मेरी ज़िंदगी का मैं ही हिस्सा नहीं था। मुझे भूल जाओ मैं कोई किस्सा नहीं था।। , मुझ पर इलजाम लगाकर के जाने वाला। क्या कहूँ शख्स वो भी मुझ सा नही था।। , क़िस्मत […]

दरिया को हमेशा समंदर की चाहत है। नर्म लहज़ा नर्म बातें समझों सियासत है। , मेरी जिंदगी की दुआ करने वालों शक्रिया। मुझे तो हर रोज़ मर जाने की आदत है।। , ख़तावार ही सीखा […]

जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , […]

इक दास्ताँ अधूरी तुमको सुनायें कैसे। गिरती हुई दीवारे फिर से उठाए कैसे।। , जैसे पढ़ी थी दुनिया वैसी नहीं हक़ीक़त। सच जो है मैंने जाना खुद को बताएँ कैसे।। , हर हर्फ़ में हमारी […]

बेवफ़ाई समझी नहीं वफ़ा वफ़ा करने लगे। जरा सी चोट खाई नही दवा दवा करने लगे।। , नासमझ हो तुमने काँटे है जंगल पे जंगल। अब जब साँस रुकी है तो हवा हवा करने लगें।। […]

जब जब मैं बेबाक हुआ हूँ। तब तब मैं मजाक हुआ हूँ।। , बेगुनाह होके सज़ा काटी है मैंने। तब जाके कही इंसाफ हुआ हूँ।। , गवाह है मेरा जलता हुआ मकान। की ज़िन्दा था […]

मोहब्बत के बदलें मोहब्बत नहीं है। हक़ीक़त के बदले हक़ीक़त नहीं है।। , बहुत मर्तबा हम भी उलझें थे भँवर में। पहले सी अपनी अब तबियत नहीं है।। , सुबह शाम मेरी थे जो फ़िक्र […]

मेरी ये जिंदगी सारी वतन के नाम लिख देना। कि है जिनकी वजह से हम उन्हें सम्मान लिख देना।। , मैं कुछ भी हूँ नहीं इसके बिना न पहचान है मेरी। कोई पूँछे मेरा मजहब […]

खुद को ही खुद से मैंने जुदा कर दिया। इक इंसान था जिसे हमने खुदा कर दिया।। , मुक़म्मल होने में लगे थे हमको कई साल। मगर तुमने मुझे पल भर में धुंआ कर दिया।। […]

तुमसे दूर होकर भी ज़िन्दा हूँ मैं। बस इतनी सी बात पे शर्मिंदा हूँ मैं।। , ख़्वाहिशों की दुनियां में जाना तो था। पर जो उड़ न पाया वो परिंदा हूँ मैं।। , ज़िन्दगी गुजारी […]

जब कभी भी तुमको पुकारा है हमने। बस इक मीठे से दर्द को उभारा है हमने।। , सूनसान राहों पर हुई हो जो कोई आहट। तो वही उम्मीद वही चेहरा निहारा है हमने।। , मेरी […]

जब जब तेरी याद आई है, मैंने खुद को समझाया है।। बीते जीवन के लमहो में, तुमको ही बस पाया है। रह गया अकेला इस जीवन में, क्यू तूने मुझे भुलाया है। जब जब तेरी […]

इक शाम हूँ ख़मोशी की आवाज हूँ मैं। मैं इक समंदर हूँ समझो बेहिसाब हूँ मैं।। ‘ सुनो उम्र भर मुझसे रूठकर रहने वाले। कहते हो सबसे,की तुमसे नाराज हूँ मैं।। ‘ इक शहर था […]

दर्द ऐसे भी अपने कोई संभाला करता है। जैसे चराग जलता है मगर उजाला करता हैं।। ‘ सफर करने निकले थे कुछ रोशनी को लेकर। पर ये तूफान है कि हर वक्त दम निकाला करता […]

जिंदगी में यहा सबका कोई हमदर्द नहीं होता! गमों से कहना हो कह दो हमें अब दर्द नहीं होता!! ‘ की मौसम भी बदला है हवाएँ भी अब भी ठंडी है! मगर जहाँ पर बर्फ […]

मासूम चेहरे जो कभी,गुनाह नहीं करते। हम यूँ जाग के रातो को,सुबह नही करते।। , हममें है लाख कमियां,चलो हम मानते है। पर दिल से कहना,क्या तुम खता नहीं करते।। , तर्जुबा एक ये भी […]

चाँद जमीन पर कभी उतरता है क्या?? बिन तपे कभी सोना निखरता है क्या?? ‘ हम कहेंगे हजार बार फरेबी को फरेबी। सच लिखने से यहाँ कोई डरता है क्या?? ‘ हमें तो याद है […]

हज़ार दवा है बस इक बुख़ार के लिए। अब दुआ ही करो इस बीमार के लिए।। , हम ख़ुशी से रहते है मौसम चाहें जो हो। अब इंतज़ार थोड़े करेंगे बहार के लिए।। , यहाँ […]

किस वज़ह से मिली है ये तन्हाई हमको। दिखतीं ही नहीं है ख़ुद की परछाईं हमकों।। , सदियों पहले किसी ने पुकारा था हमें भी। वो आवाज़ आज तक देती है सुनाई हमको।। , न […]

इल्तज़ा क्या करे कुछ न बाकी रहा। न वो महफिल रही न वो साथी रहा।। ‘ इस क़द्र जिंदगी भी खफा हो गई। साँसे चलती रही कुछ न बाक़ी रहा।। ‘ जख़्म देकर वो कहते […]

खुद को ही खुद में उलझा लिया मैंने। मुझे वहम था ,तुझे सुलझा लिया मैंने।। , दूर तलक देखा सब अँधेरा ही अँधेरा था। फिर इक रोशनी को पास बुला लिया मैंने।। , चले थे […]

कहाँ किसी को समझ आऊँगा मैं। बस इक लम्हा हूँ गुजर जाऊंगा मैं।। ‘ तूफानों अब के दम भर के मिलना। तिनका नही हूँ जो बिखर जाऊँगा मैं।। ‘ मुझे गुमराह करने वाले वहम में […]

जख़्म दे रहे है ,दवा देने वाले। गुनाह कर रहे है,सजा देने वाले।। , चिरागों की हस्ती,मिटती नहीं है। सुन लो तुफानो को,पता देने वाले।। , अभी मैं हूँ तनहा ,कल क्या रहूँगा। महफिल से […]

ढूंढ रहे है जिंदगी जीने की वजह कोई। तुम्हारी यादें न हो है ऐसी जगह कोई।। , हक़ीक़त बयान करना अगर जुर्म है गर। फिर बोल दो हमारे लिए भी सजा कोई।। , दर ब […]