70 Comments

  1. Pragya Ji aapaki kavita me shri Krishna Ji ke vyaktitva ke har ek pahaloo ko ujaagar kiya gaya hai.
    Aapne di gayi photo ke pratyek pahaloo ko sparsh kiya hai.
    Saaath hi aapne sundar bhasha ka prayog kar dikha diya hai ki aapme kitani
    Pratibha hai.

  2. चित्र के सभी पहलुओं पर सटीक बैठती हुई रचना…
    कला तथा भाव पक्ष दोनों ही बेहद मजबूत है तथा श्री कृष्ण के चरित्र के प्रत्येक बिंदु को बहुत ही भावुकता तथा सारगर्भित आके साथ में चित्रित किया गया है श्री कृष्ण के बाल चरित्र को इस कविता में जीवंत बना दिया गया है बेहद सुंदर सराहनीय रचना

  3. आपकी रचना में सूरदास, रसखान तथा बिहारी की रचनाओं का समागम है ।बहुत ही बारीकी से आपने प्रत्येक बिंदु की अभिव्यंजना की है।
    परिपूर्ण रचना।
    सुंदर भाषा का प्रयोग तथा फोटो को प्रत्येक बिंदु को निखारती हुई परिशिष्ट, परिशुद्ध रचना।

  4. जिस प्रकार आपने कविता के व्याकरण के बारे में बताते हुए श्री कृष्ण के बाल चरित्र को उजागर किया है काबिले तारीफ है फोटो पर एकदम सटीक रचना

      1. You don’t seem an amateur. Its quite professional.
        You use to beautiful language..
        I’m moistly like your poem..
        Because you deserve It.
        Well done..

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