खूशबू मिट्टी की तो एक है, तड़प दिल का मित्र अनेक है। सबको याद सताता है गांव, मिट्टी के संग जुड़े प्यारे खरवास है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

दौड़ खेल कर तो हम भी बड़े हो गये, जिम्मेदारीयां संग शहर में दौड़ गये। पेट की भूख शहर की याद दिला दी, इसलिए अपने वतन मिट्टी को वेबस होकर छोड़ गये।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बता दो दहाड़ कर डर नहीं लगता, शेर पिंजरे से अब जख्म नहीं देता। शायद भूल गये हो तुम मैं कौन हूं, वरना बातें बनाकर कर नहीं घुड़कते मुझे है पता‌।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बुलंदियों से पुछ लिया कौन हो तुम, शेर के भेष में कोई और हो तुम। मुझे भी जान लो ये मित्र कौन हूं मैं, अपने लिबाज़ को उठा देखो मेरे मित्र हो तुम।। महेश गुप्ता […]

इस लाकडाउन में मैं तुम और चाय है साथी, कोरोना जैसी वैश्विक महामारी है सब पर भारी। करो जतन सब मिलकर कोरोना के प्रकोप का कुछ आदमखोर इंसानों से ये दुनिया आज हारी।। महेश गुप्ता […]

मैं मजदूर हूं साहब यह सौभाग्य है मेरा, देश के लिए करना मजदूरी काम है मेरा। करते करते मजदूरी देश को समृध्द बनाऊंगा, आन बान शान का लाज रखना काम है मेरा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बहुत आहत हुआ हूं देख तुम्हरा हाल, एक मशाल जलाऊंगा बनकर मैं मिशाल। मजदूर नहीं मजबूर होगा करूंगा मैं प्रयास, मुझ पर भरोसा रखना मैं हूं देश का लाल।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

चादर बांट हौसले मुझे नहीं तोड़ना, मजदूर भाई मुझे तुम्हारा राह नहीं मोड़ना। तुम्हारे हक का हम दे सकें मेहनताना, बड़े बनकर तुम्हारा हक मुझे नहीं है छिनना।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कभी झांक कर देखना मजदूर के घर, मजदूर कितना मजबूर हो गया है । टूट के बिखर कर कितना दुखी हो गया, पेट के भूख ने ही ऐंसा हाल बना दिया है।। ✍ महेश गुप्ता […]

इस संसार में ना जाने कितने चेहरे है, जिम्मेदारीयों पर बहुत सारे पहरे है। मजदूर परेशान क्यो है जान तो लिजिए, उसके किस्मत पर ना जाने कितने लहरें है।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

कविदीप लिखों एक ऐंसा संदेश, जो मजदूरों का हक करें अदा । खून पसीने का सही मुल्य मिले, आपके लेखनी को पढ़ मजदूर हो फिदा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

मजदूर है जीता शान से, देख खुशी तिलमिलाए अमीर। मजदूरी करके चैन से सोता खाट पर, मखमल का बिस्तर आराम ना दें शरीर को।। महेश गुप्ता जौनपुरी

हे भगवान ये लाकडाउन हटा दो, नहीं तो ये कोरोना मिटा दो । तंग आ गया हूं फोन उठाकर झूठ सुनते -2, ये कमीने दोस्तों का मोबाइल ब्लास्ट करा दो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

खुलीआंखों से हमने भी ख्वाब देखें, तेरे चेहरे पर हमने भी जज्बात देखें । सुना था आंधी कुहासे को उड़ा ले जाता है, दो टूटे हुए दिल को कांटेदार गुलाब मिला देता है।। ✍महेश गुप्ता […]

प्यार का तोहफा खरीदने में वक्त तो लगता है, सच्चे प्यार को बंया करने में वक्त तो लगता है, दिल से दिल का तार जोड़ने में वक्त तो लगता है, प्यार को इजहार करने में […]

आतंकवाद के जड़ों में पानी डालो करके गर्म, हिन्दू मुस्लिम कहकर बरगलाने वालों को दो सजा। मजहबी बनकर जो फैलाते है आतंक दो सजा, फांसी के फंदे पर लटका कर आंख नोंचकर दो सजा।। ✍महेश […]

कोरोना के डर से सारी दुनिया कांप गयी, चीन के दोगलेपन चाल को दुनिया भांप गयी। एक एक भयानक शहर को कोरोना निगल रहा, कोरोना के आतंक से देश दुनिया सहम रहा।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

बदल सको तो बदल दो कानून व्यवस्था को, फांसी पर लटका कर मारो बहसी दरिंदों को। कब तक आस लगाकर हौसला बढाओंगे दरिंदों का, उदय से पूर्व मिटा दो मिलकर खेल बहसी दरिंदों का।। ✍महेश […]

जिसने हमको छेड़ा हमने कभी उनको छोड़ा नहीं, बातों बातों में धूल चटाया कान कभी मरोड़ा नहीं। दख़ल दिये जो मेरी जिंदगी में समझा उनको रोड़ा नहीं, तोड़ कर दुश्मन के बदन की हड्डी को […]

जाग उठा था आशा आजादी के परवानों का, वीर बहादुर भगत सिंह जब अंग्रेजों को ललकारा था। कतरे कतरे खून के बूंद का यही नारा था, हिन्द की धरती हिन्दुस्तान भाईयों को बहुत प्यारा था […]

वफादारी देश हित में कुछ काम करो भारत मां को जंजालों से आजाद करो अपने विचारों से योगदान करो करके श्रम देश में सहयोग करो जाति धर्म को भूलकर इंसान बनो अपने देश के लिए […]

बड़े बड़े भामाशाह और उद्योगपति का संस्कार को मार दिया कोरोना ने मति सोनू सूद नमन है आपके प्रेरणा को मजदूर के हातालो को बखूबी समझा महेश गुप्ता जौनपुरी

वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ आंदोलन को चलाना‌ है, वृक्षारोपण से धरा को हरा भरा बनाना है । मिलकर आओ सभी धरा के प्रकृति प्रेमियों, वृक्ष कटने से हम सभी प्रहरी को बचाना है।। महेश गुप्ता […]

वियोग स्वीकार करके हार ना मानो, प्यार में अपने आप को मार ना डालो। हे प्रियतमा मेरे बातों को तुम समझो, खुद को तड़पा कर अब जान ना लो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

मोह माया के चक्कर में पड़कर, ना करो ज्ञान की धारा को चौपट । सिखों और सिखाओ समाज को, ना करो अपने ज्ञान से तुम कपट।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी

अकेले रहकर पशु पंक्षी बनकर नहीं जीना, इंसान बनकर इंसानियत से है राह दिखाना। मान गये तो गले लगाकर समाज का करेंगे उध्दार, नहीं तो मुंह तोड ज़बाब देकर है सबक सिखाना।। महेश गुप्ता जौनपुरी

इंसानी चाह मर रहा लोगों में दुरियां हो रहा, बेपरवाही के रवानी में चाहत खत्म हो रहा। जिनको कुछ नहीं चाहिए वे भी तांक लगाये बैठे, करनी कथनी के चक्कर में जलता दिया बुझा रहा।। […]

इंसानी चाह मर रहा लोगों में दुरियां हो रहा, बेपरवाही के रवानी में चाहत खत्म हो रहा। जिनको कुछ नहीं चाहिए वे भी तांक लगाये बैठे, करनी कथनी के चक्कर में जलता दिया बुझा रहा।। […]

नर नारी के वेष में आया कोई छलिया, तन मन को करके वश में ठगा मुझे ठगिया। अन्तर्मन के लिलाओ से बनाया भेष अद्भुत, मग्न होकर अपने अधर्म के बल से नाचे भेड़िया।। 🙏महेश गुप्ता […]

आंखों के सामने घुम रहे हैं भेड़िया, सोच समझ के परख लो ऐंसे छलिया। बकरें के संग बकरा बनकर कब तक खेलोगे खेल, उठा कर डण्डा पीटकर छुड़ा दो अपना गलियां।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी

आस्तीन के फन को रौद कर रख दो, गुलाब के पंखुड़ियों को मसल कर रख दो। हर नकाब को अब तुम बेनकाब कर दो, कातिल को सरेआम बीच बाजार में निलाम कर दो।। ✍महेश गुप्ता […]

ख्वाहिशों को थोडा सा हवा दो, जिंदगी को लाड प्यार दुलार दो। कुर्सियों के चक्कर में ना पड़ो, सत्ता को हथिया थोड़ा सा हवा दो।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी