Category: शेर-ओ-शायरी

  • Shayari

    मुकम्मल कभी वो प्यार नहीं
    जो तवज्जो रंगे नूर से मिले
    जो सीरत से दिल लगाए
    वो मुहब्बत कमाल होती है
    @अनीता

  • Shayari

    माथे पर शिकन से उभरती लकीरों को देखकर
    एक फ़कीर ने कहा तूने बुलंद किस्मत है पायी
    उसे क्या पता था कि एक जान के बदले में
    गिरवी रख आया हूँ अपनी सारी कमाई
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    शतरंज में अक्सर बाज़ियाँ पलट जाती हैं
    अक्लमंदी से मोहरे चलना ए बाज़ीगर
    किस्मत बुलंद हैं गर अदने से मोहरे की तो
    राजा के हिस्से में शह और मात आती है
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    दूरियां ज़बरदस्त कायम है
    दरमियाँ दो दिलों के
    कौन जाकर समझाए उन्हें
    किस्मत से मोहब्बत मिलती है
    दिलों में रंजिशें हो तो
    इश्क़ मुकम्मल हुआ नहीं करते
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • न जाने क्यों

    जब सावन के एक एक बूंद,
    अंबर से धरती पे गिरती है।
    तब न जाने क्यों ए ग़ालिब,
    अश्क मेरी गालो को भिगोती है।।

  • इस कदर

    इस कदर प्यार में डूबा कि फिर उबर ना सका,
    पसंद बहुत आया पर दिल में उतर ना सका।

  • आज सोंचा

    आज सोंचा कि थोड़ा मुकम्मल हो लूँ
    जहान को अपने खुशियों से रोशन कर लूँ।

  • पर्दाफाश

    क्या अपराधी मार देने से इन्साफ हो गया।
    आज क्या शह देने वालों का पर्दाफ़ाश हो गया।

  • विकास दुबे

    मर गया आज एक और रावण
    मगर रामराज़्य की कोई उम्मीद नहीं
    जब शह देने वाले जीवित हैं तो
    गुंडाराज खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं।

  • जिंदगी मौत सी

    रुह जब लहू होकर रोती है
    मौत से जिंदगी जब रूबरू होती है
    लौट आते है सारे मंजर नजर में मेरी
    जब जिंदगी मौत सी हूबहू होती है

  • देश से प्रेम

    हम वो वीर है जो मरने से कभी डरे ही नहीं।
    सिन्हे पे गोली खा के भी सिर झुकाए ही नहीं।।

  • वक्त

    वक्त ये रूख का कुछ तो साथ दिया ।
    हम शायर बने तेरी शायरी का ।।
    शायर विकास कुमार(बिहार)

  • यह दुःख ही सच्चा अपना

    सुख के झूठे मुखोटो का क्या मौल
    यह दुःख ही सच्चा अपना, जो हमने झैला है

  • आँखों से दरिया

    प्रेम से सराबोर होने दो हमको,
    आँखों से दरिया छलक जाने दो ना।

  • अब उठ नौजवान

    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है
    जगमगाते दीप से
    सूरज की तरह चमकना है

    दिल जो कहे
    वो करना है
    ज़िंदा मछली की तरह
    धारा के विपरीत तैरना है

    ज़िन्दगी गिराएगी
    कभी भटकाएगी
    कहदे अपने होसलो से
    हर हाल में मंज़िल तक पहुंचना है

    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    हार भी जाये तो गम मत करना
    अपनी राह पर चलते रहना
    क्यूंकि हार की रात कितनी घनी हो
    पर जीत का सवेरा तो होना है

    ना डर तू
    ना घबरा तू
    अपने होसलो के पंखो को फैलाके
    परिंदे की तरह आसमान में उड़ना है

    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    अपने गमो को पीछे छोड़
    तुझे आगे बढ़ना है
    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    ये जीत तो मिटटी है
    हाथ में आते ही फिसलेगी
    मेहनत के पसीने से
    इस मिटटी को कठोर बनाना है

    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    इस ज़िन्दगी के सागर में
    कई तूफान आएंगे
    अपने हौसले की नाव को मजबूत बना
    इस सागर को पार करना है

    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    पहले कदम में
    तेरा मन बहकेगा
    कुछ और करने को कहेगा
    पर याद रखना अपना वादा
    जो अपने आप से किया था
    चाहे गिर जाऊ राहो में कई बार
    पर मंज़िल की नज़रो से नहीं गिरना है
    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    समझता हूँ तेरी
    राहे आसान नहीं
    रख भरोसा उस ऊपर वाले पर
    अगर उन्होंने रास्ता दिखाया है
    तो उनकी दया से ही तू मंज़िल तक पहुंचना है
    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    कर तप पूरी लगन से
    तुझे ध्रुव तारा बनाना है
    अपने आने वाली पीढ़ी का
    मार्गदर्शक बनना है
    अब उठ नौजवान
    तुझे कुछ करना है

    – हिमांशु ओझा

  • शायरी

    सितमगारों की बस्ती में सही
    मेरा भी नाम हो जाए
    मेरी नींदें छीन कर
    चैन से सोने वाली
    आज के बाद
    तेरी नींद भी हराम हो जाए
    किया था वादा हमसे
    तुम्हें याद ना करेंगे
    तुम्हें याद भी ना आएंगे
    लगता है वह अब
    अपनी बात से मुकर गए हैं
    सच तो यह है वह फिर से
    मेरी खातिर सवर गए हैं
    अब होता है जो, वह प्यार में
    अंजाम हो जाए
    मेरी नींदें छीन कर
    चैन से सोने वाली
    आज की रात
    तेरी नींद भी हराम हो जाए ।

  • Hindi Shayari

    Kaash Koi Aisa Hota,
    Jo Andar Se Bahar Jaisa Hota.

    Hindi Shayari

  • पिताजी

    अपने सुख दुःख की पोटली को
    रख किनारे में
    हमारे सुख दुःख को
    अपना जीवन बनाया
    पिताजी ने ही हमे सब कुछ सिखाया

    कल तक चलना नहीं आता था
    चलना आपने सिखाया
    आज ज़िन्दगी की दौड़ में
    दौड़ रहा हूँ
    संभलना आपने सिखाया
    पिताजी ने हमे सब कुछ सिखाया

    कभी प्यार से
    कभी डांट के
    हमे सही गलत का मतलब बताया

    खाकर ठोकर
    रह ना जाये हमारा दिल कमजोर
    इस दिल मजबूत बनाया
    पिताजी ने हमे सब कुछ सिखाया

  • आज भी उसकी खैरियत की दुआ

    आज भी उसकी खैरियत की दुआ करता हूं
    उसकी तस्वीर को होंठों से छुआ करता हूं
    बेवजह ही वो सजाती है जनाजा मेरा
    उसके एहसास में मैं खुद को धुवां करता हूं
    शक्ति त्रिपाठी देव

  • नाकामयाब

    कोशिशें बहुत की उसने मुझे बदल डालने की,
    मगर नाकामयाब ही रहा वो मेरे हौसले के आगे।

  • “गुलाम हूँ अपने संस्कारों की”….

    🌹🌹🌹🌹
    गूँगी नहीं हूँ मैं
    मुझे भी बोलना आता है।
    ——————————–
    गुलाम हूँ अपने संस्कारों की
    वर्ना मुझे भी सबक सिखाना आता है।

  • नीरोग हूँ मैं

    नीरोग हूँ मैं क्योंकि मैंने
    बहुत जतन से प्रेम योग किया है।
    नैनासन का अभ्यास करके
    खुद को स्वस्थ्य किया है।

  • क्या से क्या हो गया

    धर्मनीति व राजनीति के आगोश में समा गया है देश।
    उन्नति के ओर क्या बढेंगे यहाँ बदले है सब अपने भेष ।।
    अब मानव में मानवता नहीं पहरेदार भी अब सच्चा नहीं।
    ए वीर सुभाष भगत आज़ाद देख कहाँ जा रहा है ए देश।।

  • नमन 🙏

    जिनके नाम से दुश्मन
    थर थर कांपा करते है
    बलिदान हुए वीर जवानो को
    हम सब नमन करते है

    ये सच्चे देश भक्त है
    ऐसे नहीं जायेंगे
    दुश्मनो को
    अपनी रूह से भी हराएंगे

    देश को जगमगाये
    ये वो अमरदीप है
    देश के लिए मर मिटे
    ये वो शहीद है

    वो चले गए
    अब हमे उनकी राह पर चलना है
    उनकी तरह अपने देश के लिए कुछ करना है

    हमारी सुरक्षा के लिए
    सीमा पर तैनात ये रहते है
    सभी वीर जवानो को
    हम सब नमन करते है

    जय हिन्द 🙏

  • लिख लूँ

    गिले आज भी बहुत हैं तुमसे
    बस कुछ इम्तिहानों से निपट लूँ ।
    तब तक तुम ढूंढ लो बहाने
    और मैं शिकायतें लिख लूँ ।

  • तेरी आँखों ने….

    इक शराब ने ही तो सम्भाल रखा है मुझे….
    वर्ना
    तेरी आँखों ने तो कब का मार डाला था….

  • नींद से जागी आँखें

    ना जाने कब नींद से जागी आँखें?
    रात भर रोकर सूजी हैं कितनी आँखें।
    बिता तो लेंगे हम ज़िन्दगी तेरे बगैर भी
    पर तुझे देखकर ज़िंदा हैं ये मेरी आँखें।

  • सीमा पर कितने धूर्त?

    सीमा पर कितने धूर्त और मक्कार हैं
    अपनी सेना का मनोबल ना गिरने पाए
    इस बात का भारतीय रखते खूब ख्याल हैं।

  • सितारा

    ढूंढती रह गई बस तुझे हर दर पर
    तू मिला नहीं तो देख मैं चांद में खो गई
    तुझे ढूंढने की चाहत में मैं खुद सितारा हो गई।

  • तेरे बिन

    तेरे बिन जिंदगी कैसे बताऊंगी
    तू तो दूर चला गया पर मैं दूर कैसे जाऊंगी।
    मेरी हर सांस की अमानत हो तुम
    समझ नहीं आता तुझ बिन कैसे जी पाऊंगी।

  • हमीद हो गया

    धरती से उठ कर हमीद हो गया।
    माँ तेरा लाल आज शहीद हो गया।।

  • कुर्बानी

    जंगबाजों से पूछ कितना मजा हैं देश के कुर्बानी में।
    हम मर कर भी अमर है हिन्दुस्तान के इतिहास में।।

  • ए माँ

    ए माँ देख आज हम भी, अपने वतन पे शहीद हो गए।
    इतिहास के पन्ने पे फिर, एक सिपाही के नाम जुड़ गए।।

  • है कोई दरवाजा जो अभी तक बंद है

    है कोई दरवाजा जो अभी तक बंद है
    मेरे दिल को अभी तुमने देखा ही कहां है

  • रात के अंधेरे में

    जरूर वहाँ कोई खड़ा है, रात के अंधेरे में।
    लगता है डर घेर लो, अपने बांहो के घेरों में।।

  • राहत

    जब राहत के दवा लाया राहत इन्दौरी से ।
    तब उतरने लगा इश्क़ ए बुखार मेरे सिर से।।

  • स्याही

    ए सनम स्याही नहीं है तो क्या हुआ ।
    तेरी नैनो के स्याही से काम चला लुंगा।।

  • खामोशी

    जिसकी कामयाबी का चर्चा चारों ओर हो गया
    वह जाने क्यों अब खामोश हो गया
    जाने कैसा सितम ढाया होगा इस जिंदगी ने उस पर
    जो महफिलों का सितारा था वह सितारों में खो गया

  • कलाकारों की दुनिया

    इन कलाकारों की दुनिया में
    जाने कितने ही दुख होते हैं
    मुस्कान मुखौटा पहन लिया
    अब भीतर- भीतर रोते हैं

  • अपनों की कमी

    जब कमी हो जाती है
    अपनों से साथ निभाने में
    तब दुख के दलदल में डूबे तो
    मौत ही साथ निभाती है

  • खुद की खुदाई

    ए खुदा तू ने जो उन्हें, खुबसुरती से बनाई।
    लूट गयी कई शायरों की, खुद की खुदाई।।

  • मरज़ीना

    हम तो लूट गए ” फिराक ” इश्क़ के बाजार में।
    मरज़ीना जब जीना दुशवार किया कायनात में।।

  • नश्तर

    कहीं दिल पे नश्तर , तो कहीं नश्तर पे दिल।
    ज़माना खराब है ग़ालिब जरा संभल के मिल।।

  • फंदे

    दो गज के फंदे से
    खुदको क्यों मार गए
    इस बेरहम दुनिया ने अब क्या किया
    जो खुद से ही हार गए

    चंद शब्द कहता हूँ
    RIP सुशांत सिंह राजपूत के लिए
    🙏🙏

  • हीरा

    सिक्के इकट्ठा करके कोई धनवान नहीं होता।
    एक हीरा हीं काफी है जहाने अमीरी के लिए।।

  • शायरी

    कुछआम ऐसे होते हैं
    जो खाए नहीं जाते।
    जब खास के साथ हो
    तो सताए नहीं जाते।।

  • दुःख

    वो इंसान अपने हर काम में फंसता है
    जो दुसरो के दुःख पे हँसता है !

  • आलम

    मुहब्बत के नश्तर मिटाने वाले,
    तुझे क्या पता है चाहत ए आलम।
    तू ने कभी मुहब्बत 💘की ही नहीं,
    तू क्या समझे मेरे दर्द ए आलम।।

  • दिव्य

    फ़रेबी से पूछो फ़रेब के सुत्र।
    बहुत दिव्य है ए मूल मंत्र।।

  • लत

    कहते है इश्क़-ए-लत, बहुत बुरी बला है।
    फिर भी लोग,अपने को कहाँ सँभाला है।।

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