Author: Shyam Kunvar Bharti

  • भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया |

    भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया |
    दे दा चरनिया शरनिया माई बिनती करजोरिया |
    शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया |
    गरवा मे हार फुलवा निमिया पड़ल झुलवा |
    हथवा मे चूड़ी कंगना रूपवा चमके केतना |
    हम हई भिखरीया माई फेरीदा नजरिया |
    शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया |
    गईया के गोबरा से दुअरा लिपवली |
    सोनवा के दिअवा मंदिरवा जरवली |
    काटा मोर संकट माई मारी तलवरिया |
    शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया |
    फूल अड़हुलवा के मलवा हम बनाइब |
    नारियल सुपारी माई तोहे हम चढ़ाइब |
    अबोध बलकवा माई हम हई तोहरो पुजरिया |
    शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया |
    हो जाई उंजियार माई आवा मोर अंगनवा |
    करी दा किरीपा माई भारती बा अरमनवा |
    मिटावा अनहरिया मोर छाँटी दा बदरिया |
    शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना |

    भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    बिना दरस जाइब ना माई छोडब ना तोर दुयार हो |
    अबोध बलकावा माई पूजा पाठ नाही जानीला |
    जगदंबा जगजननी माई तोहके हम मानीला |
    देई डा दर्शनवा माई दे दा आफ्ना दुलार हो |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    सोनवा के थारी हम उतारी आरती माई के |
    फूल अड़हुलवा चरनवा चढ़ावे भारती माई के |
    सिरवा चरनिया झुकाई माई के पूजे सब संसार हो |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    तुही हउ लक्षमी काली शारदा भवानी |
    किरीपा करा हमपर भूली हमरो नादानी |
    सबके तू कईलु माई करा हामरो विचार हो |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    बरम्हा विष्णु महेश माई तोहरे के पूजेले |
    दुनिया चलाई कईसे तोहरे से पुछेले |
    भारती डुबत नईया मईया लगा दा तानी पार हो |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी देबी गीत 7 –जय हो माई दुर्गा भवानी |

    भोजपुरी देबी गीत 7 –जय हो माई दुर्गा भवानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    तोहरे बा दिहल माई हमरो जवानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    ऊंचे रे पहड़वा माई सच्चा दरबार बा |
    बैशनों देवी पूजे माई सारा संसार बा |
    महिमा तोहार का केतना बखानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    बिंध्याचल मे माई मोर बिंधवासिनी कहाली |
    दखिनेश्वर मे काली माई सबसे पुजाली |
    कामख्या मे माई के अजबे कहानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    शक्तिधाम सीतला कासी अन्नपूर्णा सब जानेला |
    शारदा भवानी मैहर तोहरो सीढ़िया सब चढ़ेला|
    दुनिया मे सबसे बाड़ू माई महाग्यानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    मुंबादेवी मुम्बई काली घाट काली माई |
    पूजी जे तोहके माई मनचाहा फल पाई |
    माफ करा भारती माई सगरो नादानी |
    जय हो माई दुर्गा भवानी |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी देबी गीत 6 – माई के मंदिरवा हो |

    भोजपुरी देबी गीत 6 – माई के मंदिरवा हो |
    भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो |
    बड़ा डर लागे कोरोनवा मन के अंदरवा हो |
    खनक खनक बाजे माई काँच चूड़िया |
    चमक चमक साजे माथे सिनुर बढ़िया |
    डमक डमक बाजे ढ़ोल झाल मंदरवा हो |
    भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो |
    बनी दुलहिनिया माई कईली सोरहो सिंगार |
    रूपवा निरखी तोहार होई गईले उंजियार |
    दम दम दमके माइके ललका ओहरवा हो |
    भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो |
    बड़ी बड़ी अँखिया दुईगो कमल फुलवा |
    कारी कारी केसिया लामी झूले झुलवा |
    सोना के मुकुटवा माथे ललका चदरवा हो |
    भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो |
    मह मह महके चम्पा चमेली गजरा मे |
    छन छन छनके किरीपा तोहरे अँचरा मे |
    मुंहवा के तेज जईसे चमके बिजरी बदरवा हो |
    भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी देबी गीत 5 – चुनी रे चुनी ना |

    भोजपुरी देबी गीत 5 – चुनी रे चुनी ना |
    भगता के भाव बुझिला मनवा सोची रे सोची ना |
    मईया मनावे भगता गावेले पचरा नाची रे नाची ना |
    सोनवा के रथवा साजल लाल अड़हुलवा |
    हाँकी दिहली ना चले लागल शेरवा झूमी रे झूमी ना |
    ऊंचे रे पहड़वा लागल मइया के आसनवा |
    करे शेरवा गरजनवा घुमी रे घुमी ना |
    सोने के कलशवा साजल पुजल सारा जमनवा |
    झूमी रे झूमी ना करे लोगवा माई दरशनवा|
    घुमी रे घुमी ना |
    निमिया के डार मईया लागल हरियर पतइया |
    झूमी रे झूमी ना
    करे मईया के वनदनवा झूमी रे झूमी ना |
    केवन फुलवा लोभइलू माई केवन फुलवा ना |
    चूमी रे चूमी ना
    चढ़े माई के चरनिया चूमी रे चूमी ना |
    लाल अड़हुलवा भावे मईया के बेला फुलवा ना |
    चूमी रे चूमी ना
    चढ़े मईया के चरनिया चूमी रे चूमी ना |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • हिन्दी राम भजन 9 – श्रीराम कहाते है |

    चैत्र नव रात्र के अवसर पर रामनवमी मे श्रीराम भजन
    हिन्दी राम भजन 9 – श्रीराम कहाते है |
    श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है |
    प्रभु आप मर्यादा पुर्षोतम श्रीराम कहाते है |
    मानव जन जग मे मानव रूप अवतार लिया |
    बनके धनुषधारी दानव दैत्य संघार किया |
    अवतार दिवस को हम राम नवमी मनाते है |
    श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है |
    जग का हो कल्याण तुमने वन प्रस्थान किया |
    धर रूप सन्यासी सबरी केवट उत्थान किया |
    जिन चरणों ने तारा अहिल्या चरन पुजाते है |
    श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है |
    महिमा तेरी अपरम्पार पभू बरनी ना जाये |
    जग का किया उद्धार लेखनी ना लिखाये |
    भारती कहे जय श्रीराम अब हम सिर नवाते है |
    श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है |
    रावण को मार स्वर्ग पहुंचाया माँ सीता छुड़ाया |
    फिर आओ भारत मे राम भक्तो ने तुमको बुलाया |
    अयोध्या मे हम सब अब तेरा दरबार सजाते है |
    श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है |

    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
    व्हात्सप्प्स -8210525557

  • हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे |

    चैत्र नव रात्र के अवसर पर देवी भजन
    हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे |
    लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
    भक्त पड़ा है आज माता चरन तुम्हारे |
    निर्मल भाव माता निर्मल है काया |
    चरणों मे तेरे मैंने सिर को झुकाया |
    तेरे सिवा माता रहु मै किसके सहारे |
    लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
    जग ने ठुकराया मुझको किसी ने न पुकारा |
    तेरे शरण मे मिला मुझको आज है सहारा |
    बीच भवर मे नईया मेरी लगाओ अब तो किनारे |
    लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
    करू कितनी गलती आखिर बेटा माँ मै तेरा |
    कर दो माफ गलती मेरी बेटा माँ मै तेरा |
    छोदूंगा कभी ना माँ मै कभी पाँव तुम्हारे |
    लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
    जब भी पुकारा तुमको माता गले है लगाया |
    रोता आया जब भी माता तूने है मुझे हँसाया |
    भारती है बेटा माता हरदम है तुझको पुकारे |
    लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
    व्हात्सप्प्स -8210525557

  • गजल- कोरोना कहर

    गजल- कोरोना कहर
    माना की कोरोना कहर बड़ा मगर आया नहीं |
    सारा जहाँ दहसत मे हिन्द मगर छाया नही |
    फानूस बनके करता हिफाजत वजीरे आलम |
    ठहर गया वो लोकडाउन से कुछ कर पाया नहीं |
    मिल रहा वतन जंगे कोरोना हर खासो आम |
    जीत लेंगे जंग क्या हुआ गर कुछ खाया नहीं |
    है सजग सब कर्मबीर जान अब बचाने सबकी |
    घर कैद जिंदगी और बेटा घर पहुँच पाया नही|
    खींच दिया लक्ष्मण रेखा दहलीज वजीरे आलम|
    माकां मे कैद आदमी कोरोना से मर पाया नहीं |
    मुंह पे नकाब जेब सेनेटाइजर लेकर जाना बाहर |
    रखना दूरिया तुम लोगो साथ कोरोना लाया नहीं |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी देबी गीत 4 – डरावेला कोरोनवा |

    भोजपुरी देबी गीत 4 – डरावेला कोरोनवा |
    डरावेला कोरोनवा डोले सारा जग संसार हो |
    भगावा मारी त्रिशूलवा इहे माई विनती हमार हो |
    चिनवा से आइल माई वाइरस कोरोनवा |
    नमवा से काँपे सबकर थरथर परनवा |
    करा किरीपा फिर से आवे देशवा मे बहार हो |
    डरावेला कोरोनवा डोले सारा जग संसार हो |
    मोदी जी देशवा लोकडाउन लगा दिहले |
    निकलेना केहु घर से सबके सुना दिहले |
    अँखिया तीसरी खोली कोरनवा करा संघार हो|
    डरावेला कोरोनवा डोले सारा जग संसार हो |
    आईल चैत्र नवरतनवा रखी कईसे कलशवा |
    पड़ल संकट मे परान हमरो सगरो देशवा |
    दूर होइहे दुखवा सबकर तोहरो महिमा अपरंपार हो |
    डरावेला कोरोनवा डोले सारा जग संसार हो |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी धोबी गीत – भगा देता बैरी केरौना |

    भोजपुरी धोबी गीत – भगा देता बैरी केरौना |
    नाक करे सुकुर पुकुर बुखार ना उतरौना |
    बलम हो भगा देता बैरी केरौना |
    धीरज धरा धनिया बहरी पाँव ना उठौना |
    मोर सुनरो हो भगा देईब बैरी केरौना |
    जाइके बज़रिआ मसकिया ले आइहा |
    हथवा धोवे वाला सबुनिया ले आइहा |
    बलम हो ला देता नवका बिछौना |
    बलम हो भगा देता बैरी केरौना |
    सगरो देशवा मे लागल बा करफू नजरिया |
    बंद भईले स्कूल कालेज बंद बा बज़रिआ |
    मोदी जी लगवले देशवा मे लोकडौना |
    मोर सुनरो हो कैईसे लियाई नवका बिछौना |
    मोर सुनरो हो भगा देईब बैरी केरौना |
    निकलबू जे बहरिया केरोना लग जाई |
    घरवे मे रही के पहिले जनवा बचाई |
    जनवा जे बची त लीआ देईब बिछौना |
    मोर सुनरो हो भगा देईब बैरी केरौना |
    बलम हो भगा देता बैरी केरौना |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • कविता – भारत जानता है |

    कविता – भारत जानता है |
    कोरोना हो या सेना दुशमन लड़ना भारत जनता है |
    एटम हो वाइरस दुशमन लड़ना भारत जानता है |
    प्रधान मंत्री मोदी जी ने जो कहा वो करेंगे हम |
    काहे का डरना रोना धोना लड़ना भारत जानता है |
    बचना कैसे रहना कैसे कोरोना सब हमने जान लिया |
    नमस्ते कहना हाथ धोना मुंह जाली लगाना भारत जानता है |
    बाबा रामदेव ने कहा योग करो हम रोज करेंगे |
    नित्य शुबह प्राणायाम कपालभाती करना भारत जानता है |
    करो या मरो मत डरो परीक्षा की घड़ी हमारी है |
    बिना घबड़ाये हर महामारी निपटना भारत जानता है |
    सदा सजग रहो सबको सजग करो भीड़ से अलग रहो |
    होगा जो सरकारी फरमान चलना भारत जानता है |
    गए जो बिदेश कमाने भाई वो भी घर वापस आने लगे |
    पहले अपनी जांच सबसे अलग रहना भारत जानता है |
    बंद है अभी सभी स्कूल कालेज माल बाजार जरूरी है |
    खुल जाएँगे सभी थोड़ा धीरज धरना भारत जानता है |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • कोरोना बुरा है

    कोरोना बुरा है
    पास बुलाये कोई पास जाना बुरा है |
    बुलाकर दे दे तुमको कोरोना बुरा है |
    पास जाना अगर हाथ न मिलाना मगर
    गले मिल गये लग जाये कोरोना बुरा है|
    मिलना मिलाना तदबीज़ है करना जरूरी |
    लगाया न नकाब सांस समाये करोना बुरा है|
    जाना जहाँ तुमको जाओ जरूर मगर |
    हाथ हर चीज तुमको लगाना बुरा है |
    उम्र मात्र कुछ लम्हो कोरोना वाइरस की |
    मर जाएगा वो बिना हाथ धोये खाना बुरा है|
    सर्दी जुकाम खांसी बुखार हो भी जाये अगर |
    जाकर डॉक्टर से ना इलाज कराना बुरा है |
    तुम अकेले नहीं साथ तुम्हारे कई जान है |
    बचके रहो मज़ाक कोरोना उड़ाना बुरा है |
    वक्त हैं बुरा वतन जतन मगर टल जाएगा |
    हम हिन्द आवाम कोरोना ना हराना बुरा है |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी चइता गीत 4 – आज केरोनवा भगाइब ये रामा |

    भोजपुरी चइता गीत 4 – आज केरोनवा भगाइब ये रामा |
    आज केरोनवा हम भगाइब ये रामा |
    भारत देशवा |
    सबकर जनवा हम बचाइब ये रामा|
    भारत देशवा |
    चिनवा से आइल ई पापी केरोनवा |
    हरी लेला सबकर धईके परनवा |
    मारी इनके माटी मे मिलाइब ये रामा|
    भारत देशवा |
    आज केरोनवा हम भगाइब ये रामा |
    भारत देशवा |
    मुहवा मे जलिया पहिनिया ये भईया |
    सर्दी खांसी बुखरवा से बचिहा ये भईया |
    नमवा केरोनवा देशवा मिटाइब ये रामा |
    भारत देशवा |
    करिहा नमस्ते हथवा केहु ना मिलइहा |
    गंदा मत रहिहा हथवा हरदम धोइहा |
    जाइके डॉक्टर साहेब जांचिया कराइब ये रामा |
    भारत देशवा |
    आज केरोनवा हम भगाइब ये रामा |
    भारत देशवा |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • हिन्दी गजल- तेरा इंतजार तो है |

    हिन्दी गजल- तेरा इंतजार तो है |
    तू मुझे चाहे न चाहे दिल तेरा तलबगार तो है |
    तूझे तलब मेरी हो न हो मुझे तेरा इंतजार तो है |
    जब भी वक्त मिले आवाज दे देना तुम मुझे |
    तू साथ चले न चले तेरी याद मेरी पतवार तो है |
    लब कुछ कहे न कहे आंखे सच बया करती है |
    मै खुश हूँ सच मे तुझे मुझसे बहुत प्यार तो है |
    तू रहे जहा भी मेरी यादे चैन से रहने न देंगी |
    ठुकराकर मेरी मोहब्बत तू मेरा गुनाहगार तो है |
    क्या कहू तुझसे जो तूने वादे किए थे बहुत |
    जमाना जाने न जाने तू मेरा राजदार तो है |
    अपनी हुश्नों जवानी का गरुर है बहुत तुझको |
    बागो भवरा की फूल को कभी दरकार तो है |
    अपने महबूब को मान खुदा सर आंखो भारती |
    कबुल नहीं मेरी मोहब्बत तू मेरा सरकार तो है |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी गजल- ठीक नईखे |

    भोजपुरी गजल- ठीक नईखे |
    दिल लगाके दिल तोड़ल केहु के ठीक नईखे |
    प्रीत लगाके मुंह मोड़ल केहु से ठीक नईखे |
    कईली केतना प्यार तोहसे का काही हम |
    छोड़ हमरा दिल दुशमन से जोडल ठीक नईखे |
    राज क बात बा राज ही रहे दा अब |
    बेवफा तू गाड़ल मुरदा उखाड़ल ठीक नईखे |
    आँख से आँख मिला के देखा एक बार |
    लहरात प्यार क गागर फोड़ल ठीक नईखे |
    रख़ब तोहके अपने दिल मे करेजा नियन |
    करेजा के कागज नियन फाड़ल ठीक नईखे |
    तोहरे एक मुस्कान हजार जान कुर्बान बा |
    कदरदान के मजधार मे छोडल ठीक नईखे |
    रहा हरदम जवान जईसे गुलाब के बगान |
    आशिक मेहरबान के निचोडल जान ठीक नईखे |
    हमरी आँख के आँसू के मोल तू का जनबू |
    यार टुटल घाव दिल के कूदेरल ठीक नईखे |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी चइता लोक गीत -3- बयार पुरवा ये रामा

    भोजपुरी चइता लोक गीत -3- बयार पुरवा ये रामा
    लगे लागल आम के टिकोरवा ये रामा |
    चइत मासे |
    बहे लागल बयार पुरवा ये रामा |
    चइत मासे |
    मसूरी मटर खूब गदराई गइली |
    पीयर सरसो अब नियराई गइली|
    मगन कोयल गाए गनवा ये रामा |
    चइत मासे |
    पाकल बाली गेहूँ खेतवा लहराये |
    पागल पपीहवा पीहू पीहू गाये |
    चुये टप टप महुआ रस मदनवा ये रामा |
    चइत मासे |
    अँखियाँ मे नसा चढ़ल गोड्वा न जमीन पड़े |
    बहकल बदनवा सजनवा कहा कहे |
    मदन सतावे गोरी नजरवा ये रामा |
    चइत मासे |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी चइता लोक गीत 2- काला तिलवा ये रामा|

    भोजपुरी चइता लोक गीत 2- काला तिलवा ये रामा|
    (श्रिंगार रस)
    गोरी-2 गलिया मे काला -2 तिलवा ये रामा|
    हथवा मे शोभेला सोना के कगनवा ये रामा |
    गोरी-2 गलिया मे काला -2 तिलवा ये रामा|
    बरछी कटारी बा तोहरी नजरिया |
    घायल करेलु सगरो बज़रिआ,तनी सोचा |
    कारी बदरिया काली केसिया ये रामा |
    मथवा पर चमकेला लाल बुंदवा ये रामा |
    गोरी-2 गलिया मे काला -2 तिलवा ये रामा|
    ये जान जुल्मी तोहरी ऊमीरिया |
    दावे लागल मोर जीनिगिया ,तोहरे प्यार मे |
    नागिन लचके तोहार चलिया ये रामा |
    अँचरा के ऊड़ावे बैरी पवनवा ये रामा|
    गोरी-2 गलिया मे काला -2 तिलवा ये रामा|
    ये गोरी मीठ मिसरी तोहार बोलिया |
    कनवा मे झूमे खूब कनबलिया |
    चान चमके तोहरे मूहवा ये रामा |
    दंतवा मे दमके मोतिया के दनवा ये रामा |
    गोरी-2 गलिया मे काला -2 तिलवा ये रामा|
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी चइता लोक गीत 1-बितले फगुनवा ये सइया

    भोजपुरी चइता लोक गीत 1-बितले फगुनवा ये सइया
    बितले फगुनवा ये सइया ,
    गऊआ लागल कटनिया के ज़ोर |
    कईसे होइहे गेंहू के कटनिया मोर |
    गऊआ लागल कटनिया के ज़ोर |
    सुना-2 मोर परदेशी बालम
    धईके आवा जल्दी रेलगड़िया |
    चलल जाई खेतवा होते रे भोर |
    गऊआ लागल कटनिया के ज़ोर |
    सुना -2 मोर लेहुरा देवरवा |
    चलावा ना दिन रात मोबइलिया |
    करबा ना किसनिया खइबा का कौर |
    गऊआ लागल कटनिया के ज़ोर |
    सुना -2 मोर छोटकी ननदिया |
    घूमा जनी तू खाली खरीहनवा |
    मिली करा तू कटनिया माना न बतिया मोर |
    गऊआ लागल कटनिया के ज़ोर |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी होली 13 -करे ले ठिठोली रे कान्हा |

    भोजपुरी होली 13 -करे ले ठिठोली रे कान्हा |
    करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
    रंगवा नहवावे रे सखिया गगरिया मे भरी के |
    बड़ा रे ई बाउर लागे जमुना के पनिया हो |
    मीठी फुसलाई कहे आवा राधा रनीया हो |
    मारी पिचकारी ये सखिया अँचरा के धरी के |
    करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
    केतनों लुकाई रे बनवा खोजी हमे ले ले हो |
    झटके से आई कान्हा अंकवारी भरी ले ले हो |
    डूबी मरी जाई रे सखिया जमुना मे डूबी के |
    करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
    काहे लगवला कान्हा राधा संग पिरितीया हो |
    रुकमनी के धई हथवा कईला काहे घतीया हो |
    उठाई लेता हमके बिधना जईती हम मरी के |
    करेले ठीठोली रे कान्हा कदमिया पर चढ़ी के |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • भोजपुरी होली 12- बड़ा डर लागे केरोनवा से |

    भोजपुरी होली 12- बड़ा डर लागे केरोनवा से |
    रंगवा लगाइब न अबिरवा लगाइब |
    बड़ा डर लागे केरोनवा से |
    अबकी फगुनवा खेलब ना होली ये भौजी |
    बड़ा डर लागे केरोनवा से |
    गलवा ना छूअब ना अँचरा के रंगब |
    ना हथवा मिलाईब फगुनवा से |
    साली से खेलब ना सरहज से खेलब |
    केकरा से खेलब हम होलिया ये भौजी |
    बड़ा डर लागे केरोनवा से |
    झारखंड मे खेलब ना बिहार मे खेलब |
    दिल्ली मे खिल्ली उढ़ावे केरोनवा ये भौजी |
    कान्हा रंग बरसावे बरसनवा मे |
    सर्दी से बची की खांसी से बची |
    बीमारी से बची की महामारी से बची ये भौजी |
    केकेरो ना देहिया सटाइब जजनवा से |
    घरवा ना खेलब बहरिया ना खेलब |
    खेलब ना होलिया बहरिया ये भौजी |
    रंगवा लगाइब खरीहनवा मे |
    पुआ ना खाइब पकवनवा ना खाइब |
    घोरी भंगिया मुहवा ना चढ़ाइब ये भौजी |
    बड़ा डर लागे केरोनवा से |
    ना हथवा मिलाईब फगुनवा से |

    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • हिन्दी गजल- निभाते चले गए |

    हिन्दी गजल- निभाते चले गए |
    हम अपनी वफा निभाते चले गए |
    वो मुझसे दूरिया बढ़ाते चले गए |
    शामिल था उनकी खुशी ओ गम |
    मेरे वक्त वो मुंह चिढ़ाते चले गए |
    प्यार के सिवा कुछ नहीं दुनिया मे |
    वो आग दुश्मनी क्यो बढ़ाते चले गए|
    तन्हा आना जाना मगर जरूरत सबकी |
    नीसा रिश्तो ज़िंदगी मिटाते चले गए |
    तन्हा रहना दोस्त जरूरी हंसी के लिए |
    दिल अजीज दोस्तो दुखाते चले गए |
    पसीना जरूरी दो वक्त रोटी के लिए |
    चाह ज्यादा छवि खुद गिराते चले गए |
    कर लो चराग रोशन अंधेरों डर जाओगे |
    उम्मीदों के दिये सारे बुझाते चले गए |
    तुम देवता न शैतान अकेले रह लोगे |
    हर रिश्ता जरूरी कीमत सुनाते चले गए |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • हिन्दी गीत- देख लेना |

    हिन्दी गीत- देख लेना |
    कीमत मेरी मोहब्बत तुम समझ न पाओगे |
    याद मे मेरी तड़पते रह जाओगे देख लेना |
    जिंदगी मुझसा दोस्त शामिल न कर पाओगे|
    तन्हाइयों ढूंढते रह जाओगे मुझे देख लेना |
    मेरी पाक मोहब्बत को मजाक बना डाला |
    पाक साफ रिश्तो को ताख चढ़ा डाला |
    होगी जरूरत हाथ मलते रह जाओगे देख लेना |
    प्यार मुझसा किया न करेगा कोई |
    जान सिर्फ तुम पर दिया न मरेगा कोई |
    मेरा वफा सिला ना दे पाओगे देख लेना |
    अपनी हुशनों जवानी नाज बहुत करते हो |
    मुझसे दूर बहुत दुर खूब रहते हो |
    हाथ रख दिल मचलते रह जाओगे देख लेना |
    याद मे मेरी तड़पते रह जाओगे देख लेना |

    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ |

    हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    तुझपे दिल निसार करूँ |
    आंखो मे काजल लगा दूँ |
    पांवो मे पायल पहना दूँ |
    तेरी बांहों दिल बहार कर दूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    बाली तेरे कानो मे पहनाऊंगा |
    कील हीरे की नाक मे लगाऊँगा |
    तेरे दिल मे जीवन गुजार सकूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    चम चम बिंदिया लगाऊ माथे पे |
    खन खन कंगना पहनाऊ हाथो मे|
    तू है मेरी यही विचार करूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    काँच की चूड़िया कोमल कलाइयो मे |
    सुन के खनके मेरी याद तन्हाइयों मे |
    तेरी आंखो मे वीहार करूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    माला फूल चम्पा गले मे डालू मै |
    काली जुल्फों फूल गजरा साजू मै |
    हर गम तुझसे किनार करूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    चाँद तारे सजा दूँ तेरी चुनरी मे |
    तुझसे ही दिल लगाउँ ना दूसरी मे |
    सुखी मै तेरा संसार करूँ |
    तेरे रूप का सिंगार करूँ |
    श्याम कुँवर भारती (राजभर )
    कवि/लेखक /समाजसेवी
    बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

  • सईया अइले ना भवनवा

    भोजपुरी होली 11 – सईया अईले ना भवनवा |
    होली खेले तरसे मोर मनवा ना |
    सइयाँ अइले ना भवनवा |
    सबकर लऊटी अइले सजनवा ना |
    उड़ेला गुलाल अब गगनवा |
    छोड़ा नोकरिया सइया घरे चली आवा |
    होलिया मे सइया जनी छछनावा |
    धक धक धड़के मोर परनवा हो |
    सइयाँ अइले ना भवनवा |
    सइया तोहरी याद मोर बरसे नजरिया |
    फागुन मे रंगवा खेले तरसे गुजरिया |
    पगली कहे हमके जमनवा हो |
    सइयाँ अइले ना भवनवा |
    अइबा जे घरवा सोरहो सिंगार हम करब |
    रंगवा अबिरवा तैयार हम करब |
    खेलब संगवा होली इहे बा अरमनवा हो |
    सइयाँ अइले ना भवनवा |

    श्याम कुँवर भारती (राजभर)
    गीतकार /कवि /लेखक
    ढोरी ,बोकारो ,झारखंड
    मोब -9955509286

  • जोगिरा

    जोगिरा
    केवन देश मे जनम लिए घनश्याम |
    केवन देश मे जनम लिए राम भगवान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |
    गोकुला मे जनम लिए घनश्याम |
    अयोध्या नगरी जनम लिए राम भगवान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |

    केवन देश के नेता गरजे करे ऐलान |
    थर थर काँपे दुशमन बचावे आपण जान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |
    भारत देश के नेता गरजे करे ऐलान |
    पड़ोसी देश के दुश्मन बचावे आपन जान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |

    केवन देश के झण्डा फहरे ऊंचा आसमान |
    केतना रंग मे रंगल देशवा करे गुमान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |
    हिन्द देश के झण्डा फहरे ऊंचा आसमान |
    तीन रंग मे रंगल तिरंगा देशवा करे गुमान |
    जोगिरा सारा रा रा रा रा |

    श्याम कुँवर भारती (राजभर)
    गीतकार /कवि /लेखक
    ढोरी ,बोकारो ,झारखंड
    मोब -9955509286

  • हिन्दी होली गीत – मत तरसाओ ना |

    हिन्दी होली गीत – मत तरसाओ ना |
    होली मे तुमको ना छोड़ेंगे हम ,
    मुझे मत तरसाओ ना |
    अबकी फागुन तुमको लगाएंगे रंग |
    मुझे मत तड़पाओ ना |
    गोरे गालो गुलाल लगाएंगे हम सारा |
    रंग देंगे कोरी चुनरिया गोरी हम तुम्हारा |
    डलवा लो रंग अबकी तुम रानी ,
    मत छिप जाओ ना |
    होली मे तुमको ना छोड़ेंगे हम ,
    मुझे मत तरसाओ ना |
    आओ खेले होली दोनों खेल रहा जमाना |
    बच ना पाओगी हमसे मत बनाओ बहाना |
    भर लेंगे बाहो मे तुमको जानी |
    तुम मत इठलाओ ना |
    होली मे तुमको ना छोड़ेंगे हम ,
    मुझे मत तरसाओ ना |
    मस्ती मे झूमे होली हम खेले संग |
    चुनरी भिंगा लो चोली रंगा लो रंग |
    संतोष भारती का यही है कहना |
    जालिम दिल ना जलाओ ना |
    होली मे तुमको ना छोड़ेंगे हम ,
    मुझे मत तरसाओ ना |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी कविता- बसंत आने लगा |

    हिन्दी कविता- बसंत आने लगा |
    बागो मे फूल कलियों बाहर अत्यंत आने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    शरद ऋतु शने शने बिगत अब होने लगी |
    धूप की नरमी अब गर्मी मे बदल जाने लगी |
    गरम लिहाफ छोड़ मौसम सुखांत आने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    फूलो भवरों की गूंज अब गुंजने को है |
    बहारों पराग पवन संग अब महकने को है |
    चिड़ियों चह चह दिग दिगंत गाने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    पिया तू कहा पपीहा बिरह राग गाएगा |
    सजनी को याद सजन बहुत अब आयेगा |
    खुमार मदहोसी जीव जंत छाने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    टोली जवानो की राग फाग अब गाएँगे सब |
    झाल मजीरा माँदर झूम अब बजाएँगे सब |
    ऋतुराज स्वागत पुस्प पंथ बिछाने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    प्रीतम की प्यारी भर नयनो मे मद सारी |
    मीठे कोयल की कुक उठे मन हुक नर नारी |
    हिय प्रिय मधुर मिलन गीत कंठ गाने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |
    झर झर निर्झर झरते झरने पवन |
    बयार पुरवा बढ़ाए तन बदन अगन |
    गंध केसर महक योवन आनंद सुहाने लगा |
    मस्त मदन लिए अंगड़ाई देखो बसंत आने लगा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली गीत 2-हमके फगुनवा मे

    भोजपुरी होली गीत 2-हमके फगुनवा मे |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    तोहार रंग देईब ओढनी मारी पिचकरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    खेलबू नाही होरी त करब बलजोरी |
    आवा खेला होरी बना जनी रानी भोरी |
    मना जे करबू त बेकार होई उमरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    रंगवा लगाइब तोहके अबिरवा लगाइब |
    भरी अंकवरिया तोहके गरवा लगाईब |
    तू हउ राधा मोर हम हई सावरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |
    आईल फगुनवा बहे फगुनी बयार हो |
    मस्त महीनवा बढ़े हमरो प्यार हो |
    तोहरे पर लागल गोरी हमरो नजरिया |
    हमके फगुनवा मे ना तरसावा हो गुजरिया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली गीत 1-सगरो फगुनिया |

    भोजपुरी होली गीत 1-सगरो फगुनिया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    देखा चढ़ल सबके सगरो फगुनिया |
    रंगे केहु गाल गुलाबी |
    केहु रंगे बाल शराबी |
    रंगवा लगाला ना होई खराबी |
    रंगवा हउवे प्रेमवा के चाबी |
    बोला गोरी रंग देई तोहरो ओढ़निया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    चढ़ल केहु पर फागुन क नसा |
    चढ़ल केहु पर होली क नसा |
    चढ़ल केहु पर सजनी क नसा |
    महकल काहे फागुन गोरी तोहरो जवनिया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |
    केहु खेले होरी भर पिचकारी |
    गुलाल उढ़ावे केहु झोरी झारी |
    केहु बजावे झाल मंजीरा |
    केहु गावे झूमी खूब जोगिरा |
    मन करे रंग देई गोरी तोहरो नथुनीया |
    आवा गोरी रंग देई तोहरो बदनीया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली गीत 3-मस्त फागुन |

    भोजपुरी होली गीत 3-मस्त फागुन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    तुझे रंग लगाऊँगा मै हर हाल मे |
    होली खूब खेलूँगा आज मै |
    चलो मनाए फागुन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    बागो बहारों कलियाँ खिलने लगी |
    फागुन महीने गोरी मचलने लगी |
    गोरी तू अन्जान मत बन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |
    तेरी अंगड़ाई मन बहकने लगा है |
    खेलूँगा होली दिल मचनले लगा है |
    संतोष भारती है तेरा सजन |
    आया है मस्त फागुन
    उड़ती है तेरी चुनरिया |
    सर सर बहती है मह मह महकति है हवा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गजल- वतन को बचाने चले है |

    हिन्दी गजल- वतन को बचाने चले है |
    लगा मजहबी आग आज वो वतन जलाने चले है |
    भड़का सियासी चिंगारी वो वतन मिटाने चले है |
    भरा नहीं दिल उनका फैला दंगा फसाद देश मे |
    है कितने हमदर्द उनके लोगो सब दिखाने चले है |
    करते बात देशहित हाथ दुशमनों मगर मिलाते है |
    लगा देश बिरोधी नारा रोज मजमा लगाने चले है |
    जवानो की शहादत पर ओढ़ लेते है खामोशिया |
    मौत दुशमनों पीट छाती वो मातम मनाने चले है |
    करते राजनीति पर करते काम देशद्रोहियों वाला |
    सियासत ऐसी हाथ दुशमनों वो मिलाने चले है |
    मंदिर मस्जिद गिरजा गुरुद्वारा से मतलब नहीं |
    आए चूनाव सिर माथे चंदन वो चमकाने चले है |
    फिक्र अपनी नहीं फिक्र वतन की करता है वो |
    रहे भारत सलामत उम्र अपनी वो खपाने चले है |
    टुकड़े गैंग या हो टोली गदारों वो डरता ही नहीं |
    आवाम समझ भगवान सिर वो झुकाने चले है |
    चलना साथ तुम भी चलो पहले दिल मैल दूर करो |
    सबका साथ सबका विश्वास वतन वो बचाने चले है |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गजल-संग जो चले होते |

    हिन्दी गजल-संग जो चले होते |
    दो कदम तुम दो कदम हम संग चले होते |
    तन्हा न मै तन्हा न तुम कभी दोनों रहे होते |
    याद किया होता गर दिल से कभी तुमने मुझे |
    कभी ख्वाबो मे ही सही हम दोनों मिले होते |
    सिवा तेरी यादों के पास मेरे कुछ बचा नहीं |
    साथ दिया न वक्त वरना इश्क फूल खिले होते |
    कास की लौट आते हमारे वो बीते हुये लम्हे |
    मै तुम्हारा तुम हमारे अब मीत बन चले होते |
    ये मजबूरियाँ ये दूरियाँ खलती बहुत है मुझे |
    दिल लगाया न होता न हम तेरे दिलजले होते |
    छोड़ चुके हो मेरा साथ मेरे शहर को तुम |
    लौट आते तुम मोहब्बते गुल फले फुले होते |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गजल- हम सहने लगे |

    हिन्दी गजल- हम सहने लगे |
    तेरे बेगैर तन्हा ही हम रहने लगे |
    याद तेरी अश्क आंखो बहने लगे |
    हुआ रुसवा शहर कोई बात नहीं |
    लेके तेरा नाम आशिक कहने लगे |
    रुसवाइयों से कभी मै डरता नहीं |
    बिछड़ न जाये बात हम डरने लगे|
    मै आशिक तेरा कबुल करता हूँ मै |
    आप साथ छोड़ मगर क्यो चलने लगे |
    साथ छोड़ दोगे कभी मैंने सोचा नहीं |
    लेके तेरा नाम पल पल यूं मरने लगे |
    सहने को सह लूँ हर जुल्म मै जमाने |
    तेरे इश्क हर सितम हम सहने लगे |
    लिखे जो कलाम ख्याल मे तेरे हम |
    समझ तुझे बार बार उसे पढ़ने लगे |
    लौट आएगा तू मुझे यकीन है बहुत |
    रोज रातो ख्वाब नए खूब सजने लगे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 10- अपना सजनवा रे |

    भोजपुरी होली 10- अपना सजनवा रे |
    उनके चढ़ल बाड़े मस्त फगुनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    फागुन मे गोरिया के चढ़ल बाड़े मस्ती |
    मिलतू तू बहिया मे भरती |
    होलिया मे बहकल जोबनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    चढ़ते फगुनवा उनकर गदरल जवनिया |
    फगुनी बयार उनकर फरकल बदनिया |
    खेले होली संग पियवा अंगनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    नेहिया लगाके काहे कइलू दगाबाजी |
    होलिया मे सईया संगे करेलु कलाबाजी |
    देखि देखि भारती छछने परनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |
    उनके चढ़ल बाड़े मस्त फगुनवा रे |
    गोरी रंग देली अपना सजनवा रे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गजल- उसे बुझाओ लोगो |

    हिन्दी गजल- उसे बुझाओ लोगो |
    टूट रहे जो रिश्ते भाईचारे उसे बचाओ लोगो |
    खींच रही जो दिवार दुश्मनी उसे गिराओ लोगो |
    जल रहा जो मकान वो हमारा और तुम्हारा भी |
    धु – धु हो रहा शहर सारा उसे बुझाओ लोगो |
    बढ़ाके दिलो दूरिया छुप गए सियासतदान कही |
    दहक रहा घर उनका भी उन्हे दिखाओ लोगो |
    उन्माद उत्पात और आगजनी कोई हल नहीं |
    मजहबी मर्ज की दवा कोई है बताओ लोगो |
    वो भी क्या दिन थे हर बात हम गले मिलते थे |
    अब भी वही जज्बाये दिल हाथ मिलाओ लोगो |
    हो जूजून खुशहाली वतन उन्माद सही नहीं |
    भूल नफ़रतों गुबार गुल मोहब्बत खिलाओ लोगो |
    है मौके की तलास दुशमन की हम लड़ मरे |
    हम एक थे एक रहेंगे जरा उसे बताओ लोगो |
    जुम्मन का जुम्मा दिनु की दिवाली संग मनाएंगे |
    घर का मसला मिल खुद ही सुलझाओ लोगो |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 9 – कारी केसिया के झार |

    भोजपुरी होली 9 – कारी केसिया के झार |
    बहे लागल फागुनी बयार |
    मह मह महके अमवा मोजरवा |
    छन छन छनके महुआ के कोचवा |
    अईले नाही सईया तोहार |
    गोरिया कारी केसिया के झार |
    पियर सरसो फुला गईली |
    हरियर मटर गदराई गईली |
    झीनी झीनी बहे पुरवा बयार |
    गोरिया कारी केसिया के झार |
    बैरी पवनवा दरदिया बढ़ावे बदनवा |
    महुआ के कोचवा चुएला मदनवा |
    सजनी चले अचरा के उड़ाय |
    गोरिया कारी केसिया के झार |
    फुलवा फुला गईले भवरा लोभाई गईले |
    चढ़ते फगुनवा सजनवा कोहाई गईले |
    सजनी करेली सोरहो सिंगार |
    गोरिया कारी केसिया के झार |
    बहे लागल फागुनी बयार |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 8–सड़िया ले अइह |

    भोजपुरी होली 8–सड़िया ले अइह |
    सड़िया ले अइह लाल लाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |
    होलिया मे रंगब तोहरो गाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |
    सड़िया के संगवा लाल चुनार ले अइह|
    औरी ले अइह चूड़िया लाल लाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |
    गुलाल ले अइहा सईया अबीरवो ले अइह |
    रंगवा ले अइह लाल लाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |
    कंगना ले अइह सईया कनबलिया ले अइह |
    टिकुली ले अइह लाल लाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |
    सड़िया ले अइह लाल लाल |
    ये सइया आ गईले फगुनवा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 7– आज भारत मे होली |

    भोजपुरी होली 7– आज भारत मे होली |
    आज भारत मे होली रे सखिया |
    सिमवा चलावे जवान गोली रे सखिया |
    आज भारत मे होली रे सखिया |
    केकर मजाल भारत अँखिया देखावे |
    झट से जवान उनकर नसिया दबावे |
    सिमवा पर खेले भर झोरी रे सखिया |
    आज भारत मे होली रे सखिया |
    जब केहु ललकारे देश के जवनवा |
    मारी दुशमनवा उनकर हरी लेले परनवा |
    होलिया खेले ले मारी गोली रे सखिया |
    आज भारत मे होली रे सखिया |
    जीती के जंगवा खेले रंग पिचकरिया |
    देशवा के होली देखि दुशमन फाटल नजरिया |
    खुनवा से खेले बीर होली रे सखिया |
    आज भारत मे होली रे सखिया |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर |

    भोजपुरी होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    मोदी जी महनवा छप्पन इंची सिनवा |
    बदले देशवा के तकदीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    जबसे ई भईले प्रधान मंत्री देशवा |
    आगे टीके नाही केवनों बलबीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    जब जब ललकारे पापी पाकिस्तनवा |
    मारी देले ओकरा के शमशीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    होला जय जयकार भारत के जमनवा |
    बांधी दीहले दुशमन के जंजीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    अमित साह खेले खोली मशीनगनवा |
    होलिया खिलावे सेना पूरी औरी खीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा |

    भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    कहे गौरा भोला भंगिया पिये ना जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    पीना जो होतो भोला लस्सी तू पिला |
    आके अबीर गुललवा लगा जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    खाना जो हो तो खीर पूड़ी तू खा जा |
    जहर धतुरवा ना खा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    खेलना जो हो होरी गौरा संग खेला |
    गणेश कार्तिक के रंगवा तू दे दा लगा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    लगाना हो समाधि तो कैलास पर लगावा |
    भूतवन बैतलवन होरी खेले तू कहा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली

    भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    हरदम करे उ बलजोरी |
    जब हम जाई जमुना किनरवा |
    देले मोर मटकी के फोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई फूल लोढ़े बगिया |
    खींचे मोर अँचरा के कोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई यमुना के बिचवा |
    करे मोर सड़िया के चोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई ब्रिन्दा रे बनवा |
    बंसिया बजाई नचावे राधा गोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई दहिया लेईके बज़रिआ |
    कहे चला कदमवा के ओरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी पारंपरिक होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर |

    भोजपुरी पारंपरिक होली 6 -दिल्ली मे उड़ेला अबीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    मोदी जी महनवा छप्पन इंची सिनवा |
    बदले देशवा के तकदीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    जबसे ई भईले प्रधान मंत्री देशवा |
    आगे टीके नाही केवनों बलबीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    जब जब ललकारे पापी पाकिस्तनवा |
    मारी देले ओकरा के शमशीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    होला जय जयकार भारत के जमनवा |
    बांधी दीहले दुशमन के जंजीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |
    अमित साह खेले खोली मशीनगनवा |
    होलिया खिलावे सेना पूरी औरी खीर |
    दिल्ली मे उड़ेला अबीर ,सुना लोग |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा |

    भोजपुरी पारंपरिक होली 5-भंगिया पिये ना जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    कहे गौरा भोला भंगिया पिये ना जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    पीना जो होतो भोला लस्सी तू पिला |
    आके अबीर गुललवा लगा जा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    खाना जो हो तो खीर पूड़ी तू खा जा |
    जहर धतुरवा ना खा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    खेलना जो हो होरी गौरा संग खेला |
    गणेश कार्तिक के रंगवा तू दे दा लगा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |
    लगाना हो समाधि तो कैलास पर लगावा |
    भूतवन बैतलवन होरी खेले तू कहा |
    भोला भंगिया पिये ना जा |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली

    भोजपुरी पारंपरिक होली 4-कान्हा संग होली
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    हरदम करे उ बलजोरी |
    जब हम जाई जमुना किनरवा |
    देले मोर मटकी के फोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई फूल लोढ़े बगिया |
    खींचे मोर अँचरा के कोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई यमुना के बिचवा |
    करे मोर सड़िया के चोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई ब्रिन्दा रे बनवा |
    बंसिया बजाई नचावे राधा गोरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |
    जब हम जाई दहिया लेईके बज़रिआ |
    कहे चला कदमवा के ओरी |
    सखी खेलब ना कान्हा संग होरी |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपूरी लोकगीत (पूर्वी धुन ) – तोहरो संघतिया

    भोजपूरी लोकगीत (पूर्वी धुन ) – तोहरो संघतिया
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    करे मनवा तनवा के झकझोर |
    बिसरे नाही प्रेमवा के बतिया ,
    बरसे मोरे नयनवा से लोर |
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    कइके वादा हमके बिसरवला |
    तोड़ी नेहिया के बहिया छोडवला |
    सुनाई केतना हम आपन बिपत्तिया |
    मिले नाही हमके कही ठोर |
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    तोड़े के रहे काहे दिलवा लगवला |
    सुघर काहे हमके सपना देखवला |
    साले हमके तोहार सावर सुरतिया |
    चले नाही केवनों दिलवा प ज़ोर |
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    भूखियो न लागे हमके नींदियों ना लागे |
    मखमल के सेजिया कटवा जस लागे |
    सही केतना हम लोगवा ससतिया |
    तरवा गिनत हमके होई जाला भोर |
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    जिनगी डुबवल भवरिया सवरिया |
    बिरह के अगिया जरे ई गूज़रिया |
    नागिन जईसे डसे कारी रतिया |
    भरीला तू भर अंकवरिया माना बतिया मोर |
    याद आवे जब तोहरो संघतिया |
    करे मनवा तनवा के झकझोर |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी ओज कविता-अभिनन्दन बना लेंगे |

    हिन्दी ओज कविता-अभिनन्दन बना लेंगे |
    मिट्टी वतन सिर माथे चन्दन बना लेंगे |
    ऊंचा तिरंगा भारत सदा वंदन बना लेंगे |
    रंगी शहीदो खून आजादी नमन उनको |
    कुर्बानी शहीदों हम वचन बंधन बना लेंगे|
    आजाद भारत आ पहुंचा किस मुकाम तक |
    बिगड़े हालात इसे ब्रिज नन्दन बना लेंगे |
    लाख तूफानो बुनियाद कोई हिला न सका |
    हर वीर जवानो हिन्द अभिनन्दन बना लेंगे |
    चाल चलता दुशमन मगर पार पाता नहीं |
    मोदी अमित डोभरवाल दुश्मन क्रंदन बना लेंगे |
    जड़े जमी भारत जमीन पाताल हिलाना मुश्किल |
    पहरेदार ऊंचा हिमालय दीवार वतन बना लेंगे |
    है हर खासो आम दीवाना हिन्द का बहुत |
    मिल सब दुशमनों वतन दुख भंजन बना लेंगे |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिंदी गजल- अब सफा कीजिये |

    हिंदी गजल- अब सफा कीजिये |
    टूटे रिश्तो मे जान बाकी हो अगर ,
    प्यार से सींचकर अब वफा कीजिये |
    काँच के जैसा होता है दिल का रिस्ता यहा |
    टूट न जाये दील अब बचा कीजिये |
    लाखो मिल जाएँगे सबको सबकी जवानी मे |
    ढल जवानी हमसफर अब ढूंढा कीजिये |
    तेरी दौलत के खातिर है चाहने वाले कई |
    करता कौन मोहब्बत अब पता कीजिये |
    हुशनों जवानी के है सब भूखे यहा |
    जल जाये जवानी जुल्मो न खता कीजिए |
    दिल की बात दिल मे न रखिए जनाब |
    गर हो शिकायत कोई अब रफा कीजिये |
    मिल गया जो दिल का रिश्ता उसे कबुल करो |
    गर हो गई भूल कोई अब दफा कीजिये |
    टूटे रिश्तो मे जान बाकी हो अगर ,
    प्यार से सींचकर अब सफा कीजिये |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गजल- मुझको भुलाए है |

    हिन्दी गजल- मुझको भुलाए है |
    दिल मे क्यो मेरे आप समाये है |
    ख्वाब आंखो क्यो आप दिखाये है |
    जिधर भी देखिये आप का नजारा है |
    क्या बताए कैसे मैंने रैन बिताए है |
    होके बेखबर आप चैन से सोते है |
    रातो को जाग आँसू मैंने बहाये है |
    अंजुमन मे हम तन्हा नजर आते है |
    दिल लगा क्या खोये क्या पाये है |
    हुआ रुसवा तेरे खातिर जमाने मे |
    तेरे नाम लोगो ने कितना सताये है |
    तड़पता है दिल आपकी नजर को |
    कर लूँ दीदार पलके हम बिछाए है |
    हसीन जलवा नजरों हटता ही नहीं |
    आप मगर मुझको क्यो भुलाए है |
    चाहा खबर न लगे प्यार जमाने को |
    हंगामा शहर अब क्या छिपाए है |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • हिन्दी गीत- क्यो हुआ

    हिन्दी गीत- क्यो हुआ
    मुझे पहली बार प्यार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    झूठा ही कोई दिलदार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    मैंने चाहा नहीं मैंने सोचा नहीं |
    हुआ क्या मुझको पता नही |
    क्यो उसका मुझे इंतजार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    था मै बेपरवाह कितना मजा था |
    होगी उसकी चाह किसको पता था |
    मै क्यो इतना लाचार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    धड़कने नाम उसका लेती है |
    बिना उसके न जागती न सोती है |
    मै उसका बड़ा तलबगार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    हर जगह हर शय वो दिखता है |
    हर पल दिल मेरे वो रहता है |
    काया मुझे उससे प्यार हुआ |
    यार क्यो हुआ |
    मुझे पहली बार प्यार हुआ |
    यार क्यो हुआ |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

  • भोजपुरी गीत- काहे भुला गइलू |

    भोजपुरी गीत- काहे भुला गइलू |
    दिलवा लगाके काहे भुला गइलू |
    भईल केवन कसूर काहे कोहा गइलू |
    तोड़ दिहलु दिलवा काँच के टुकड़ा जईसन |
    लगे सुरतिया टोहार चाँद के मुखड़ा वईसन |
    छोड़ी हमके काहे रुला दिहलु |
    दिलवा लगाके काहे भुला गइलू |
    पवन झंकोरा उड़े केसिया बड़ा निक लागे |
    चमचम चमके लाल बिंदिया बड़ा निक लागे |
    कोमल दिलवा ठोकर लगा गइलू |
    दिलवा लगाके काहे भुला गइलू |
    आवा तोहे दिलवा के रानी हम बनाइब |
    प्रेमवा के गितिया गाई के हम सुनाइब |
    बिना रे कसूर काहे दगा दिहलु |
    दिलवा लगाके काहे भुला गइलू |
    सथवा निभाइब हमसे किरिया खियाला |
    छोडब नाही संग तोहरो बतिया पतीयाला |
    केवन सवरिया गोरी लोभा गइलू |
    दिलवा लगाके काहे भुला गइलू |

    श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

    मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

New Report

Close