अपने चाहत की तपन से उसको हमने सोना तो बना दिया मगर, अब उसको ख़रीदे कैसे, यही सोचते है हम………………..!! […]
अपने चाहत की तपन से उसको हमने सोना तो बना दिया मगर, अब उसको ख़रीदे कैसे, यही सोचते है हम………………..!! […]
हँस दिए आप ने रोते रोते यूँ ही क्यों साहिब ऐसा कौन सा ख़ुशी का पल याद आ गया आपको……………!! […]
अपने विश्वास को पतंग की उंचाईयों तक पहुचा दो , अपने दिलों में आप एक मोहबत्त का दीप भी जला दो ! माँ बाप के पैरों को छूकर जरा आशीर्वाद भी ले लो , गजक,तिल के […]
मेरे नसीब क्यों मुझको रुलाते रहते हो? हरवक्त जिन्दगी को तुम सताते रहते हो! नाकाम हो गया हूँ मैं हालात से लेकिन, बेरहम सा बनकर क्यों तड़पाते रहते हो? #महादेव_की_कविताऐं’
अब उसे याद न करू तो कुछ अधूरा सा लगता है एक अरसा हो चला है, उसको याद करते करते…………..!! […]
वो कहते है, झूठ है तू और तेरी बातें तो क्यों याद करता है वो, मुझे और मेरी बातें………………!! […]
मुमकिन है वो किसी रोज़ लौट आये हमारे शहर की तरफ इसलिए भी रोज़ बदल देता हू, मैं हालात-ऐ-दिल अपना…………..!! […]
भला मुक्कदर का लिखा कोई मिटा पाया है वो खामखा ही फ़िज़ूल कोशिशें करा करते है……………!! […]
जिस शक्श को आप ढूंढ रहे हो, वो अब ख़ाक हो गया जला था किसी की चाहत मे, जल कर राख हो गया…………………!! […]
वो रोज़ देखता है चेहरा अपना, आईने मे सुबह उठ कर काश मैं भी उसके घर के आईने का हिस्सा होता…………………..!! […]
अपनी ही हँसी पर आज मुझे हँसी आ गयी के हैरान हू मैं, कैसे मुझे हँसी आ गयी…………..!! […]
आज भी मेरी उँगलियाँ मायूश दिखाई पड़ती है मुझको शायद,उनको आज भी इंतज़ार है उस बेवफा के आने का…………..!! […]
हमारी तख़लीफ़ों से सरोकार अब किसको है राज़ की बात है ये, वो किसी और के लिए रोया होगा………..!! […]
लो दे आओ कुछ खत उसको, दीदार-ऐ-मौसम की तरह सुना है रात की तन्हाई उसको सोने नहीं देती………………….!! […]
तुम्हारे सिवा कोई और मिले तो बताना हम छोड़ रहे है दिल अपना, तलाशी के लिए………….!! […]
लगा था की बेहद सुनहरी है तू, समंदर सी खामोश गहरी है तू! मेरी जज्बातों को समझ न पाये, लगता है गूंगी और बहरी है तू !!
चलो आज चाहत की हम आखरी किश्त अदा करते है दे कर ज़िन्दगी उनको, ये क़र्ज़ रफ-दफा करते है……………..!! […]
चलो आज ये कलमा भी पूरा हो गया एक और इश्क़ का किस्सा अधूरा हो गया…………….!! […]
अब इसे किस्मत का तकाज़ा कहे,या बेरुखी दिल की के लोग भी अब बदलने लगे, हाथों की लकीरों की तरह…………….!! […]
बीती नहीं ज़िन्दगी, अब भी आधी बाकी है मुझे और तड़पना है, अब भी ज्याती बाकी है…………..!! […]
उस वक़्त आँख मे आंसू आ जाते है जब दिल पर गम के बादल छा जाते है…………..!! […]
ज़िन्दगी तो हमारी गुज़री…. मगर, गुज़र…..गुज़र…..कर गुज़री….. ……………..!! …………………D K
उस मंज़र को देख कर हमारा दिल जला करता है के उसकी तस्वीर के सामने जब भी चिराग जला करता है………..!! […]
चलो आज उनको इश्क़ का खिताब दिया जाये उनकी बेवफाई का आज हर हिसाब किया जाये……………!! […]
बर्बाद करने के लिए मैँ ही मिला,उस से पूछुंगा एक दिन बस उस पल तक, उसकी ज़िन्दगी सलामत रहे मेरे खुदा……………!! […]
मेरी ज़िन्दगी में खुशियों की उम्र ज़रा कम है लोगो ख़तम हो जाती है ज़िन्दगी उनकी, मुझ तक पहुचने से पहले………..!! […]
तुम्हारी याद में खोकर बहकना खूब आता है , हकीकत में मुझे फिर भी संभलना खूब आता है ! तुम्हारी जान इस पानी के जिस मछली में बसती है , उसी मछली के जैसे अब मचलना […]
कैसे गुजारूँ ये रातें बता दो , समझ में आये वो बातें बता दो ! क्यों इतना तड़पाती हो तुम , बहोत याद आती हो तुम !
ख्यालों में मेरे अब आती हो तुम ही, हक मुझपे पूरा जताती हो तुम ही! कैसे करूँ मैं अब तुमसे ये नफरत, मेरे पे ही जाँ अब लुटाती हो तुम ही!!
अर्सों के बाद मुलाकात जरुरी है समझता हूँ , मेरे बिन तेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ ! इन्तजार में जो सुख चुके हैं तेरे आँख केआँसू , उनके न निकलने की मज़बूरी मैं समझता हूँ […]
दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं! गुजरे हुए हालात की रवानी होते हैं! होते नहीं हैं रुखसत यादों के सिलसिले, दौरे-आजमाइश की निशानी होते हैं! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
तुम्हारे??सब चाहने वाले मिलकर भी उतना ??नही चाह सकते?तुंम्हे जितनी मुहोब्बत ❤मै अकेली☝?करती हूँ ??तुमसे????❤
अब कल क्या लिखूंगी मै यही सोच के डर जाती हूं ,,,,,,, फिर नये गमो से वास्ता होगा इसी उम्मीद में हर रात मै पुराने दर्द का कफ़न ओढ़ क्र सो जाती हूँ?®®
मेरे प्यार को मुझे से चुरा लिया किसी और ने ? ख्वाब मैने देखा था मगर उसको हकीकत बना लिया किसी और ने,,,,®
क्रोध की अग्नि में तपकर गरम हुआ दिमाग ठंडी को भूल बरफ से शीतल किया दिमाग क्रोध ठिकाने लग गया ठंडे पड़ गये आज । रीता जयहिंद ???????????????
आँखों से गमों की बारिश में छाता लेकर ज्यों ही घर से निकले हम राह में कुछ लोगों को कहते सुना अच्छे दिन आयेंगे बारिश थम गयी ??रीता जयहिंद ????☔❤की?से?
विषय – नारी के प्रति पुरुष की सोच लेख – रीता जयहिंद ✍? पुरातन समय में पुरुष की सोच नारी के प्रति सिर्फ घर के कामकाज और सिलाई, कढ़ाई, बुनाई वगैरह तक सीमित थी । […]
तेरी याद कभी कभी मुस्कान देती है! चाहत की निगाहों में तूफान देती है! टूटे हुए इरादे भी जुड़ जाते हैं सभी, जिन्द़गी को ख्वाबों का जहाँन देती है! #महादेव_की_कविताऐं’
दिल से पूछ कर आज तुम भी एक फैसला कर लो हमारी मोहोब्बत को मुक्कमल करने का गुनाह कर लो……………..!! […]
आँखों में बर्बादी का मंज़र दिखाई देता है हर आंसू में गमो का समुन्दर दिखाई देता है…………!! […]
दो लम्हे फुरसत मे और जी लेने दो प्यास हु मैं, मुझे थोड़ा मय और पी लेने दो……………..!! […]
सिर्फ एक मोहोब्बत का उजाला रह गया हसरते ख़ाक हो गई, जीने का बहाना रह गया……….!! […]
बहुत शराफत से पेश आये कुछ लोग हमारे जनाजे पर आये कुछ लोग आखरी रस्म की कदर करी उन सब ने हमें कांधा देने आये कुछ लोग रस्म-ऐ-बफा सब निभा नहीं सकते है काबा पर […]
हसरत-ऐ-दिल हमारी बस इतनी थी लोगो के वो अपने कूचे से एक बार तो बाहर आते रोते, बिलखते और गम से कराहते और उनकी आँखों से आंसूं बेशुमार आते………….!! (d k)
एक बार क्या गुज़रे हम उनके कूचे से लोगो चैन-ओ-अमन हमारे दिल का खो गया गम ने दिल मैं दस्तक दे दी हमे खुशियों का हर समां सो गया……………………!! (d k)
अब न होगी तकलीफ उनको हम से मिलने मे साहिब के बनाया है हमने काबा अपना उनके कूचे मैं साहिब……….!! (d k)
आज भी तेरी हर बात का असर है! आज भी तेरी मुलाकात का असर है! नींद भी आती नहीं यादों की चोट से, आज भी तेरी हर रात का असर है! #महादेव_की_कविताऐं’
चल अम्बर अम्बर हो लें.. धरती की छाती खोलें.. ख्वाबों के बीज निकालें.. इन उम्मीदों में बो लें.. सागर की सतही बोलो.. कब शांत रहा करती है.. हो नाव किनारे जब तक.. आक्रांत रहा करती […]
इसलिए भी अंधेरे की पनाह मे चला जाता हु में के मेरे गम-ऐ-दिल को अहसास-ऐ-तन्हाई न हो…………!! (d k)
न जला मेरे दिल को और, न कुरेद मेरे जख्मों को ऐ मोहोब्बत तुझ से गुज़ारिश है,ज़िन्दगी को तू अब बक्श दे…………..!! (d k)
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