सरहद के मौसमों में जो बेरंगा हो जाता है,
तिरंगे से लिपट कर एक दिन वो तिरंगा हो जाता है।।
राही (अंजाना)
सरहद के मौसमों में जो बेरंगा हो जाता है
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Comments
16 responses to “सरहद के मौसमों में जो बेरंगा हो जाता है”
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वाह
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर रचना
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Wah
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Nice
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Very good
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Nice
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Good
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वाह वाह
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👏👏
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कितना शानदार लिखा है
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वाह
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बहुत ही उम्दा
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बहुत सुंदर
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बेहतरीन
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बहुत खूब
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