अब ना कोई शहीद होगा अब ना कोई सुहाग उजड़ेगा अब न कोई बालक अनाथ होगा अब तो केवल पाक साफ होगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद जय भारत
अब ना कोई शहीद होगा अब ना कोई सुहाग उजड़ेगा अब न कोई बालक अनाथ होगा अब तो केवल पाक साफ होगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद जय भारत
यह देश है शेर जवानों का अब तो नाश होगा हैवानों का अब तो सिर्फ हिसाब होगा सत्रह जानों का यहाँ खौल रहा है खून हर हिन्दुस्तानी का प्रस्तुति – रीता जयहिंद
अब तो कोई माफी भी न काम करेगी अब तो सिर्फ तुम्हारी मय्यत ही सजेगी काश्मीर की धरती फिर से जन्नत ही बनेगी अब तो न कोई माॅ का आंचल सूना होने पायेगा अब की […]
जब पाक खाक होगा भारत में एक त्योहार और मनाया जायेगा जैसे दशहरा मनाया जाता है रावण का पुतला दहन करके वैसे ही आतंकवाद का पुतला जलाया जायेगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
छप्पन इंची सीना ना जाने कैसे बहत्तर इंची का हो गया वाह मोदी जी वाह ये तो कमाल हो गया सारा देश मोदी जी आपका कायल हो गया मेरा बुझा मन भी रोशन हो गया […]
सोये हुए सैनिकों को मारकर तूने किया है बुरा काम वाकई में ना कोई तुझसा नमक हराम अब तो मिट जाएगा दुनिया से तेरा नामोनिशान सोच बेटा अब क्या होगा तेरा अंजाम प्रस्तुति – रीता […]
पाक के गद्दारों के लहू से कर दो धरती लाल उसी खून से करना है माँ भारती का श्रंगार तत्पश्चात चिड़ियाघर में भूखे शेरो और चीतों के आगे फेंक दो मेरी सरकार तो दीपक जलाऊॅ […]
हम भारतवासी हैं हम सभी धर्मों का आदर करते हैं जो भारत माँ की तरफ आंखों उठायेगा उसका सीना चीर दिया जाएगा जो इन दिलों में नफरतों के बीज बोयेगा वह जिंदगी भर रोयेगा भारत […]
हम हिन्दुस्तानी हैं हिन्दुस्तान हमें जां से ज्यादा प्यारा है हम भारत माता के लाल हैं जो करेगा भारत मां का अपमान उसे आज हमने ललकारा है काश्मीर और अवध हमें जा से ज्यादा प्यारा […]
अब तो संभलो नाजुक लड़कियों ये आशिक इतने नादान नहीं पीकर रस ये उड़ जाते हैं धरना इन पर ध्यान नहीं ढूँढे लड़कियों को गलियों में सब तो आज शिकारी हैं आगे क्या अब लड़कों […]
सावन का महीना आया बादल गरजे डम – डम – डम बिजली कड़की आसमान में पानी बरसा छम – छम – छम मुन्ना की दादी बोली घर में पानी टपक रहा मुन्ना के दादा बोले […]
तुम कविता का विषय बनो और मैं कविता का रचनाकार चलो इस तरह से रच लेते हैं कुछ कविताएँ दो – चार मौन रहें और बोलते रहें हम दोनों के नयन तुम ऐसे मुस्कराओ उसमें […]
ताउम्र तलाशती रहती थी आॅखियाॅ जिनको वो ना मिला मुझे पूरे जहान् में जब पलकों को गिराकर ध्यान लगाया श्याम की सलोनी सूरत का फिर धीरे से उठाई पलकों की चिलमन तो श्याम सुंदर की […]
सुप्रभात ! शुभ दिवस !! आपका दिन मधुर और मंगलमय हो !!! रात को छत पर जाकर देखो.. चांदनी में ज़रा नहा कर देखो । चाँद को पास बुला कर देखो.. गीत सुहाना तुम गा […]
उसके सिर्फ दो बेटियाँ थी दोनों सरकारी स्कूल मैं पढती थी अबकी उन्हें सिर्फ बेटा ही चाहिए था लेकिन फिर से बेटी हो गई अभी आधा घंटा ही जी पाई थी अल्लाह को प्यारी हो […]
मेरे घर के पडौस में अभी नई – नई शादी हुई थी । सुनने में आया कि लड़की वाले गरीब हैं । फिर भी बहू ढेर सारा दहेज साथ लाई थी मुझे कुछ अचंभा हुआ […]
जहाँ हमें मिलना था वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ दूरियां न होती नजदीकीयां होती वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ फूल खिलते बहारें होती वहीं मिलते तो अच्छा था जहाँ सपने न होते हकीकत […]
अपनी पड़ोसनों को किट्टी पार्टी में जाते जब भी देखती थी मन से कभी आह तो कभी गाली निकलती थी मुझे भी किट्टी पार्टी का भूत सवार था अब तो पतिदेव का जीना दुश्वार था […]
हम भारत मैं एकता की अखंड जोत जलायेंगै बहकावे में किसी के अब न हम आयेंगे दुख और मुश्किलों से अब ना हम घबरायेंगे रोटी एक हो या आधी मिल बांटकर हम खायेंगे अभी प्रेम […]
माँ तुम राह देखती होगी कि मेरा लाल आयेगा पर सरहद पर जंग इतनी छिड़ी थी कि तेरा लाल नआ पाया वो इतने सारे थे कि माँ तेरा लाल अकेला पड़ गया मैंने एक – […]
चांद और सूरज हमारा है धरती और आसमान हमारा है कश्मीर और अवध हमारा है हिंदुस्तान हमारा है न कुछ रहा जो तुम्हारा है तोप तलवार गोला बारूद मिसाइल जंखिरा की मात्रा हमपर भारी है […]
अनजानी राहों पर बिन मकसद के मैं चलती हूँ जबसे तुम से जुदा हुई हूँ तनहाईयों में पलती हूँ कब आओगे तुम प्रियवर अब और सहा नहीं जाता है बिन तुम्हारे जीवन मुझसे अब न […]
लेखनी को पुष्प चढ़ाकर भाव ह्रदय से सजाकर ज्ञान का भंडार भरकर प्रेम – अश्रु के साज से आज कुछ ऐसा लिखूॅ गीता लिखूॅ कुरान लिखूॅ वेद लिखूॅ ग्रन्ध लिखूॅ राम लिखूॅ – कृष्ण लिखूॅ […]
एक बार मैं एक फेमस मिठाई की शाॅप में गई चांदीवर्क में लिपटी रंग – बिरंगी चमचमाती मिठाईयां देखकर मेरे मुँह में पानी भर आया जैसे ही मैंने पर्स की तरफ हाथ बढ़ाया मुझे अपनी […]
अनजानी राहों पर बिन मकसद के मैं चलती हूँ जबसे तुम से जुदा हुई हूँ तनहाईयों में पलती हूँ कब आओगे तुम प्रियवर अब और सहा नहीं जाता है बिन तुम्हारे जीवन मुझसे अब न […]
वे प्रेम विवाह रचा रहे थे सपने नये सजा रहे थे लड़की थी पढ़ी – लिखी बढ़िया वेतन पाती थी महीने में 60 – 70 हजार कमाकर लाती थी पर दहेज की बातें उसे तनिक […]
माँ शारदे की इतनी रहमत बरसती है लेखनी भी आपके पास रहने को तरसती है मन के भाव इतने गहरे होते हैं शब्द जैसे माला के मोती पिरोये होते हैं संचालन इतना बखूब होता है […]
यूँ अरमानों की डोली उठ गई प्यासे नैनों की प्यास बढ़ गई जब देखा तुम्हें दूसरे की बांहों में मेरी तो मय्यत उठ गई । क्या जालिम अदा है तेरी कि सब कुछ लुटा दिया […]
उन्हें जिताना मुझे अच्छा लगता है प्रथम स्थान वही पाये इसलिए उनसे हार जाना मुझे अच्छा लगता है वे तो मेरे बड़े भय्या हैं उनका सर ऊपर उठाना मुझे अच्छा लगता है उनके नाज़ उठाना […]
चांद और सूरज हमारा है धरती और आसमान हमारा है कश्मीर और अवध हमारा है हिंदुस्तान हमारा है न कुछ रहा जो तुम्हारा है तोप तलवार गोला बारूद मिसाइल जंखिरा की मात्रा हमपर भारी है […]
आओ मानव धर्म निभाया जाये अंधकार को दूर भगाया क्षजाये तमसो मा ज्योतिर्मय का दीप जलाय जाये साक्षरता अभियान चलाया जाये आओ दिलों से नफरतों का बीज। मिटाया जाये पापी को सत्कर्म सिखाया जाये हर […]
मन मेरा कह रहा यह बार – बार है हाथ तेरे समाज की पतवार आबरू बहन – बेटियों की हो रही है तार – तार हो रहा है सीता हरण बार – बार तू राम […]
लेखनी को पुष्प चढ़ाकर भाव ह्रदय से सजाकर ज्ञान का भंडार भरकर प्रेम – अश्रु के साज से आज कुछ ऐसा लिखूॅ गीता लिखूॅ कुरान लिखूॅ वेद लिखूॅ ग्रन्ध लिखूॅ राम लिखूॅ – कृष्ण लिखूॅ […]
नहीं मिलती वो लड़की जिसे मैं ब्याह कर लाया था वो कमसिन सी शरमीली सी जब मैंने उसे पहली बार देखा था आजकल वो जूडो क्लासों में जाती है प्रेक्टिस हम पर आजमाती है गाड़ी […]
देखो फिर से सावन आया। सरोवर में कमल मुस्कराया।। भॅवरों ने गीत गुरगुनाया । कोयल ने की कुहू – कुहू ।। सारा घर आंगन खुशियों से भर आया । दूर बैठे सेना के जवानों ने […]
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