Poonam singh, Author at Saavan - Page 2 of 5's Posts

Pyasi dharti hai pukar rahi

प्यासी धरती है पुकार रही बादल तू बरस न गरज बस तू बरस हो रोम रोम पुलकित मेरा खिले अंकुर नया मिले नवजीवन इन फूलों को इन पौधों को खिल जाए यह चमन इंद्रधनुषी रंगों से मिले खुशियां मेरे चमन को मेरे बच्चों को है कपूत कितने मेरे पर मैं कुमाता नहीं थी उपजाऊ मिट्टी कभी मैं पर इन्होंने तो मुझे बंजर है बना दिया | »

Wo hai hamare sikchak mahan

अज्ञानता के तिमिर को हटाकर, फैलाए ज्ञानता का पून्ज, वो है हमारे शिक्षक महान, मां सरस्वती के वे हैं वरदान, उन पर है हमें अभिमान, उन्हें करती मैं शत् शत् नमन, हमारी उपलब्धि के हैं वे स्रोत, वो है हमारे शिक्षक महान, उनके पथ पर चलकर ही तो, हुए इतने पुरुषोत्तम् महान, रहे खुश होनहारो से वो , पाए वो उनका आशीर्वाद, युगो युगो से है उनकी महिमा, बिना उनके होता नहीं यह अपना देश महान, बिना गुरू के राम,कृप्ण भी... »

Mai wo daria nahi

मैं वो दरिया नहीं जो वह जाऊं किसी नाले में, वो दरिया हूं जो नापती हूं समंदर की गहराई, वो राही नहीं जो भटक जाऊ अपनी मंजिल से, वो शम्मा हूं जो बुझती नहीं इन तूफा से, वो दर्पण हूं जो दिखाऊ आईना सच्चाई का, वो खुशबू नहीं जो छुप जाऊं, वो मोती नहीं जो टूट कर मैं बिखर जाऊं | »

Aie gam mujhse dur ja tu

ऐ गम मुझसे दूर जा तू, इतनी दूर कि दिखे भी न साया तेरा, क्यों आ आकर सताती है मुझे, नहीं चाहिए मुझे तेरा साथ, ऐ खुशी आ पास मेरे तू, मेरी सच्ची सहेली है तू, संवारा है तूने ही तो मुझे, लाया है राह पर तूने ही तो मुझे, थी भटक रही मैं गम के अंधेरों में, निकाला है उस भंवर से तूने ही तो मुझे, जहां अपनो ने दिया गम ही गम मुझे, तब हर वक्त सवारा है तूने ही तो मुझे, ऐ खुशी आ पास मेरे तू , ऐ खुशी आ पास मेरे तू | »

Badal tu hat ja jara

बादल तू हट जा जरा, चंदा को देखूं जरा, चंदा तुझे नहीं खबर, कि तुझे चाहता है इक चकोर, चाहता मेरा भी दिल है, कि चंदा से बातें करूं जरा, ओ चंदा तेरी चांदनी, प्यारी कितनी देखूं जरा, तारे सितारे तेरे भाई बंधु, उन्हे पल भर निहारु जरा, बादलों संग तू खेले आंख मिचोली, कब तक चलेगी यह तेरी लुकाछिपी, तेरी चांदनी में लगे सब कुछ शीतल शीतल सा, तू उतर जा जमी पर कभी ओ चंदा, तुझे पास से जी भर निहारू जरा | »

Mai tery dharkan me hun

मैं तेरी धड़कन में हूं, तेरे ख्वाबों में हूं,, तेरी सांसो की हर स्पंदन में हूं, यह न समझना तुम कि मैं नहीं पास हूं, इन फिजाओं में हूं , इन घटाओं में हूं , इन हवाओं में हूं, बारिश की बूंदो में हूं मै तेरी धड़कन में हूं, तेरे ख्वाबों में हूं, तेरी सांसो की हर स्पंदन में हूं, ओस की बूंदों में हूं , इन हरियाली में हू, इन फूलो की खुशबू मे हू, तेरे ख्यालों में हूं, तेरी यादों में हूं, तेरी मुस्कुराहट मे... »

Kaha chupe ho mere syamre

ओ श्यामरे कहां छुपे हो मोरे श्यामरे, तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे, मेरे मन मंदिर में तू ही तू बसा मोरे श्यामरे, मोहिनी सूरत लट घुघराले तेरे श्यामरे, उस पर से यह मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे मोरे श्याम रे, अधर पर मुरली शोभे तेरे श्यामरे, और यह पितांबर बड़ा ही प्यारा लागे मोरे श्याम रे, तेरी मुरली की धुन सुन राधा नाची मीरा नाची, मैं भी तो नाचू मोरे श्यामरे, ओ श्याम रे कहां छुपे हो मोरे श्याम... »

Kitni pyari hai ye dharti

कितनी प्यारी है ये धरती, ऊपर अंबर ये नीले नीले, नीचे हरियाली ये धरती, ऊपर सूरज चंदा ये तारे, नीचे जीव जंतु ये सारे, ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे, नीचे नदियां खाई ये गहरे, ऊपर बादल ये काले काले, नीचे ठंढे झील ये झडने, इतने सुंदर ये बाग बगीचे, छोटे बच्चे ये प्यारे प्यारे, प्यारी प्यारी यै ठंढी हवाएं, प्यारे- प्यारे ये बारिश के झोंके | »

Kanha tu hi ho hamare palanhare

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…. तू ही तो हमारे सहारे, तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले, तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले , कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…… मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे ओ यशोदा के दुलारे, हम भी तो देखें ये नजारे, कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……. माखन चोर तुझे नाम मिला ओ मुरली वाले, फिर एक बार तू माखन चुराओ ओ बंसी वाले, कान्हा तू ही हो हमारे पा... »

Mera Sauk nahi hai majduri

मेरा शौक नहीं है मजदूरी , बस हालात की है मजबूरी, चाहे हो चिलचिलाती धूप , चाहे हो कड़ाके की ठंड , चाहे हो सावन की बरसात, आप बैठे थे एसी कूलर में, हम कर रहे थे मजदूरी , मेरा शौक नहीं है मजदूरी, बस हालात की है मजबूरी, रहने को अपना घर नहीं, हम महल बना कर देते हैं, बस इतनी सी इच्छा रखते हैं | मेरे बच्चे ना रहे भूखे उनके भी अरमान कुछ पूरे हो तालीम पा सके आप की तरह है फटे कपड़े तन पर मेरे पर खुशियों की च... »

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