वो बचपन वाला मैदान आज भी मेरे इंतज़ार में मुझसे मिलने को तरस रहा है, अब तो बादल भी गुस्से में है मेरे यार मेरे न होने पे वो सिर्फ गरज रहा है, सिर्फ गरज […]

कुछ तो जरूर होगा उन प्यारी सी आँखों में, सपने तो उसके भी होंगे उड़ने के आसमानों में। सहमी तो वो भी रहती होगी उस अनजानी भीड़ में, घर से दूर उस बिन पहचानी सी […]

काश मैं होती तितली रानी सबके मन को भाया करती रंग बिरंगे पंखों से मैं बच्चों को भी खूब लुभाती दुनिया भर में घूमा करती न कोई बंधन में मैं बंधती खुले गगन की सैर […]

आतंकी जवानों को रोज गोली मार रहे हैं जनता द्वारा चुने नेता देश को खा रहे हैं ढोंगी बिना वजह ही, मुद्दे खड़े कर रहे हैं स्वार्थ सिद्धि को खुदा को रिश्वत दे रहे हैं […]

काश मेरे सपनों को हकीकत की शक्ल मिल जाये बिन पंखों के आसमान छूने का हौसला मिल जाये यूँ तो खोये रहते हैं दिन भर खवाबों में ही शायद फिर कुछ हकीकत में जीना सीख […]

गमों के आसमान का तू परिंदा क्यों है, झूठी उम्मीदों की ज़मी पर तू ज़िंदा क्यों है, सिकोडे हैं हौंसलों के तू क्यों पर अपनें, उम्मीदों पर न टिके तू वो वाशिंदा क्यों है।। राही […]

आओ किताबों के पन्नों से बाहर निकल चलते हैं, काले अक्षरों से निकल रौशनी की ओर चलते हैं, बहुत पढ़ लिए विषय इन किताबों के, आओ हकीकत के दो पन्ने पलट कर देखते हैं।। राही […]

अगर हुई गलती मुझे माँफ करो, हर गलती मेरी शर्मनाक है, या तुम मार गिरावो या माँफ करो। गलती किया इसलिए माँफी माँग रहा, अगर लगता गलती– गलती का अनुमोदन है तो इसे भी स्वीकार […]

ईश्वर ने भी अंक सात को बड़ा ही शुभ बनाया है सात दिनों में इस जगत का सुन्दर निर्माण कराया है संग सात फेरों के लेकर रिश्ते वचन निभाते हैं सात दिनों के एक सप्ताह […]

क्यों जन्म लेने से पहले ही, मार देते हो मुझको क्या मुझको हक़ नही, इस दुनिया में जीने का भूल गए हो तुम, ज़रा अपनी आँखों को खोलो गौर से देखो तुम्हें भी किसी औरत […]

अच्छा बनने के लिए जरूरी नही कि मै अच्छे कपडे पहनूँ मै जानती हूँ कि मेरा दिल सच्चा है मुझे दिखावे की कोई जरूरत नही तुमको अगर जानना है मुझको तो मेरी अच्छाइयों से जान […]

बनाकर कठपुतलियों को अपने इशारों पर नचाते हैं धागों से चारों तरफ फिर उनको बाँधते हैं बेजान सी होकर भी सबके मन को लुभाती है अपने मनभावन नृत्य से वो पैसे कमाती है।।