हँस दिए आप ने रोते रोते यूँ ही क्यों साहिब ऐसा कौन सा ख़ुशी का पल याद आ गया आपको……………!! […]
हँस दिए आप ने रोते रोते यूँ ही क्यों साहिब ऐसा कौन सा ख़ुशी का पल याद आ गया आपको……………!! […]
अब उसे याद न करू तो कुछ अधूरा सा लगता है एक अरसा हो चला है, उसको याद करते करते…………..!! […]
वो कहते है, झूठ है तू और तेरी बातें तो क्यों याद करता है वो, मुझे और मेरी बातें………………!! […]
मुमकिन है वो किसी रोज़ लौट आये हमारे शहर की तरफ इसलिए भी रोज़ बदल देता हू, मैं हालात-ऐ-दिल अपना…………..!! […]
भला मुक्कदर का लिखा कोई मिटा पाया है वो खामखा ही फ़िज़ूल कोशिशें करा करते है……………!! […]
जिस शक्श को आप ढूंढ रहे हो, वो अब ख़ाक हो गया जला था किसी की चाहत मे, जल कर राख हो गया…………………!! […]
वो रोज़ देखता है चेहरा अपना, आईने मे सुबह उठ कर काश मैं भी उसके घर के आईने का हिस्सा होता…………………..!! […]
अपनी ही हँसी पर आज मुझे हँसी आ गयी के हैरान हू मैं, कैसे मुझे हँसी आ गयी…………..!! […]
आज भी मेरी उँगलियाँ मायूश दिखाई पड़ती है मुझको शायद,उनको आज भी इंतज़ार है उस बेवफा के आने का…………..!! […]
हमारी तख़लीफ़ों से सरोकार अब किसको है राज़ की बात है ये, वो किसी और के लिए रोया होगा………..!! […]
लो दे आओ कुछ खत उसको, दीदार-ऐ-मौसम की तरह सुना है रात की तन्हाई उसको सोने नहीं देती………………….!! […]
तुम्हारे सिवा कोई और मिले तो बताना हम छोड़ रहे है दिल अपना, तलाशी के लिए………….!! […]
चलो आज चाहत की हम आखरी किश्त अदा करते है दे कर ज़िन्दगी उनको, ये क़र्ज़ रफ-दफा करते है……………..!! […]
चलो आज ये कलमा भी पूरा हो गया एक और इश्क़ का किस्सा अधूरा हो गया…………….!! […]
अब इसे किस्मत का तकाज़ा कहे,या बेरुखी दिल की के लोग भी अब बदलने लगे, हाथों की लकीरों की तरह…………….!! […]
बीती नहीं ज़िन्दगी, अब भी आधी बाकी है मुझे और तड़पना है, अब भी ज्याती बाकी है…………..!! […]
उस वक़्त आँख मे आंसू आ जाते है जब दिल पर गम के बादल छा जाते है…………..!! […]
उस मंज़र को देख कर हमारा दिल जला करता है के उसकी तस्वीर के सामने जब भी चिराग जला करता है………..!! […]
चलो आज उनको इश्क़ का खिताब दिया जाये उनकी बेवफाई का आज हर हिसाब किया जाये……………!! […]
बर्बाद करने के लिए मैँ ही मिला,उस से पूछुंगा एक दिन बस उस पल तक, उसकी ज़िन्दगी सलामत रहे मेरे खुदा……………!! […]
मेरी ज़िन्दगी में खुशियों की उम्र ज़रा कम है लोगो ख़तम हो जाती है ज़िन्दगी उनकी, मुझ तक पहुचने से पहले………..!! […]
दिल से पूछ कर आज तुम भी एक फैसला कर लो हमारी मोहोब्बत को मुक्कमल करने का गुनाह कर लो……………..!! […]
आँखों में बर्बादी का मंज़र दिखाई देता है हर आंसू में गमो का समुन्दर दिखाई देता है…………!! […]
दो लम्हे फुरसत मे और जी लेने दो प्यास हु मैं, मुझे थोड़ा मय और पी लेने दो……………..!! […]
सिर्फ एक मोहोब्बत का उजाला रह गया हसरते ख़ाक हो गई, जीने का बहाना रह गया……….!! […]
हसरत-ऐ-दिल हमारी बस इतनी थी लोगो के वो अपने कूचे से एक बार तो बाहर आते रोते, बिलखते और गम से कराहते और उनकी आँखों से आंसूं बेशुमार आते………….!! (d k)
एक बार क्या गुज़रे हम उनके कूचे से लोगो चैन-ओ-अमन हमारे दिल का खो गया गम ने दिल मैं दस्तक दे दी हमे खुशियों का हर समां सो गया……………………!! (d k)
अब न होगी तकलीफ उनको हम से मिलने मे साहिब के बनाया है हमने काबा अपना उनके कूचे मैं साहिब……….!! (d k)
इसलिए भी अंधेरे की पनाह मे चला जाता हु में के मेरे गम-ऐ-दिल को अहसास-ऐ-तन्हाई न हो…………!! (d k)
न जला मेरे दिल को और, न कुरेद मेरे जख्मों को ऐ मोहोब्बत तुझ से गुज़ारिश है,ज़िन्दगी को तू अब बक्श दे…………..!! (d k)
अपनी निगाह से आज तुम एक फैसला कर दो कबूल कर लो मेरा इश्क़, या मुझको फनाह कर दो…………!! (d k)
न रख अपनी निगाह हमारे चेहरे पर इस तरह ज़ालिम तेरी चाहत के मरीज़ है, कही मर ही न जाए………………..!! (d k)
आज फिर आये है वो खाली हाथ हमारे घर पर शायद निगाह से कत्ल करने का इरादा है उनका……….!! (d k)
बड़ी कश्मकश में फ़स गया हु मैँ उस से आखरी मुलाकात के बाद के उसको पाने का दिल में शौख रखू या किया हुआ वादा निभाने का खौफ रखू……….!! (d k)
आखरी खुवाईश के तोर पर उसका ये सवाल था हम से के मरना चाहेंगे हम खंज़र से, या उनकी बेवफाई का शिकार बने…….!! (d k)
खुवाईश-ऐ-दिल के चलते मैं राख हो जाऊ के तुम्हारा रहू या फिर ख़ाक हो जाऊ……….!! (d k)
हम दोनों का शौख भी बड़ा अजीब है साहिब हम उन पर मेहरबान है, और वो हमारी शायरी पर……………!! (d k)
दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d […]
मोहोब्बत की आज़माइश कुछ ज्यादा हो गई है इश्क़ की नुमाइश कुछ ज्यादा हो गई है लोग अब खेल समझने लगे है इस पाक रिस्ते को शायद चाहत की खुवाईश कुछ ज्यादा हो गई है […]
एक बात मुझे याद आती है खूबसूरत वो रात याद आती है खूबसूरत जब मिला करते थे हम दोनों दुनिया से तनहा हो कर वो मुलाकात मुझे याद आती है खूबसूरत……………..!! (d k)
उसने हमारी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमने उसकी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमें मिलता कभी एक कटरा-ऐ-खुसी तो सोचते हमें मिल गया सब कुछ, इश्क़ मैं उसने जो माँगा …………….!! (d k)
वो हमको गले से लगाना भूल गए रुलाने के बाद हमको हसाना भूल गए कुछ इस कदर खो गए वो अपनी शख्शियत-ऐ-बेवफाई मैं जिन्दा मार तो दिया, मगर हमको काबर मैं दफनाना भूल गए ……..!! […]
मोहोब्बत मैं किसी की कोई खता नहीं होती दिल मैं हर किसी के हरदम बफा नहीं होती जरा संभल कर जाना इस समुन्दर-ऐ-इश्क़ मैं साहिब ये वो नासूर है दिल का, जिसकी कोई दवा नहीं […]
रिश्तों के दरमियान शक न तुम करना, न मैं करूँगा मोहोब्बत कभी कम न तुम करना, न मैं करूँगा जरुरत पड़ी तो आज़मा लेना हमको बिना एक लव्ज़ कहे अंजाम की परवाह न तुम करना, […]
काश ऐसा दिन भी कभी आया होता जब उसने मुझे गले से लगाया होता और कहता मुझ से क्यों उदास हो तुम और उसने मुझ को अपना सब कुछ बताया होता………!! (d k)
काश उसने हमारी मोहोब्बत को कभी समझ होता काश उसने कभी हमारे दिल मैं झाँका होता कितनी सिद्दत से छह है उसको ये पता चलता उसको काश उसने कभी हमसे खुद के बारे मैं पूछा […]
आज हम हर बात साफ़ कर देंगे उसको और ज़िन्दगी उसकी आबाद कर देंगे खुद को मीट कर हम एक बात साबित कर देंगे हम पीछे नहीं हटेंगे , चाहे खुद को ख़ाक कर देंगे […]
मोहोब्बत को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है सजा तो साहिब बेवफाई देती है दे कर ज़िन्दगी भर का गम इंसा को ये , ज़िंदा-लाश बन जाने की सजा देती है ………………!! (d k)
कभी गांव की मिट्टी की भीनी खुशबू से भरी थी जिंदगी आज कल शहर की धूल में लिपटी पड़ी रहती है|
Mashoor wo hai to masruf kam hum bhi nhi Deewaane hai aapke warna maghroor kam hum bhi nhi Hai husn mana par itni berukhi Haar gye dil aapse warna sikandar kam hum bhi […]
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