जब भी कुछ माँगता हूँ तो हर बार तू मुझको देता है कभी न करता उदास तू मुझको झोली तू मेरी हर वक़्त भरता है कैसे करूँ मैं शुक्रिया अदा तेरा ये दिल हर वक़्त […]

ज़िन्दगी एक अनसुलझी पहेली सी नज़र आती है, कभी किसी कि सगी तो कभी सौतेली सी नज़र आती है, रूठना रूठ कर मान जान जाना इंसानों की फितरत होगी, पर ज़िन्दगी गर रूठ जाए तो […]

ये जो दुनिया छोड़ के चले जाते हैं पहले से कुछ भी न बताते हैं जाने कहाँ और कैसे रहते हैं कुछ भी खबर न हमको बताते हैं कैसा है नया आशियाना उनका सब के […]

व्यवहारिक” शब्द सुनते ही मीठा सा भान होता है व्यवहारिक इंसान का समाज में बड़ा मान होता है इन्हें सामाजिक परम्पराओं का खासा ज्ञान होता है ऐसे इंसान को अपने मान पर बड़ा गुमान होता […]

हर एक काम में हुनर अपना दिखाती है, हर मुश्किल से जैसे लड़ना सिखाती है, जल्द ही गिरकर उठते नहीं हम लोग, वो हर बार बढ़कर हौंसला बढ़ाती है, खुली आँखों जिसे ठोकर मारते हैं […]

जिस दिशा में दृष्टि जाती, दिखता तम ही तम है दूर करदे शीघ्रता से, तेरे उर में जो अहम है -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-