महेश गुप्ता जौनपुरी, Author at Saavan - Page 2 of 14's Posts

गरीबी का दर्द

गरीबी का दर्द क्या दर्द देखेगी दुनिया तेरी सुख गया है आंखों के पानी रिमझिम बारिश की फुहार में समेट रखा है आंचल में गरीब तेरी कहानी को उपहास बनायेगी ये दुनिया तू कल भी फुटपाथ पर था आज भी तेरी यही कहानी है गरीब था तू गरीब रहेगा वंचित तू तकदीर से रहेगा सुन गरीब लगा लें जोर अपना अस्तित्व बचा ले अब अब ना कोई कर्ण लेगा जन्म अब ना कृष्ण का वरदान मिलेगा तेरी करनी तु ही जाने मैं तो मतवाला आगे बढ़ा तरस आयेग... »

वीर भगत सिंह

वीर शहीद भगत सिंह भगत सिंह सुखदेव राजगुरु थे वीर बहादुर आजादी के तराने के लिए झूल गये फांसी पर भारत मां का नारा लगा कर चूम गये माटी को हमें अभिमान है वीर जवान तुम्हारे कुर्बानी पर हंसते हंसते देश पर न्योझावर जान अपना कर दिया हे वीर शहीद मैं तुमको भूल नहीं पायेंगे शेर सिंह सा दहाड़ था भगत सिंह के आवाज में भारत मां के लिए सदा कुर्बान था वीर सरदार हंसते हंसते जिसने चूम लिया फांसी को आजादी का सपना बां... »

बिटिया

मां बाप की लाडली होती बिटिया जीवन को रोशन करती है बिटिया घर परिवार को समेट कर रखती बिटिया रिस्ते कि बागडोर को निभाती बिटिया सुख दुख में साथ निभाती बिटिया जिम्मेदारी से कभी ना भागती बिटिया होंठों कि मुस्कान बन जाती बिटिया अंधेरे में उजाला बन साथ निभाती बिटिया अपने प्रेम भाव से सिंचित करती है बिटिया जीवन के हर मोड़ पर संग चलती है बिटिया बाबा के हर दर्द को समझ जाती है बिटिया समय समय पर खुशीयों का त्य... »

गीत

नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार चमचम चमकेला बिंदिया ए माई सुनर सुनर पऊआ में लागल बा महावर हाथवा में सोहेल गंदा चक्र ए माई महेश इन्द्रशेन करत बा पुजनवा तोहार दुखवा से ऊबारी कवनो जादू चलाई कई द हमनो के नईया पार ए माई नौ दिन क कलशा रखले बाडी माई होके शेरवा पर सवार आई जइतु गऊआ हमार बढल जात बांटे बहुत ए पाप ये माई कई देतु कलयूग के सत्यानाश ए माई हमनी बांटी तोहरा सरनवा मे... »

मुक्तक

मेरे गलती पर साहब भौं भौं करके दौड़ लगाते, कानुनी नियम का पाठ पढ़ाकर पैसा जनता से खुब ऐंठते, ये कैसा कानून व्यवस्था है हमको भी बतलाओ यारों, नेता गिरी है या दादागिरी कोई तो जनता को बतलाओ, महेश गुप्ता जौनपुरी »

मुक्तक

मुक्तक

छप्पन भोग लगा कर बेटा आज नदी के पास बैठा है पिण्ड बनाकर मेवे का ढोंग देखो रचा कर बैठा है जो मर गये एक निवाले के लिए घुट-घुट कर चार दिवारी में क्या क्या ना सुना बुढ़ापे में बाप ने बुढ़ापे की लाचारी में »

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को बापू के हुंकार पर ऐंनक पहने लाठी लेकर देश को आजाद किया खट्‌ खट्‌ की आवाज में बापू का प्यारा संदेश था चरखे के बल पर बापू ने रचा स्वर्णीम इतिहास था गोरों को औकात दिखाया उनके ही चालो में राष्ट्रहित में ध्वजा फहराक... »

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधीजी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था गर्व था देशवासियों को बापू के हुंकार पर ऐंनक पहने लाठी लेकर देश को आजाद किया खट्‌ खट्‌ की आवाज में बापू का प्यारा संदेश था चरखे के बल पर बापू ने रचा स्वर्णीम इतिहास था गोरों को औकात दिखाया उनके ही चालो में राष्ट्रहित में ध्वजा फहर... »

मुक्तक

फूल लताओं को समेट कर रखता मेरा गांव , नल कूप को सहेज कर रखता मेरा गांव , रिस्ते को मदमस्त खुशहाल रखता मेरा गांव , मिट्टी की खुशबू को सहेज कर रखता मेरा गांव , महेश गुप्ता जौनपुरी »

मुक्तक

उठो खड़े हो जाओ वीर तुम, लड़ लड़ कर अपना अधिकार लो, दुम दबाकर डर के मारे, ज़िन्दगी भर लागान मत दो, महेश गुप्ता जौनपुरी »

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