Poonam singh, Author at Saavan - Page 3 of 13's Posts

Kasti ko kinare laga do

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है सब कुछ हमारा, जीवन मेरा अब तेरे हवाले, तू चाहे तो किनारे लगा दे, विनती मेरी सुन ले भगवन, सारे दुख अब हर ले भगवन | »

Kasti ko kinare laga do

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है सब कुछ हमारा, जीवन मेरा अब तेरे हवाले, तू चाहे तो किनारे लगा दे, विनती मेरी सुन ले भगवन, सारे दुख अब हर ले भगवन |77 »

Aie jindagi

ऐ जिंदगी, तू गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी मेले से तुझे गुजरना है, गम के दरिया को तू किनारे कर, खुशियों की दुनिया में तू कदम रख, औरो के लिए ही नहीं खुद के लिए भी तू जीना सीख, ऐ जिंदगी, तू गम की राहों से निकल | »

Aie jindagi

ऐ जिंदगी, तुम गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी मेले से तुझे गुजारना है, गम के दरिया को तू किनारे कर, खुशियों की दुनिया में तू कदम रख, औरो के लिए ही नहीं खुद के लिए भी तू जीना सीख, ए जिंदगी, तू गम की राहों से निकल | »

Jivan ke is rah me

जीवन के इस राह में, कौन है अपना कौन पराया, जो साथ दिया हो दुख में, उसे ही तुम अपना समझो, जो झटक दिया हो दुख मे, उसे ही तुम पराया समझो, कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो वाणी में मिठास रखते हैं पर दिल में खराश रखते हैं, कभी खून का रिश्ता भी हो जाता है पराया, कभी पराया भी हो जाता है अपना, बस अपनों को अपनाते चलो, जो झटक दिया हो दुख में, उसे तुम त्यागते चलो | »

Tere ane se bahar ati hai

तेरे आने से बाहरे आती है, तेरे जाने से बाहरे जाती हैं, महफिल मे गर आ जाओ तुम तो चार चांद लग जाए, मौसमे बाहरे महफिल में छा जाए, कितना चाहती हूं तुझे यह पता ही नहीं, बया चाहती हूं करना पर से मुख पर बातें आती ही नहीं, तू ही बता मैं वया कैसे करूं, तू ही बता मैं इजहार कैसे करूं, तेरी बातें मुझे मिश्री की गोली लगती है, भूलना चाहूं तुझे पर मैं भूल पाती नहीं, तारे गिन गिन के दिन बीतते हैं, तेरे आने की राह... »

Bato ko kuch tol ke

बातों को कुछ तोल के, मीठे बोल तू बोल ले, बानी में मिश्री घोल के, सबको खुश तू कर दे, जग ये तेरा न मेरा है, एक दिन सबको जाना है, क्या पाएगा किसी को सताकर तू, खुद से ही शुरू कर तू, जग भी सुधर जाएगा, गुस्सा करना छोड़ दे तू, रब से नाता जोड़ ले तू, मन में ईश्वर का बास कर पाएगा तब सच्ची खुशी | »

Radha ke dukh

तुझे मेरी याद न आई, ओ कान्हा तूने कैसी ये प्रीत निभाई, छोड वृंदावन चले गए तुम, लौट के फिर आए नहीं तुम, हमजोली संग रास रचाया, गोपियों को भी खूब सताया, ,तूझ बिन मै तो सूझ बुझ खोई, अंखियो मे अब नीद नही है, नयनो से आसू बहते है, वादे जो मुझसे किये थे, फिर क्यों हमें भूल गए बनवारी, ओ कान्हा तूने कैसी ये प्रीत निभाई, तुझ बिन सूनी वृंदा की गलियां, कैसे बीतेगे दिन ये रतिया लौट के तुम आए न एक बार, भेज दिए उ... »

Dil chahta hai

दिल चाहता है, ऊरू बादलों संग, चलूं हवाओं के संग, भूल के अपने सारे गम, ऊरू मै गगन में चिड़ियों के संग, करूं मैं बातें उनसे पल भर, सुख और दुख है जिंदगी के पल, क्यों न खुल के जिए कुछ पल, तोड लू नाते मैं गम से अपने, जोड लू मै खुशियों के पल, खुशियां ही खुशियां हो दामन में मेरे, बस जी लूं मैं पल भर | »

Chand sa mukhara hai tera

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल जाए, क्या नूर पाया है तूने, कयामत हो तुम बस कयामत हो, ऊपर वाले ने फुर्सत से बनाया है तुझे, क्या कमाल हो तुम बस कमाल हो, तुझ पर मेरा दिल आया है, बस इतनी सी गुजारिश है मेरी, कुबूल कर लो मुहब्बत मेरी | »

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