Tu kaun hain, Meri padchai kya, Tujhe apna kahun, Ya phir padaya… Tu kaun Hain, tera ghar hain kaha, Dur bahut dur jana ab yahan, Teri adat thi kabhi Abhi bhi hain, Yaden teri mere […]
Tu kaun hain, Meri padchai kya, Tujhe apna kahun, Ya phir padaya… Tu kaun Hain, tera ghar hain kaha, Dur bahut dur jana ab yahan, Teri adat thi kabhi Abhi bhi hain, Yaden teri mere […]
सिर्फ देख लूँ एक बार उसे करीब से, फिर इन हाथों में मैंने कोई जाम नहीं लेना है॥ छलक जाए गर मेरी आँखों से अश्क तो समझ लेना, उसी ने कहा था के मेरा […]
हमारी खामोशियों का प्यार एक हिस्सा है, जो कभी खत्म न हो वो तेरा मेरा किस्सा है! तेरे जज्बातों ने ही मुझको कायर बना डाला, तुझे पाने की जिद ने मुझे शायर बना डाला !!
मैंने सूरज को आज फिर से चढ़ते देखा है, आसमान से परिंदों को उतरते देखा है ! जो कल तक ईमानदारी की बात करते थे, उन्हें चन्द सिक्कों के लिए लड़ते देखा है !!
………………….…Few lines on life …………………..…… Kabhi gam to kabhi khushiyon ki saugat hai zindagi. Kabhi dhoop to kabhi chhaon mein tahalatee ek aash hai zindagi . . ….. Kudrat ka diya ek anmol sa uphaar […]
इस नफरत भरी सियासत में, कुछ बिक गये,कुछ डर गये ! पर फक्र करतें हैं आज उनपर, जो फिर जमीर के साथ घर गये!!
Kahte hai ummid pe kaayam hai.. Bas yahi soch ke tera hath thama hai.. Shayad Teri lakiro se Mil k kuch ummide fir muskura uthe
सत्य! यों देखो तो सत्य यहाँ कुछ भी नहीं; सब छलावा है, मिथ्या है | जिस साये को मान साथी हम चलते है यहाँ, साथ छोड़ देता है वह साया भी निशा के तम में […]
मुझको तेरी याद कहाँ फिर से ले आई है? हरतरफ ख्यालों में फैली हुई तन्हाई है! भटके हुए हैं लम्हें गम के अफसानों में, साँसों में चुभती हुई तेरी बेवफाई है! #महादेव_की_कविताऐं’
जिंदगी कुछ रूकी रुकी सी है सांसे कुछ थमी थमी सी है मायूस है मोहब्बत मेरी पुराने सायों से डरी हुई सी है
ताजुब नहीं मुझे तेरे बदल जाने से ओ बेवफा के कुछ लोग बदल नहीं सकते फितरत-ऐ-दिल अपना………….!! D K
अपनी मोहोब्बत का हमने तमाशा भी खूब किया एक बेवफा ने हमको इश्क़ मे बेहताशा भी खूब किया सोचा था मर कर अब हम किधर जाएंगे, मगर उस बेवफा ने काम-ऐ-दिलासा भी खूब किया……………….!! D […]
इंसा, इंसा को क्या देता है जख्म और सिर्फ दगा देता है पिला कर घूँट धोके का सबको ये बड़े आराम से सबको सुला देता है करता है विश्वास घात चंद रुपयों के खातिर दिल […]
झाँक रहा था मैं एक रोज ईश्वर की खिड़की के भीतर, किन्तु दंग रह गया निज प्रतिबिम्ब देख उस खिड़की में! अनायास ही कोई अनहद नाद उठा मस्तिष्क में: ‘देख ले दर्पण यह, देख ले […]
माँ ही एक ऐसा बैंक है यारों, जो हर दुःख सुख के भाव सहेजे, कभी भी देदे नोट पुराने रक्खे जो पल्लू में लपेटे, पापा मानो क्रेडिट कार्ड कभी न करते जो इनकार, खुद वो […]
हाथों से बनाया जिनको मैंने आज वही मुझको बनाने लगे, बनाकर मूरत मेरी दुकानों में मुझको वो सजाने लगे, कितनी बदल गई उस इंसा की नियत जो मोल लगाकर मेरा खुद को अमीर बनाने लगे, […]
बन्द कर अपने जज़्बातों के सभी दरवाजों को, लगाये लब्जों पर हम खांमोशी के बड़े तालों को। देखो किस तरह ढूंढने में लगे हैं हम कचरे में छिपी अपनी जिंदगी की चाबियों को॥ यूँ तो […]
बन्द कर अपने जज़्बातों के सभी दरवाजों को, लगाये लब्जों पर हम खांमोशी के बड़े तालों को। देखो किस तरह ढूंढने में लगे हैं हम कचरे में छिपी अपनी जिंदगी की चाबियों को॥ […]
चलो चलकर फिर उसी जगह, नये रिश्तों की शुरुआत करें ! दो आँखें तेरी दो मेरी हों , आओ मिलके आँखे चार करें!!
भोर था प्यार अब दोपहर हो गया, स्वपन का था महल खँडहर हो गया! करूँ जितना प्रयास पर मिलता नहीं, तुम्हारा प्यार नहीं काला धन हो गया!!
पहली मोहोब्बत का तकाज़ा क्या करे हम वो मिला था हमको बहारों की तरह दीवानगी इस से बढ़ कर और क्या होगी हमने चाहा था उसको तलबगारों की तरह खता क्या हुई एक छोटी सी […]
—————————- यूँ थककर ना बैठ मुसाफ़िर अभी तेरी मंज़िल नहीं आई शायद–चलेगी कुछ देर और तेरे संघर्ष की लड़ाई………. थककर यूँ बैठ गए अगर— राहे भी आसान ना होगी ज़मानें की रुसवाईयाँ भी– राहों की […]
जितना व्यस्त रखना है रख लो खुद को , नहीं तो मेरी यादें तुम्हे सब कुछ भुला देंगी ! नफरत करनी हो तो जरा दिल को मजबूत रखना , नहीं तो मेरी खामोशियाँ भी तुम्हे […]
कहीं कोहरे की धुंध के पीछे छुप गए हैं मेरी सफलता के सभी रास्ते, जितना भी करीब जाता हूँ उतने ही दूर मेरे रास्ते नज़र आते हैं, यूँ तो दायरा है मेरे इर्द गिर्द कितनी […]
आज भी मैं तेरी राहों को देखता हूँ! बेकरार वक्त की बाँहों को देखता हूँ! जुल्मों सितम की दास्ताँ है मेरी जिन्दगी, आरजू की दिल में आहों को देखता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(24)
वो सुबह न आये जिसमे तुझको टूट कर बिखरता देखूं, तेरे रगो में न कभी मैं जुदाई का जहर उतरता देखूं, मांगा है जिसे मैंने भी हर चौखट पर खुदा की, वो पल ही न […]
मेरा मन ये कहता था के यह फिर इस बार नहीं होगा, मैं आगे बढ़ गया हूँ अब फिर पीछे कदम नहीं होगा, फिर मन में जिज्ञासा थी फिर कुछ पाने की आशा थी, एक […]
सम्भाल कर रक्खी थीं जो तेरी यादें, चलो आज उनको सरेआम करते हैं। मन ही मन में जो बस गई है दिल में, आओ अब तेरी उस तस्वीर को खुलेआम करते हैं। तेरी इजाजत के […]
मेरे दिल और दिमाग की जद्दोजहद में कलम की स्थिति गम्भीर देखो, दोनों अपनी अपनी ओर खींचे कैसे कलम की डोर देखो, लिखने को लिख दूँ मैं अपने मन की हर एक पीर देखो, पर […]
रौंद कर निकल भी जाऊ आगे सबसे, मगर अपनों के ऊपर चलने का हुनर कहाँ से लाऊँ, बनाने को तो बनाए रहूँ रिश्ते सभी, मगर जो रिश्तों को जोड़े रक्खे वो डोर कहाँ से लाऊ, […]
कभी सूनसान गली तो कभी खुले मैदान में पकड़ ली जाती है, तू क्यों कटी पतंग सी हर बार लूट ली जाती है, वो चील कौवों से नोचते कभी जकड़ लेते हैं तुझे, तू क्यों […]
———————– धधक रहा है मन में सवालों के अंगारे— सच है कौन-?झुठ है क्या-? मन में जो भ्रम पल रहे, या, आँखों से दिखते नज़ारे किस क़दर समझुँ– और, क्या समझाऊँ दिल को या, तन्हा […]
——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू बनकर एहसास की———– ———–तेरी साँसों में घुल जाऊँगा ये तो […]
क्या इस साल भी लड़ना है तुमको धर्म और जाति के नाम पर क्या इस साल भी लुटने देनी है लड़की की इज़्जत नीलाम पर क्या इस साल भी सोचा है तुमने फिर से […]
हजारों वजह है तेरे पास मुझसे दूर जाने की , एक वजह मुझे भी दे दो अपने पास आने की ! वादा है मेरा की कभी आपको रोने न दूंगा , कोई भी खुशियां आपसे […]
साथ नहीं हो लेकिन क्यों हमसे रूठ गये हो? राह-ए-जिन्द़गी में तुम हमसे छूट गये हो! बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ दिल की, हाथ की लकीरों में क्यों हमसे टूट गये हो? #महादेव_की_कविताऐं'(26)
अपनी इश्क़-ऐ-नाकामी का सबब बस इतना था साहिब मांग बैठे थे खुदा से वो चीज़, जो बहुत अज़ीज़ थी खुदा के लिए…………!! […]
ऐ खुशियां अब तो लौट आ तू मेरी ज़िन्दगी में सुलह कर करके के अब न वो रहा, न उसकी यादें, और न कोई बहाना इस दिल का…………!! […]
कही तन्हा न कर दे तुझे, ये आदत तन्हा रहने की रातों को अपना हाल-ऐ-दिल तू चाँद, तारो से कह दिया कर……………….!! […]
इस बारिश के रुकने का इंतज़ार न करना तुम आज हमने पीया है गम-ऐ-आंसू, सारे मौसम रो रहे है……………..!! […]
तू हुकुम ही नहीं दे सका, हमको रोशन करने के लिए के हम तो पड़े थे तेरे ही घर मे, चिराग की तरह……………..!! […]
ताश के पत्तों की तरह हो गई है ज़िन्दगी अपनी, जो भी आता है बस खेल कर चला जाता है………………!! […]
इतना भी आसान नहीं, किसी को इश्क़ मे पा लेना पूरी ज़िन्दगी दाव पर लगनी पड़ती है, हर तरह से किसी का होना पड़ता है…………..!! […]
आज अपने ही सवाल पर मायूस खड़े हो क्यों तुम तुम ही तो कहा करते थे न, वो हर किसी का नहीं होता है…………….!! […]
कौन किस से कितना मुकातिफ़ होता है ये तो वक़्त जनता है, और वक़्त ही बता देता है……………!! […]
तू मुझे अगर धुल भी कहे तो कोई बात नहीं के हवा चलने पर ये भी आँखों मे समां जाती है……………!! […]
हमारे जाने के बाद किसी से इश्क़ फरमा कर देख लेना अगर कोई चाहे शिददत से हमारी तरह, तो कहना………………!! […]
मैंने जिस शक्श से मोहोब्बत फरमाई थी आज वही शक्श मुझे बेवफा कहता फिरता है…………..!! […]
उसकी आंखें झील सी गहरी तो है मगर, उस में परछाई मेरे चेहरे की नहीं उसकी बेरुखी से न नाप, इश्क़-ऐ-गहराई को तू वो आदतन मजबूर है, मगर दिल का बुरा नहीं……………………..!! […]
आंखें निकलवा कर हमारी वो अंगारों से, बोले अब इज़ाज़त है तुमको, हमसे रूब-ओ-रू होने की……………….!! […]
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