महेश गुप्ता जौनपुरी, Author at Saavan - Page 3 of 12's Posts

मित्र प्रेम

लघुकथा-मित्र प्रेम दुनिया में अगर कोई उदाहरण है तो मित्र प्रेम उदाहरण सबसे मर्मस्पर्शी है ।बात उन दिनो की है जब कुलदीप और प्रवीण साथ -साथ ग्रेजुएशन की डिग्री ले रहे थे ।तो देखते बनता था उन दोनो की मित्रता साथ – साथ कालेज आना साथ -साथ बैठना,खेलना,पढाई करना इन दोनो की मित्रता का पुरे कालेज मे चर्चा होती थी । धीरे – धीरे समय बीतता गया और एक दिन वह दिन आ ही गया ।जब दोनो ने ग्रेजुएशन की डिग... »

मानव क्यो तू बदल गया

कविता – मानव तू क्यो बदल गया समाज वही प्यार वही, सोच समझ की भावना । अत्याचारी हो गये हम सब, मानव तू क्यो बदल गया । रंग वही हैं अपने देश की, अभिनेता नेता हो गये। धोखाधडी की राहो मे, मानव तू क्यो बदल गया । जुर्म हो रहा खुली आसमान तले, भष्टाचारी के आह से। आॅखे खोले देख रहे हैं, मानव तू क्यो बदल गया । हर शाम प्याले का जाम, सुबह जुवारियो का संसार । हर पल हैं मुसीबत का कहर, मानव तू क्यो बदल गया । ... »

नापाक पाकिस्तान

नापाक पाकिस्तानी शेर गरजना फैल रही है चारो ओर दिशाओ में, नापाक पाकिस्तान ले लेगें अपनी साये में । अब ना हम सुनेगें एक तेरे काली करतुतो को, अब तो वर्षा होगी मेरे वीर जवानो की गोली का । अब तो हम दिखाएगें तुम्हारी असली औकात क्या है, पाकिस्तान छिन कर दिखाएगें पहचान क्या है । धधक उठी है ज्वाला अब बुझने हम ना देगें, पाकिस्तान को मिटाकर सरहद पर तिरंगा फहरा देगें। ओवैसी जिहादीयो को जिन्दा हम जला देगें, जय... »

जीवन कि कड़वी पुड़िया

जीवन की कडवी पुडिया जीवन की कडवी पुडिया सुबह शाम हथेली पर रूखे – रूखे मन से कडवी पुडिया खुलती है । कभी दुध के साथ कभी पानी के साथ इसको निगलना पडता है जिन्दगी की इस पुडिया को सुबह शाम लेना पडता है । दुख दर्द की इस कहानी को पुडिया मे छिपानी पडती है सेहत के खजाने के लिए कडवी पुडिया लेनी पडती है । भूल ना हो जाए खाने में नही तो स्वास्थ्य बिगड जायेगा जिन्दगी की कडवी पुडिया कही हमसे दूर ना हो जाए। ... »

मां मेरी मां

माँ माँ ओ मेरी प्यारी माँ जग से सुन्दर मेरी माँ गले मुझे लगाती तन मन को शीतल कर देती प्यार बहुत लुटाती माँ जग से सुन्दर है तू मेरी माँ मेरे जीवन की आशा है तू सब कुछ न्योछावर करती है अपने को दुखी रखकर मेरा पालन करती है माँ ओ मेरी प्यारी माँ जग से सुन्दर मेरी माँ महेश गुप्ता जौनपुरी मोबाइल – 9918845864 ✍✍✍✍✍✍✍✍✍ »

रक्षक

रक्षक रक्षक ही भक्षक हो गये है अपने ही भारत देश में भ्रष्टाचार फैलाते है काली चादर ओढ कर इमानदारी का परिचय देकर रक्षक ही धोखा देते है अपने को सच्चा बतलाकर औरो को लुटते फिरते है संसार में ये रक्षक बनकर बेखौफ होकर टहलते है ईमानदारी का ढोंग रचकर चौराहे पर घुमते है दुखी दरिन्दो को उलझन में डालकर खुद को मशीहा समझते है देश के ईमानदार को अपने फन्दे में फासते है दया धर्म का पाठ पढाकर भगवान बने फिरते है अप... »

गुरू वन्दन

गुरु वन्दन हम सब गुरु के गोद में छात्र है गुरु के ज्ञान में आओ हम सब गुरु वन्दन करे चरण स्पर्श अभिनन्दन करे। गुरु का हमपे उपकार है हम सब उनका सम्मान करे जंगल में कुटी तले ज्ञान पाये हम सभी। ज्ञान से गुरू का मान करे गुरु से हम सब स्नेह करे अन्धकार मिटाकर प्रकाश दिये समाज में अधिकार दिये । गुरु से हम सब ज्ञान पाये लेकिन सोचा नही क्या पाये स्वार्थी हम सब हो गये कभी ना हम सब गुरु से मिलने गये। हम सब ग... »

सरहद

सरहद मानवता के बीच मे , खीच गयी देखो सरहदे। भूल रहे है सब अपनो को , मोह – माया झोड गलीयो को ।। खिंचकर सरहदे वे , अब देखो कितना मुस्कुराएॅ । निशाना साध रहे है आज, इंसानियत भी खतरे मे है आज ।। हिन्दू -हिन्दू मुस्लिम -मुस्लिम , ये कैसी सत्तारूढवादी । कभी जो मिलकर रहते थे, आज वही खिंच रहे सरहदे ।। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 महेश गुप्ता जौनपुरी मोबाइल – 9918845864 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 »

संसार

संसार कलह बडी हैं बेदरंग दुनिया में सलोने सपनो ने मुझे हॅसना सिखाया धुल भरी अॅखियो ने रास्ता दिखाया बेदर्द मचलती धुपो ने मुझे लडना सिखाया चुभती पैर में काटे सच्चाई बतलाया अधियारे संसार ने प्रकाश जलाया छल कपट की दुनिया ने जीवन को रूलाया। महेश गुप्ता जौनपुरी मोबाइल – 9918845864 ✍✍✍✍✍✍✍✍✍ »

इज्जत

इज्जत इज्जत के बचावे खातिर मालिक घर को तोडे या जोडे। मालिक अपनी सुझ बुझ से घर वाले को सडक पर कर सकता है । मैं मालिक हूॅ अपने घर का मेरे लिए कोई कानुन नही। मेहमान का इज्जत करने के लिए मालिक कर्म धर्म से जुटता है। सही गलत का पहचान करके घर की इज्जत को समेटता है। भष्टाचार मंहगाई की चादर को ओढकर घर का मालिक बीताता है। मेहनत मजदूरी करके मालिक घर के इज्जत को परदे तले रखता है । मेरे दिल को ना तोडो परिवार ... »

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