ऐसा नहीं कि कोई नहीं जहान में हमारा यहां दोस्त है कई मगर, क्या करें नादान है
आज की शाम शमा से बाते कर लूंउससे चेहरे को अपनी आखों में भर लूं फासले है क्यों उसके मेरे दरम्याचलकर कुछ कदम कम ये फासले कर लूं प्यार करना उनसे मेरी भूल थी अगरतो […]
तेरी आवाज में हम डूब जाते हैतुझसे हम कुछ कह नहीं पाते है हाल ए दिल कैसे करें बयां अपनादिल की हर धडकन में तुझे सजाते है गालिब बना दिया हमें तेरी मोहब्बत नेतनहाइयों में […]
कुछ कमाल की बात है उनकी आवाज में कभी कोयल सी मधुर लगती है कभी बिजली की कडक सी कर्कश तो कभी बूंद बनकर बरसती है मेरे सूखे पडे ह्रदय में कभी बहा कर ले जाती […]
थोडा सा शरमाकर, हल्के से मुस्कुराकर झुकी जो नजरनज़रे-नूर-ओ-रोशनी में मेरी रंगे-रूह हल्के से घुलती गयी
हम अपना हाल -ए- दिल आपसे कहते रहेकभी बच्चा तो कभी मासूम आप हमें कहते रहे आज तक कोई सबक पढा न जिंदगी में हमनेताउम्र हम आपकी आखों जाने क्या पढते रहे इक अरसा बीत […]
कुछ कहने की कोशिश में है अहसास मिरे उमडने को आतुर है ज़ज्बात मिरे वो तो अल्फ़ाज़ हैं कि कहीं खोये हुए है नहीं तो इक नज़्म लिख देते अश्क मिरे
सिमट रहा हूं धीरे धीरे इन सर्द रातों में छिपा रहा हूं खुद को खुद में इस बेनूर अंधेरे में कभी कोई चीख सुनाई देती है खामोश सी, कभी सर्द हवाओं को चीरती पत्तों की […]
चली आतीं है अक्सर यादें तुम्हारी मगर तुम नहीं आते की कोशिश कई दफ़ा भूल जाने की तुम्हे मगर भूल नहीं पाते आयीं राते पूनम की कई बार मगर न हुआ चांद का दीदार […]
एक अरसे से उनसे नजर नहीं मिली जमाना गुजर गया किसी को देखे हुए
धुंधले–धुंधले कोहरे में छिपती रवि से दूर भागती एक‘रश्मि’ अचानक टकरा गयी मुझसे आलोक फैल गया भव में ऐसे उग गये हो सैकडो रवि नभ मे जैसे सतरंगी रश्मियों से नभ सतरंगा सा हो गया […]
घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरेआईने पर भी अब मुझे न एतबार रहा हमारी मोहब्बत का असर हुआ उन पर इस कदरनिखर गयी ताबिश1-ए-हिना, न वो रंग ए रुख़्सार रहा हमारी […]
जो आँख देख ले उसे वो वहीं ठहर जाती हैदेखते देखते उसे शाम ओ सहर बीत जाती है फ़लक से चाँद भी उसे देखता रहता है रातभरउसकी रूह चाँदनी ए नूर में खिलखिलाती है महकते […]
जब शागिर्द ए शाम तुम हो तो खल्क का ख्याल क्या करेंजुस्तजु ही नहीं किसी जबाब की तो सवाल क्या करें
You know that I stare at you oftenLook at your lively smile with frozen eyesI sit behind you just few aisles awayDream about our friendship in fairy skies When I see you my sensations become […]
उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहींवो जो मिल जाये अगर चहकती कहीं जिन्दगी मायूस थी आज वो महका गयीजेसे गुलशन में कोई कली खिलती कहीं वो जो हंसी जब नजरे मेरी बहकने लगीमन […]
ये कैसा तसव्वुर, कैसा रब्त, कैसा वक्त हैजो कभी होता भी नहीं, कभी गुजरता भी नहीं रब्तः संबंध
आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहेएक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सकेख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही चैन ओ […]
by Lady of Fire
कौन कहता है मुहब्बत की ज़ुबाँ होती है ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है वो न आये तो सताती है ख़लिश सी दिल को वो जो आये तो ख़लिश और जवाँ होती है (ख़लिश = चुभन, […]
जिंदगी मेरी जिंदगी से परेशान है बात इतनी है कि लिबास मेरे रूह से अनजान है तारीकी है मगर, दिया भी नहीं जला सकते है क्या करे घर में सब लाक के सामान है ऐसा […]
आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सके ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही […]
जीवन का आधार हूं मैं भागीरथ की पुकार हूं मैं मोक्ष का द्वार हूं मैं तेरे पूर्वजों का उपहार हूं मैं तेरा आज, तेरा कल हूं मैं तुझ पर ममता का आंचल हूं मैं हर […]
तुझसे रुबरु हो लूं मेरे दिल की आरजू है तुझसे एक बार मैं कह दू, तू मेरी जुस्तजु है भॅवरा बनकर भटकता रहा महोब्बत ए मधुवन में चमन में चारो तरफ फैली जो तेरी खुशबु […]
इन परों में वो आसमान, मैं कहॉ से लाऊं इस कफ़स में वो उडान, मैं कहॉ से लाऊं (कफ़स = cage) हो गये पेड सूने इस पतझड के शागिर्द में अब इन पर नये […]
When you hold my hand When your hairs spread over my face When your deep ecstatic eye see me My heart remain no longer with me When your lips touch my hand When you put […]
उनको हर रोज नये चांद सा नया पाया हमने मगर उन्होने हमें देखा वही पुरानी नजरों से
जब शागिर्द ए शाम तुम हो तो खल्क का ख्याल क्या करें जुस्तजु ही नहीं किसी जबाब की तो सवाल क्या करें
अब न चांदनी रही न कोई चिराग रहा राहों में रोशनी के लिए न कोई आफताब रहा उनकी महोब्बत के हम मकरूज़ हो गए उनका दो पल का प्यार हम पर उधार रहा वेवफाई से […]
कैसे करें शिकवे गिले हम उनसे उनकी हर मासूम खता के हम खिदमतगार है
वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह जिंदगी हमें मिली हमेशा बस उनकी तरह फूलों के तसव्वुर में भी हुआ उनका अहसास आये वो मेरी जिंदगी में खिलती कली की तरह जब से दी […]
ये कैसा तसव्वुर, कैसा रब्त, कैसा वक्त है जो कभी होता भी नहीं, कभी गुजरता भी नहीं रब्तः संबंध
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