सूना था वक़्त रुकता नहीं, बहता है, बदलता है, बस राह अपनी; जाने कब खो गए वो दिन प्यारे जाने कब छूट गए वो लोग सारे, बच गई तो बस कुछ एहसास न्यारी, रूठ गई […]