कभी सूनसान गली तो कभी खुले मैदान में पकड़ ली जाती है, तू क्यों कटी पतंग सी हर बार लूट ली जाती है, वो चील कौवों से नोचते कभी जकड़ लेते हैं तुझे, तू क्यों […]
कभी सूनसान गली तो कभी खुले मैदान में पकड़ ली जाती है, तू क्यों कटी पतंग सी हर बार लूट ली जाती है, वो चील कौवों से नोचते कभी जकड़ लेते हैं तुझे, तू क्यों […]
———————– धधक रहा है मन में सवालों के अंगारे— सच है कौन-?झुठ है क्या-? मन में जो भ्रम पल रहे, या, आँखों से दिखते नज़ारे किस क़दर समझुँ– और, क्या समझाऊँ दिल को या, तन्हा […]
——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू बनकर एहसास की———– ———–तेरी साँसों में घुल जाऊँगा ये तो […]
क्या इस साल भी लड़ना है तुमको धर्म और जाति के नाम पर क्या इस साल भी लुटने देनी है लड़की की इज़्जत नीलाम पर क्या इस साल भी सोचा है तुमने फिर से […]
हजारों वजह है तेरे पास मुझसे दूर जाने की , एक वजह मुझे भी दे दो अपने पास आने की ! वादा है मेरा की कभी आपको रोने न दूंगा , कोई भी खुशियां आपसे […]
साथ नहीं हो लेकिन क्यों हमसे रूठ गये हो? राह-ए-जिन्द़गी में तुम हमसे छूट गये हो! बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ दिल की, हाथ की लकीरों में क्यों हमसे टूट गये हो? #महादेव_की_कविताऐं'(26)
अपनी इश्क़-ऐ-नाकामी का सबब बस इतना था साहिब मांग बैठे थे खुदा से वो चीज़, जो बहुत अज़ीज़ थी खुदा के लिए…………!! […]
ऐ खुशियां अब तो लौट आ तू मेरी ज़िन्दगी में सुलह कर करके के अब न वो रहा, न उसकी यादें, और न कोई बहाना इस दिल का…………!! […]
कही तन्हा न कर दे तुझे, ये आदत तन्हा रहने की रातों को अपना हाल-ऐ-दिल तू चाँद, तारो से कह दिया कर……………….!! […]
इस बारिश के रुकने का इंतज़ार न करना तुम आज हमने पीया है गम-ऐ-आंसू, सारे मौसम रो रहे है……………..!! […]
तू हुकुम ही नहीं दे सका, हमको रोशन करने के लिए के हम तो पड़े थे तेरे ही घर मे, चिराग की तरह……………..!! […]
ताश के पत्तों की तरह हो गई है ज़िन्दगी अपनी, जो भी आता है बस खेल कर चला जाता है………………!! […]
इतना भी आसान नहीं, किसी को इश्क़ मे पा लेना पूरी ज़िन्दगी दाव पर लगनी पड़ती है, हर तरह से किसी का होना पड़ता है…………..!! […]
आज अपने ही सवाल पर मायूस खड़े हो क्यों तुम तुम ही तो कहा करते थे न, वो हर किसी का नहीं होता है…………….!! […]
कौन किस से कितना मुकातिफ़ होता है ये तो वक़्त जनता है, और वक़्त ही बता देता है……………!! […]
तू मुझे अगर धुल भी कहे तो कोई बात नहीं के हवा चलने पर ये भी आँखों मे समां जाती है……………!! […]
हमारे जाने के बाद किसी से इश्क़ फरमा कर देख लेना अगर कोई चाहे शिददत से हमारी तरह, तो कहना………………!! […]
मैंने जिस शक्श से मोहोब्बत फरमाई थी आज वही शक्श मुझे बेवफा कहता फिरता है…………..!! […]
उसकी आंखें झील सी गहरी तो है मगर, उस में परछाई मेरे चेहरे की नहीं उसकी बेरुखी से न नाप, इश्क़-ऐ-गहराई को तू वो आदतन मजबूर है, मगर दिल का बुरा नहीं……………………..!! […]
आंखें निकलवा कर हमारी वो अंगारों से, बोले अब इज़ाज़त है तुमको, हमसे रूब-ओ-रू होने की……………….!! […]
अपने चाहत की तपन से उसको हमने सोना तो बना दिया मगर, अब उसको ख़रीदे कैसे, यही सोचते है हम………………..!! […]
हँस दिए आप ने रोते रोते यूँ ही क्यों साहिब ऐसा कौन सा ख़ुशी का पल याद आ गया आपको……………!! […]
अपने विश्वास को पतंग की उंचाईयों तक पहुचा दो , अपने दिलों में आप एक मोहबत्त का दीप भी जला दो ! माँ बाप के पैरों को छूकर जरा आशीर्वाद भी ले लो , गजक,तिल के […]
मेरे नसीब क्यों मुझको रुलाते रहते हो? हरवक्त जिन्दगी को तुम सताते रहते हो! नाकाम हो गया हूँ मैं हालात से लेकिन, बेरहम सा बनकर क्यों तड़पाते रहते हो? #महादेव_की_कविताऐं’
अब उसे याद न करू तो कुछ अधूरा सा लगता है एक अरसा हो चला है, उसको याद करते करते…………..!! […]
वो कहते है, झूठ है तू और तेरी बातें तो क्यों याद करता है वो, मुझे और मेरी बातें………………!! […]
मुमकिन है वो किसी रोज़ लौट आये हमारे शहर की तरफ इसलिए भी रोज़ बदल देता हू, मैं हालात-ऐ-दिल अपना…………..!! […]
भला मुक्कदर का लिखा कोई मिटा पाया है वो खामखा ही फ़िज़ूल कोशिशें करा करते है……………!! […]
जिस शक्श को आप ढूंढ रहे हो, वो अब ख़ाक हो गया जला था किसी की चाहत मे, जल कर राख हो गया…………………!! […]
वो रोज़ देखता है चेहरा अपना, आईने मे सुबह उठ कर काश मैं भी उसके घर के आईने का हिस्सा होता…………………..!! […]
अपनी ही हँसी पर आज मुझे हँसी आ गयी के हैरान हू मैं, कैसे मुझे हँसी आ गयी…………..!! […]
आज भी मेरी उँगलियाँ मायूश दिखाई पड़ती है मुझको शायद,उनको आज भी इंतज़ार है उस बेवफा के आने का…………..!! […]
हमारी तख़लीफ़ों से सरोकार अब किसको है राज़ की बात है ये, वो किसी और के लिए रोया होगा………..!! […]
लो दे आओ कुछ खत उसको, दीदार-ऐ-मौसम की तरह सुना है रात की तन्हाई उसको सोने नहीं देती………………….!! […]
तुम्हारे सिवा कोई और मिले तो बताना हम छोड़ रहे है दिल अपना, तलाशी के लिए………….!! […]
लगा था की बेहद सुनहरी है तू, समंदर सी खामोश गहरी है तू! मेरी जज्बातों को समझ न पाये, लगता है गूंगी और बहरी है तू !!
चलो आज चाहत की हम आखरी किश्त अदा करते है दे कर ज़िन्दगी उनको, ये क़र्ज़ रफ-दफा करते है……………..!! […]
चलो आज ये कलमा भी पूरा हो गया एक और इश्क़ का किस्सा अधूरा हो गया…………….!! […]
अब इसे किस्मत का तकाज़ा कहे,या बेरुखी दिल की के लोग भी अब बदलने लगे, हाथों की लकीरों की तरह…………….!! […]
बीती नहीं ज़िन्दगी, अब भी आधी बाकी है मुझे और तड़पना है, अब भी ज्याती बाकी है…………..!! […]
उस वक़्त आँख मे आंसू आ जाते है जब दिल पर गम के बादल छा जाते है…………..!! […]
ज़िन्दगी तो हमारी गुज़री…. मगर, गुज़र…..गुज़र…..कर गुज़री….. ……………..!! …………………D K
उस मंज़र को देख कर हमारा दिल जला करता है के उसकी तस्वीर के सामने जब भी चिराग जला करता है………..!! […]
चलो आज उनको इश्क़ का खिताब दिया जाये उनकी बेवफाई का आज हर हिसाब किया जाये……………!! […]
बर्बाद करने के लिए मैँ ही मिला,उस से पूछुंगा एक दिन बस उस पल तक, उसकी ज़िन्दगी सलामत रहे मेरे खुदा……………!! […]
मेरी ज़िन्दगी में खुशियों की उम्र ज़रा कम है लोगो ख़तम हो जाती है ज़िन्दगी उनकी, मुझ तक पहुचने से पहले………..!! […]
तुम्हारी याद में खोकर बहकना खूब आता है , हकीकत में मुझे फिर भी संभलना खूब आता है ! तुम्हारी जान इस पानी के जिस मछली में बसती है , उसी मछली के जैसे अब मचलना […]
कैसे गुजारूँ ये रातें बता दो , समझ में आये वो बातें बता दो ! क्यों इतना तड़पाती हो तुम , बहोत याद आती हो तुम !
ख्यालों में मेरे अब आती हो तुम ही, हक मुझपे पूरा जताती हो तुम ही! कैसे करूँ मैं अब तुमसे ये नफरत, मेरे पे ही जाँ अब लुटाती हो तुम ही!!
अर्सों के बाद मुलाकात जरुरी है समझता हूँ , मेरे बिन तेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ ! इन्तजार में जो सुख चुके हैं तेरे आँख केआँसू , उनके न निकलने की मज़बूरी मैं समझता हूँ […]
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