———————– धधक रहा है मन में सवालों के अंगारे— सच है कौन-?झुठ है क्या-? मन में जो भ्रम पल रहे, या, आँखों से दिखते नज़ारे किस क़दर समझुँ– और, क्या समझाऊँ दिल को या, तन्हा […]

——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू बनकर एहसास की———– ———–तेरी साँसों में घुल जाऊँगा ये तो […]

  क्या इस साल भी लड़ना है तुमको धर्म और जाति के नाम पर क्या इस साल भी लुटने देनी है लड़की की इज़्जत नीलाम पर क्या इस साल भी सोचा है तुमने फिर से […]

हजारों वजह है तेरे पास मुझसे दूर जाने की , एक वजह मुझे भी दे दो अपने पास आने की ! वादा है मेरा की कभी आपको रोने न दूंगा , कोई भी खुशियां आपसे […]

साथ नहीं हो लेकिन क्यों हमसे रूठ गये हो? राह-ए-जिन्द़गी में तुम हमसे छूट गये हो! बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ दिल की, हाथ की लकीरों में क्यों हमसे टूट गये हो? #महादेव_की_कविताऐं'(26)

उसकी आंखें झील सी गहरी तो है मगर, उस में परछाई मेरे चेहरे की नहीं उसकी बेरुखी से न नाप, इश्क़-ऐ-गहराई को तू वो आदतन मजबूर है, मगर दिल का बुरा नहीं……………………..!!       […]

अपने विश्वास  को पतंग की उंचाईयों तक पहुचा दो , अपने दिलों में आप एक मोहबत्त का दीप भी जला दो ! माँ बाप के पैरों को छूकर जरा आशीर्वाद भी ले लो , गजक,तिल के […]

मेरे नसीब क्यों मुझको रुलाते रहते हो? हरवक्त जिन्दगी को तुम सताते रहते हो! नाकाम हो गया हूँ मैं हालात से लेकिन, बेरहम सा बनकर क्यों तड़पाते रहते हो? #महादेव_की_कविताऐं’

तुम्हारी याद में खोकर बहकना खूब आता है , हकीकत में मुझे फिर भी संभलना खूब आता है ! तुम्हारी जान इस पानी के जिस मछली में बसती है , उसी मछली के जैसे अब मचलना […]

ख्यालों में मेरे अब आती हो तुम ही, हक मुझपे पूरा जताती हो तुम ही! कैसे करूँ मैं अब तुमसे ये नफरत, मेरे पे ही जाँ अब लुटाती हो तुम ही!!

अर्सों के बाद मुलाकात जरुरी है समझता हूँ , मेरे बिन तेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ ! इन्तजार में जो सुख चुके हैं तेरे आँख केआँसू , उनके न निकलने की मज़बूरी मैं समझता हूँ […]