तेरा सजदा – 101
कोई बिना ख्वाहिश के आजन्म तुझ्से मिलते रह्ता है
कोई बिना ख्वाहिश के कभी याद भी ना तुझे करता है
…… यूई
तेरा सजदा – 101
कोई बिना ख्वाहिश के आजन्म तुझ्से मिलते रह्ता है
कोई बिना ख्वाहिश के कभी याद भी ना तुझे करता है
…… यूई
तेरा सजदा – 100
कोई बंद आँख कर तेरे मन में उतर जाता है
कोई खुली आँखों से भी तुझे ना जान पाता है
…… यूई
तेरा सजदा – 99
कोई तेरे सामने कुछ भी ना बोल पाता है
कोई तेरे सामने इच्छाओं का पिटारा खोल जाता है
…… यूई
तेरा सजदा – 98
कोई आँख खुलते ही तुझको सामने पाता है
कोई आँख खुलते ही पहले ख़ुद को धियाता है
…… यूई
तेरा सजदा – 97
कोई ख़ुद में भी तुमसे ही मिलता है
कोई सब में भी ख़ुद से ही मिलता है
…… यूई
तेरा सजदा – 96
कोई हर वक्त में बस तेरा ही रह्ता है
कोई हर वक्त में बस ख़ुद का ही रहता है
…… यूई
तेरा सजदा – 95
किसी का तुझसे मिलके जीना हो जाता है
किसी का बस ख़ुद में ही जीना रह्ता है
…… यूई
तेरा सजदा – 94
कोई मैं से तूं हो गया है
कोई तूं को मैं कर रहा है
…… यूई
तेरा सजदा – 93
कोई हर पल तुममें सिमटा रह्ता है
कोई हर पल ख़ुद में सिमटा रह्ता है
…… यूई
तेरा सजदा – 92
कोई अपनी दुआओं का असर तुमपे जमा गया है
कोई अपनी दुआओं की खाली पोली खोल गया है
…… यूई
तेरा सजदा – 91
कोई तुमसे मिल कर थम गया है
कोई तुमसे मिल कर चल गया है
…… यूई
तेरा सजदा – 90
कोई औरन के दर्द को हरता रह्ता
कोई औरन को दर्द में डालता रहता
…… यूई
तेरा सजदा – 89
कोई तेरे मन की ख़ुशियों में ही खुश रह्ता
कोई ता उमर ख़ुद की ख़ुशियाँ लोच्ता रह्ता
…… यूई
तेरा सजदा – 88
कोई तेरे नूरानी नूर में रौशन रह्ता
कोई दुनियावी नूर में खोया रह्ता
…… यूई
तेरा सजदा – 87
कोई तेरे इशक की इबादत में नाच्ता रह्ता
कोई वासना की झमेलों में बंधा मरता रह्ता
…… यूई
तेरा सजदा – 86
कोई तेरी बँदगी मैँ झुका हुआ रह्ता
कोई ख़ुद की बँदगी में खोया रह्ता
…… यूई
तेरा सजदा – 85
कोई सबको यहा ख़ुद सा ही पाता
कोई किसी को यहा ख़ुद सा ना पाता
…… यूई
तेरा सजदा – 84
कोई तेरी पहचान यहां ख़ुद बन जाता
कोई ख़ुद की पहचान भी ना बना पाता
…… यूई
तेरा सजदा – 83
कोई सब में कोई फर्क ना ढूंढ़ पाता
कोई ख़ुद सा कोई को ना ढूंढ़ पाता
…… यूई
तेरा सजदा – 82
कोई सब में तुझको देख् पाता
कोई ख़ुद मेे ही ना तुझे देख् पाता
…… यूई
तेरा सजदा – 81
कोई पल पल तेरी पहचान बनता
कोई ख़ुद की भी पहचान गँवा जाता
…… यूई
तेरा सजदा – 80
कोई ख़ुद को तेरे अन्दर समा जाता
कोई ख़ुद के अन्दर ही उलझा रह्ता
…… यूई
तेरा सजदा – 79
कोई तुझको ख़ुद पे नाज़ करा जाता
कोई ख़ुद को ही दागदार करा जाता
…… यूई
तेरा सजदा – 78
कोई इस जीवन से ईमान बना कर जाता
कोई इस जीवन से ईमान गिरा कर जाता
…… यूई
तेरा सजदा – 77
कोई तेरे सामने आ तुझसे नज़रे मिलाता
कोई तेरे सामने आ तुझसे नज़रे चुराता
…… यूई
तेरा सजदा – 76
कोई तेरे पास सर उठा कर आता
कोई तेरे पास सर झुका कर आता
…… यूई
तेरा सजदा – 75
कोई गहन मुश्किलों में ईमान ना गिराता
कोई रंगीनियों में डूब जीवन बिताता
…… यूई
तेरा सजदा – 74
कोई अपनी रूह को तुझमें समाता
कोई अपनी रूह को दागदार कर जाता
….. यूई
तेरा सजदा – 73
कोई किसी का दिल ना दुखाता
कोई सबको खून के आँसू रुलाता
….. यूई
तेरा सजदा – 72
कोई जीवन से तुझे कमा जाता
कोई जीवन को यूँ ही गँवा जाता
….. यूई
तेरा सजदा – 71
कोई तेरे मन की रज़ा को समझ जाता
कोई ख़ुद के मन को भी जान ना पाता
….. यूई
तेरा सजदा – 70
कोई प्यार पर दुनीया का विश्वास बड़ा जाता
कोई प्यार को हर दिल से मार मुकाता
….. यूई
तेरा सजदा – 69
कोई तेरी हर शय से प्यार निभाता
कोई तेरी हर शय को मार मुकाता
….. यूई
तेरा सजदा – 68
कोई जीवन भर तेरी दुनिया को सज़ाता
कोई जीवन भर उसको विकृत करता
….. यूई
तेरा सजदा – 67
कोई पल पल तेरे नाम से डरता
कोई तेरे नाम से लोगो को डराता
….. यूई
तेरा सजदा – 66
कोई हर पल तेरे सरुर में रह्ता
कोई हर पल ख़ुद के ग़रूर में रेह्ता
….. यूई
तेरा सजदा – 65
कोई खुद की खुशियाँ है चाहता
कोई अपनी ख़ुशियाँ लुटाना है चाहता
….. यूई
तेरा सजदा – 64
कोई तुझसे मुश्किलों के हल है चाहता
कोई तुझसे खुशियों के फल है चाहता
….. यूई
तेरा सजदा – 63
कोई खुद के लिए उपहार है चाहता
कोई दूसरों पर न्योछावर कर जाता
….. यूई
तेरा सजदा – 62
कोई खुद के लिए तेरा प्यार है चाहता
कोई सबके लिए तेरा प्यार है चाहता
….. यूई
तेरा सजदा – 61
कोई तेरी अनुकंपा है चाहता
कोई दूसरों पर दया है लूटाता
….. यूई
तेरा सजदा – 60
कोई टूट के तुझको भजता
कोई टूट कर तुझको भजता
….. यूई
तेरा सजदा – 59
कोई दिल खोल तुझे भजता
कोई दिल खो के तुझे भजता
….. यूई
तेरा सजदा – 58
कोई तेरी भाषा में तुझे भजता
कोई खुद की ही भाषा में भजता
….. यूई
तेरा सजदा – 57
कोई आजन्म तुझमें विश्वास जगाता
कोई बीच राह् में तुझे छोड़ जाता
….. यूई
तेरा सजदा – 56
कोई बंधनों में तुझको है ध्याता
कोई सब बंधन तोड़ तुझे रिझाता
….. यूई
तेरा सजदा – 55
कोई आँख बंद कर तुझमें रमता
कोई आँख तेरी में है जा बसता
….. यूई
तेरा सजदा – 54
कोई तेरे दिल में है चाहता बसना
कोई तेरे मन चाहता है सजना
….. यूई
तेरा सजदा – 53
कोई दूसरों को बछाने हेतू काँटों का ताज पहनता
कोई दूसरों को गिराने हेतू काँटों की राह् बनाता
….. यूई
तेरा सजदा – 52
कोई अपने धन के लिए तुझे धियाता
कोई दूसरो के दर्दों के लिए तुझे धियाता
….. यूई
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