच ही  न हो जाता है ,

    अपने अनुभव से शायद मुझे अपना मानोगी तुम !!

    मेरे दिल में तेरे लिए एक ही आवाज आती है ,

    स्वीटी सदा खुश रहे वो भी ये ही चाहती है !

    तेरे एक मुस्कान पे मैं भी कहीं खो जाता हूँ ,

    तेरा वो एक शब्द इसे बहोत चोट पहुचाती है !!

    मुझे क्यों ऐसा लगता की मेरा हाल जानोगी तुम,

    क्या है अब मेरे दिल में उसे पहचानोगी तुम !

    किसी के कुछ कहने से सच ही न हो जाता है ,

    अपने अनुभव से शायद मुझे अपना मानोगी तुम !!

    हाल ही में दिया तेरा कार्ड मेरे मन को भा गया है ,

    मन में उन विचारों का फिर से बादल छा गया है !

    कुछ तो चाहत भी छुपी है तेरे दिल के कोने में ,

    ऐसा क्यों लगता हैं मुझपे तेरा दिल भी आ गया है !!

    बात चाहे जो भी हो मेरे दिल में सदा रहोगी तुम ,

    कोई भी समस्या आ जाये मुझसे सदा कहोगी तुम !

    जीवन में कभी रोना नहीं इसका वादा करो मुझसे ,

    यूँ गंगाजल की तरह अनवरत बहती रहोगी तुम !!

    मेरी बातों को दिल पे मत लेना उसको भूल जाना तुम,

    एक  बहका पंछी था ऐसा अपने दिल को समझाना तुम !

    गर कभी मिल जाऊं किसी मोड़ पे अपनी इन यादों के साथ,

    एक सच्चा दोस्त था मेरा ऐसा अपने उनसे कह जाना तुम !!

  • Makar Sankranti

    अपने विश्वास  को पतंग की उंचाईयों तक पहुचा दो ,

    अपने दिलों में आप एक मोहबत्त का दीप भी जला दो !

    माँ बाप के पैरों को छूकर जरा आशीर्वाद भी ले लो ,

    गजक,तिल के लड्डू खाकर इस त्यौहार को मना दो !!

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    लगा था की बेहद सुनहरी है तू,
    समंदर सी खामोश गहरी है तू!
    मेरी जज्बातों को समझ न पाये,
    लगता है गूंगी और बहरी है तू !!

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    तुम्हारी याद में खोकर बहकना खूब आता है ,
    हकीकत में मुझे फिर भी संभलना खूब आता है !
    तुम्हारी जान इस पानी के जिस मछली में बसती है ,
    उसी मछली के जैसे अब मचलना खूब आता है !!

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    कैसे गुजारूँ ये रातें बता दो ,

    समझ में आये वो बातें बता दो !

    क्यों इतना तड़पाती हो तुम ,
    बहोत याद आती हो तुम !
  • ख्यालों में मेरे अब आती हो तुम ही,

    हक मुझपे पूरा जताती हो तुम ही!

    कैसे करूँ मैं अब तुमसे ये नफरत,

    मेरे पे ही जाँ अब लुटाती हो तुम ही!!

  • Untitled post 16354

    अर्सों के बाद मुलाकात जरुरी है समझता हूँ ,

    मेरे बिन तेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ !

    इन्तजार में जो सुख चुके हैं तेरे आँख केआँसू ,

    उनके न निकलने की मज़बूरी मैं समझता हूँ !!

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