दर्द तन्हा रातों की कहानी होते हैं! गुजरे हुए हालात की रवानी होते हैं! होते नहीं हैं रुखसत यादों के सिलसिले, दौरे-आजमाइश की निशानी होते हैं! #महादेव_की_कविताऐं'(24)

विषय – नारी के प्रति पुरुष की सोच लेख – रीता जयहिंद ✍? पुरातन समय में पुरुष की सोच नारी के प्रति सिर्फ घर के कामकाज और सिलाई, कढ़ाई, बुनाई वगैरह तक सीमित थी । […]

तेरी याद कभी कभी मुस्कान देती है! चाहत की निगाहों में तूफान देती है! टूटे हुए इरादे भी जुड़ जाते हैं सभी, जिन्द़गी को ख्वाबों का जहाँन देती है! #महादेव_की_कविताऐं’

बहुत शराफत से पेश आये कुछ लोग हमारे जनाजे पर आये कुछ लोग आखरी रस्म की कदर करी उन सब ने हमें कांधा देने आये कुछ लोग रस्म-ऐ-बफा सब निभा नहीं सकते है काबा पर […]

हसरत-ऐ-दिल हमारी बस इतनी थी लोगो के वो अपने कूचे से एक बार तो बाहर आते रोते, बिलखते और गम से कराहते और उनकी आँखों से आंसूं बेशुमार आते………….!!    (d k)

चल अम्बर अम्बर हो लें.. धरती की छाती खोलें.. ख्वाबों के बीज निकालें.. इन उम्मीदों में बो लें.. सागर की सतही बोलो.. कब शांत रहा करती है.. हो नाव किनारे जब तक.. आक्रांत रहा करती […]

तेरी सूरत के अभी दिवाने बहुत से हैं! तेरी अदा के अभी अफसाने बहुत से हैं! तस्वीरे-अंजाम को मिटाऊँ किसतरह? जख्मों के निशान अभी पुराने बहुत से हैं! #महादेव_की_कविताऐं'(25)

वो कहते है हमारे निगाह को यूँ देखा न करो हम कहते है के तुम अपनी निगाह से हमें यूँ देखा न करो वो कहते है बहुत शर्म-ओ-हय्या आती है हमको हम कहते है की […]

इस कदर मुस्कूरा की ऑखों में आंसू दिखाई ना दे, ऐ वक्त! तू अब मेरी वफा मेरी मोहब्बत की गवाही ना दे l ::::::::::::::: ::::::::::::::: दिखा दिया है उसने अपनी ज़फाओं का आलम, चल अब […]

अरसे बाद वह सामने आए मुसकराए, बात की, जैसे कभी कुछ हुआ ही नहीं बुत बने हम देखते रह गए, साँस भी न ले पाए जैसे वक्त भी रुक गया उनके आ जाने से कहने लगे […]

Sapno me Sapne Hajar Hai, Yaado me Tuhi Dildar hai. Hume Zindagi se hua Pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Ronak to Dekho in Raaho ki tum, Apne se ab lagne lage Hum. Khuli ye wadi Mahka Chaman, Dilbar ki bato me Dil h Magan. Ab Hume Zindagi se hua pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Sapno me sapne Hajar hai, Yaado me ab tuhi Dildar hai….. (For you my Tamatar)

उनके दिल की हमने एक अजीब खुवाईश देखी शहर में उनके मौत की अलग ही नुमाईश देखी फनाह होने लगे लोग उसके एक इशारे पर वहा उसके शहर मे मोहोब्बत की अलग ही आजमाईश देखी………!! […]

तेरे बगैर मेरी तन्हा रात हुआ करती है! दर्द और तन्हाई से बात हुआ करती है! बेचैनी तड़पाती है चाहत की महादेव, आँखों से अश्कों की बरसात हुआ करती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)

इस हृदय क्षितिज के, शून्य तल पर काली घटाएं, हैं जब-जब छातीं , हृदय पटल को विदीर्ण कर, वेदना ऐसे अकुलाती, जैसे काली घटाओं बीच, दामिनी  है कड़कड़ाती, अविरल बरसती  नयनो के, बाँध तोड़  जाती […]

तेरी यादों की लहर मुझको तरसाती है! तेरी चाहत की चुभन मुझको तड़पाती है! तेरा ख्याल मुझको रुलाता है महादेव, रातभर तेरी तमन्ना मुझको जलाती है! #महादेव_की_कविताऐं’

अधूरी सी जिंदगी का अधूरा फ़साना हूँ मैं। नई सी दुनिया में शख़्स कोई पुराना हूँ मैं।। , चल रही है सरहदों पे जंग न जाने कब से। पता नहीं की किस गोली का निशाना […]

क्यों मुझ से रूठे रहते हो तुम क्यों तुम मुझ से नज़रें चुराते हो जानते हो जी नहीं सकता तुम्हारे बगैर क्यों मुझे इतना इश्क़ मैं तरसाते हो न जाने कितना इंतज़ार करता हु मैं […]

दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d […]

मोहोब्बत की आज़माइश कुछ ज्यादा हो गई है इश्क़ की नुमाइश कुछ ज्यादा हो गई है लोग अब खेल समझने लगे है इस पाक रिस्ते को शायद चाहत की खुवाईश कुछ ज्यादा हो गई है […]

उसने हमारी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमने उसकी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमें मिलता कभी एक कटरा-ऐ-खुसी तो सोचते हमें मिल गया सब कुछ, इश्क़ मैं उसने जो माँगा …………….!! (d k)

वो हमको गले से लगाना भूल गए रुलाने के बाद हमको हसाना भूल गए कुछ इस कदर खो गए वो अपनी शख्शियत-ऐ-बेवफाई मैं जिन्दा मार तो दिया, मगर हमको काबर मैं दफनाना भूल गए ……..!! […]