हसरत-ऐ-दिल हमारी बस इतनी थी लोगो के वो अपने कूचे से एक बार तो बाहर आते रोते, बिलखते और गम से कराहते और उनकी आँखों से आंसूं बेशुमार आते………….!!    (d k)

दर्द कागज़ पैर यूँ ही बिका नहीं करते इश्क़-ऐ-गम अक्सर दिल मैं छुपा नहीं करते होना परत है फनाह भी इस चाहत मैं साहिब जो डरते है इस से वो मोहोब्बत करा नहीं करते……………..!! (d […]

मोहोब्बत की आज़माइश कुछ ज्यादा हो गई है इश्क़ की नुमाइश कुछ ज्यादा हो गई है लोग अब खेल समझने लगे है इस पाक रिस्ते को शायद चाहत की खुवाईश कुछ ज्यादा हो गई है […]

उसने हमारी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमने उसकी ज़िन्दगी के लिए क्या माँगा हमें मिलता कभी एक कटरा-ऐ-खुसी तो सोचते हमें मिल गया सब कुछ, इश्क़ मैं उसने जो माँगा …………….!! (d k)

वो हमको गले से लगाना भूल गए रुलाने के बाद हमको हसाना भूल गए कुछ इस कदर खो गए वो अपनी शख्शियत-ऐ-बेवफाई मैं जिन्दा मार तो दिया, मगर हमको काबर मैं दफनाना भूल गए ……..!! […]

मोहोब्बत मैं किसी की कोई खता नहीं होती दिल मैं हर किसी के हरदम बफा नहीं होती जरा संभल कर जाना इस समुन्दर-ऐ-इश्क़ मैं साहिब ये वो नासूर है दिल का, जिसकी कोई दवा नहीं […]

रिश्तों के दरमियान शक न तुम करना, न मैं करूँगा मोहोब्बत कभी कम न तुम करना, न मैं करूँगा जरुरत पड़ी तो आज़मा लेना हमको बिना एक लव्ज़ कहे अंजाम की परवाह न तुम करना, […]

काश उसने हमारी मोहोब्बत को कभी समझ होता काश उसने कभी हमारे दिल मैं झाँका होता कितनी सिद्दत से छह है उसको ये पता चलता उसको काश उसने कभी हमसे खुद के बारे मैं पूछा […]

आज हम हर बात साफ़ कर देंगे उसको और ज़िन्दगी उसकी आबाद कर देंगे खुद को मीट कर हम एक बात साबित कर देंगे हम पीछे नहीं हटेंगे , चाहे खुद को ख़ाक कर देंगे […]

मोहोब्बत को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है सजा तो साहिब बेवफाई देती है दे कर ज़िन्दगी भर का गम इंसा को ये , ज़िंदा-लाश बन जाने की सजा देती है ………………!! (d k)