Kuch baat to hai tum me jo mujhe tumhari or le jaati hai Tumhari rooh ko meri rooh se har waqt milati hai Yaad me tumhari kabhi hasati hai to kabhi rulati hai Badi kambhaqt […]
Kuch baat to hai tum me jo mujhe tumhari or le jaati hai Tumhari rooh ko meri rooh se har waqt milati hai Yaad me tumhari kabhi hasati hai to kabhi rulati hai Badi kambhaqt […]
सावन के एक एक बूंद जो गिरा मेरे होंठो पे। कैसे बयां करू अपनी दास्तां इन सुर्ख होंठो से।। उन्हें क्या पता कब चढी सोलहवां सावन मुझ पे। आ कर एक मर्तबा देख तो ले […]
बिन पानी बनी है भूमि बंजर , नहीँ कर पाया है किसान खेती इसमेँ , नहीँ बो पाया है बीज वो इसमेँ , मिली है अमानत मेँ उसे भूमि बंजर , हो रही है तकलीफ […]
“नारी” प्रकृति सा कोमल तुम, मेरु समान दृढ़ता लिए, नीर सा निर्मल हो तुम, नारी तुम न हारी हो || अन्धकार की दीपक, निश्च्छलता की मूरत, सोये मन की आशा हो, नारी तुम न हारी […]
Samundar kehta hai nadi se zara mujhme mil jayeye Aaram se bathiye zara apna haal to bataeye Wo bole haal to bata denge zara ek cup chai to layeye Sirf chai se baat nhi banegi […]
Shayri – Kiske khwaabo me raat bhar jag rahe ho Kya baat hai aaj bade khush lag rahe ho POEM Suneye zara meri kavita shuru me karta hu Garmi ka waqt hai thodi thandi baat […]
Desh Sankat Ye desh me kaisa sankat hai aa gaya Kuch ko kar raha bimar or kuch ko maut ki nind sula gaya Ye sadko pe kaisa sanata hai chaa gaya Ye desh me kaisa […]
लिये छः ऋतुयें आये नया साल, हर ऋतु गुजरे मेरी संग मां के, त्यौहार मेरे न तुमसे, संग मां के, मेहनत मेरी ,उगले सोना मेरी माँ, समझता मैं खिलखिलाना मां का, सिसकता मैं देख सुखी […]
बसंत ऋतु में जब बहा बसंती ब्यार। गिरने लगी आसमान से सावन के फुहार।। कहीं दूरऽ से जब कोयलिया मधुर गीत सुनाए । दिल के बगिया में सैंकड़ों कलियां खिल जाए।। ए रिमझिम के नजारा […]
,,,,,,क्या कम है (कविता) Independence day कौन कहता है हमारे वतन में, प्रेम की गंगा नहीं बहती है। हिमालय से गंगा, यमुना, और सरस्वती के मिलन ए क्या कम है? यही वो देश है जो […]
आश लगाई , दूर मेघालय में कर्जा लाया, बीज लगाया खेतो खलियानो में……… बीता सावन ,भादो आया न आया बादल, खेतो खलियानो में…….. बीती रात, टूटी आश, बैठा किसान, खेतो खलियानो में……. कुऐ सुखे, धरती […]
ए साजन आम के बाग में, झूला लगा दे। अब की बरस सावन के मधुर गीत सुना दे। रिमझिम बारिश में भीगे है मेरा तन बदन मोरनी की भाँति मै बलखाउँ ऐसा एक धून बजा […]
पतझर के मौसम उस पे बसंत बहार आसमान से बरसे सावन के फुहार। कहीं मन जले कहीं ख्वाबो के आशियाना जले यही मौसम में होता है अपनो से अपनो का प्यार।। बिन पायल के पग […]
कविता ऐसा एक भारत बनाए नैतिकता क अभाव में, हमने जो स्वच्छता को अपनो से अलग किया। तरह तरह के बीमारियों को गले लगा कर, अपना अनमोल जीवन नष्ट किया।। आओ हिन्द देश के निवासी, […]
कविता ऐसा एक भारत बनाए नैतिकता क अभाव में, हमने जो स्वच्छता को अपनो से अलग किया। तरह तरह के बीमारियों को गले लगा कर, अपना अनमोल जीवन नष्ट किया।। आओ हिन्द देश के निवासी, […]
कविता कोरोना से डरो ना स्वच्छता को अपनाओ, कोरोना को ठेंगा दिखाओ। जहाँ से आया हमारे देश में, उसे वहाँ भगाओ।। चारो तरफ मचा दिया कोहराम, परेशान हो गए हैं हम। महाकाल न रहे हमारे […]
स्वच्छता के डगर पे, देशवासीयो दिखाओ चल के। करोना भागेगा डर से, तुम और हम ही योद्धा है आज के।। पल दो पल के जीवन में, क्यों गँवाए हम जान के। बल बुद्धि दिया भारत […]
कविता जल ही जीवन है मेघा रे मेघा रे जल बरसा दे । पतझर जीवन खुशहाल बना दे।। गर जल नहीं तो यह संसार नहीं। एक बार धरती पर अमृत बरसा दे।। चारो तरफ है […]
आज फिर से खिल जाने दो रात महकती हुई साँसों से भीगी तेरी हँसी की ख़नक उतर जाने दो एक बार फिर से रूह तक जैसे गूँज उठती हैं वादियाँ पर्वत से उतरती किसी अलबेली […]
वह छोटी सी मुलाक़ात विचरती रहती है अक्सर स्मृतियों में मेरी । जब सिमट आए थे तुम मेरी पलकों के दायरे में, सकुचाते हुए, छोटे-छोटे कदमों से… मुस्कुराती हुई कोई बहार उतर आई हो किसी […]
चलो होली मनाते हैं सड़कों से पत्थर हटा कुछ गुलाल उड़ाते हैं चलो होली मनाते हैं। महरूम है बरसों से कोई बस्ती होली में वहां जाकर गुझिया पापड़ बांट आते हैं चलो होली मनाते हैं […]
प्रीत की डोरी बांधें चली आई, तुझसे श्याम होली खेलन चली आई। बांसुरी तुम्हारी मुझको है प्यारी, दीवानी राधे गोपियां सारी। बांसुरी के स्वर लहरी में छुपा लो, कान्हा मुझे होठों से लगा लो। पिया […]
प्रीत की डोरी बांधें चली आई, तुलसी श्याम होली खेलन चली आई। बांसुरी तुम्हारी मुझको है प्यारी, दीवानी राधे गोपियां सारी। बांसुरी के स्वर लहरी में छुपा लो, गाना मुझे होठों से लगा लो। पिया […]
देखो आई सुहानी होली। कैसी रंगों की रंगी रंगोली।। कण-कण में नया उल्लास है। आज धरती बनी रे खास है।। लाओ रंगों की भर-भर झोली। सब मिलकर हम खलेंगे होली।। देखो आई सुहानी होली। कैसी […]
जवानों ने खाई है, सीने पर अपने गोली ना भागे दिखाकर पीठ , प्राणों की लगा दी बोली आये दिन खेलते रहते, वो खून के रंग संग होली तब जाकर देश में बन पाती, रंगो […]
आहट पाकर फागुन की, पेड़ों ने ओढ़नी बासंती ओढ़ी धमाल फाग संग चंग बजाने, निकली मस्तानों की टोली हल्की फुल्की ठंड के साथ, मौसम करे आंख मिचौली धूम मचाओ, रंग उड़ाओ, क्यों कि आ गया […]
बजे ढोलक,बजे नगमे मचे हुड़दंग होली में रंगी धरती, रंगा अंबर उड़े है रंग होली में । कोई गुब्बारे से खेले तो कोई मारे पिचकारी पड़ी है पान की छीटें चढ़े हैं भंग होली में। […]
HOLI rango ki fuhar hai ya aapas ka yeh pyar hai holi to yaarow hum sab ke prem ka tyohaar hai rang birange chere sab ke par chadta na koi rang kar door gile shikwe […]
फिर आज गुलालों के खातिर बदरंग बनेगे होली में । अंग अंग पर रंग सजा हुड़दंग करेगे होली में ।। न जानेगे कितने रंग नये चेहरों पर खिल जायेगे । न जाने कितने टूटेंगे कितने […]
फुलवारी संग महकता सावन बाबगीयो मे खिलता सावन फल की मिठास जैसा सावन पवन संग उभरता सावन पतझड का है मौसम सावन चिडीयो का है मौसम सावन कोयल की गुंज सा मंधूर सावन कभी हषॆ […]
सुनते आए हैं – अपनों का पर्व है होली मेरे आंगन जली होलिका मैं ही पंडित, मैं ही पूजा मैं ही कुंकुम, अक्षत औ” रॊली; सूनी गलियां, सूने गलियारे, सूने हैं आंगन सारे कौन संग […]
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