दिन, महीने और साल गुजरते जाते हैं और इक दिन आदमी भी इनमें गुजर जाता है|
दिन, महीने और साल गुजरते जाते हैं और इक दिन आदमी भी इनमें गुजर जाता है|
अँधेरो से कभी हमको डर नहीं लगता। पर तेरे बग़ैर ये घर भी घर नहीं लगता।। @@@@RK@@@@
माना की तेरे अपनों से बेहतर नहीं हूँ मैं। मुझे कभी छूकर के देखो पत्थर नहीं हूँ मैं।। @@@@RK@@@@
जिसनें बुजुर्गों की नसीहते नहीं सुनी। उसनें जिंदगी की हक़ीक़ते नहीं सुनी।। @@@@RK@@@@
Kitaab-e-Ishq ka sahukh kaun rakhta hai Gam-e-Chahaat ka khauf kaun rakhta hai Wo to sawal tha kuch apno ke Aansuon ka Warna Chahat-e-Dil ko khamoosh kaun rakhta hai…………!!
Lapait lo Chadar-e-Ishq, Gam-e-Thand Bahut hai Ye Seher hai Parayon ka, Yaha Apne Bhi paraye hote hai…………!!
Mohobbat ki baat wo hamse aaise karte hai Jaise ki wo kisi se koi faryaad karte hai Aur kar rakha ho unhone koi gunaah ishq main Gunaahgaar ki tarah apne gunaah ka hisaab karte […]
Honthon per hassi, Husun-e-Kamaal Rakhte Ho Hamari Tarah hi Tum bhi dil main ishq-e-sawal rakhte ho……….!!
किसी की ऑख़ों में ऑसू थे मेरे लिए वह शख्स मुझे दुनिया में सबसे प्यारा लगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
हमकों भी हक़ है जिन्दा रहने का। यूँ देखते क्यूँ हो हमको तुम।।
तुमने कहा की मै नहीं कहता हाल ए दिल। जबकि इक जमाने से अख़बार हूँ मैं।। @@@@RK@@@@
साथ रहने से दवाओं की तासीर नहीं बदलती। असर तो होता ही है सबका अपना अपना।। @@@@RK@@@@
तेरे बिना जिंदगी बस इतनी सी है। बग़ैर रूह के इक ज़िस्म हो जैसे।। @@@@RK@@@@
ख़ुद पर यक़ीन नहीं रहा आज से। अब धोख़ा ही मिला इस अंदाज़ से।। @@@@RK@@@@
उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो, हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
अब जा के यकीं आया है मुझ को इस लव्ज़-ऐ-मोहोब्बत पर के लोग अब मुझको तेरा दीवाना कहने लगे………………………!!
अपनी मोहोब्बत का किस्सा बहुत छोटा है, बस ज़िन्दगी गुज़र गई, मोहोब्बत करते करते………….!!
मोहोब्बत का अगर दर्द देने का उसूल न होता, न जीने मे मजा होता, न मरने मे मजा होता………….!!
कुछ इस तरह से उस ने हम से मोहोब्बत कर ली जैसे किसी ने किसी के झूठ पर ऐतबार कर लिया हो…………….!!
उनकी तग़ाफ़ुल का नतीज़ा क्या कहे तुम सब से हम अपनी मोहोब्बत को तबाह कर बैठे, वो न जी सके हमारे बेगैर, और हम न जी सके उनके बेगैर वो भी ज़हर खा बैठे, हम […]
क्या कह मैं तुम सब से अपने दिल के किस्सा ये किसी के मोहोब्बत का नतीजा है, मैं हु उसका पाक-ऐ-मोहोब्बत और वो मेरी चाहत-ऐ-पाकीज़ा है…………….!!
क्यों सजा देते हो इसको, ये कही से भी गुनाहगार नहीं सारा कसूर मेरे है लोगो, ये शराब कसूरवार नहीं…………!!
कोई गुनाह नहीं है इसका और न ही ये कसूरवार है, हर टूटे दिल का भला करती है जो ये वो मासूम शराब है……………………..!!
बड़ा सुकून देती है ये शरीर मैं मिल जाने के बाद, लोग तो यू ही बदनाम करते है इस मासूम शराब को…………..!!
बहुत काम शब्दो मैं बया कर दी मैंने अपनी सक्शियत इस से भी काम शब्दो मैं बया करूँगा तेरी बेवफाई को , ज़माना भी जान पाएगा तेरे जैसे हरदर्द के किस्से को ज़माना भी जान […]
तड़प कर देख एक बार ज़ालिम कभी खुद को किसी पैर फनाह भी कर, सजा भी बाखूबी मिलेगी तुझ को चाहत मे बशर्त है की तू मोहोब्बत करने का गुनाह तो कर……………!!
अपनी पहचान को मैं सर-ऐ-आम कैसे करू अपनी चाहत को मैं गुमनाम कैसे करू उसने नहीं की बफ मेरे साथ ये और बात है भला मैं इस मोहोब्बत शब्द को बदनाम कैसे करू…………………!!
सुना है वो फिर से हमें चाहने लगे है आँखों से आंसू बहाने लगे है झेल रहे है वो भी शिकस्त-ऐ-पछतावा सुबह-ओ-शाम हमको बुलाने लगे है……………………………..!!
उसके शहर का मौसम हमने वीरान देखा एक रोता हुआ तन्हा शमशान देखा मेहमान नवाज़ी ऐसी भी होगी सोचा न था न कभी हमने ऐसा कदरदान देखा……………………………!!
कुछ तो कमी तुझ मैं भी रही होगी कुछ तो तेरा भी कसूर रहा होगा ऐसे ही मोहोब्बत किसी को नहीं छोड़ती अकेला ऐसे ही कोई मोहोब्बत मैं तन्हा नहीं होता…………………….!!
दिल मैं गम रख कर कितना मुस्कुराते हो आप मेरी ही तरह तन्हाई , यादे और आंसू छुपाते हो आप …………!!
बड़ी तलब उठती है इस इश्क़ की दिल मैं मेरे कभी-कभी याद आता है वो मुझे बेचैनी के साथ जब-जब ……………..!!
पीर दिल की संभाले बैठे थे अरसे से आज पता नहीं कहां से बांध टूट गया|
Teri Yaadain, Tere Gam Aur Teri Har Nafrat Main Khatam Karne Wala Hu Ke Suna Hai Ki Meri Zindagi Mere Saath Daga Karne Wali Hai………………………!!
Kisi ko pal bhar main mil gai apni manzil-e-mohobbat Aur kai hamari tarah bas Safar-e-ishq main reh gye……………………..!!
Suna hai wo bhi ab hame chahte hai Chalo ek bar phir ham khud ko aazmaate hai………….!!
Suna hai wo bahut mashoor ho gaya hai Sochta hu ek bar uske seher ke haalat dekhta Chalu………..!!
Kuch ankahe kissain hai baaki, Kuch ankahe baatain bhi………………….! Kuch ankahe ristey viraan, Kuch ankahi yaadain bhi…………………!!
Nashey ki baat karte hai log, Ham se nasheela koi kya hoga……………! Ishq ne rang diya hai hamara room room Ham se rangeela koi kya hoga……………………………!!
Meri nazron ko teri hi mulakat chale, Meri zindagi ko tere ishq ki saugaat chale, Ghar, Baahar, Bazaar ya Mehfil Jaha bhi jaaun teri hi baat chale………………………….!!
Na dil ko tamanna hai teri, Na aankhon ko aarzoo hai teri, Tu ban chuka hai kisi aur ka shayad Na zindagi ko khuwaish hai teri………………!!
Kitna muskil hota hai, Kisi ko chaah kar bhula dena Pucho ja kar un sab se, Jo khud ko hi bhula baithe hai………!!
Mohhobat Ki Rasam Bhi ab Bewafa Ho Chali Hai Aksar Daga Deti Hai Ye, Toot Kar Chahne Wale Ko……………!!
दिल न न करते बहुत कुछ कह गया अब उस पर पर्दा दिमाग डाले तो कैसे
गुफ़्तगु बंद न हो, बात से बात चले मैं तेरे साथ चलूं, तू मेरे साथ चले|
अल्फ़ाज ए दिल हम लिखे कैसे? कलम को जुखाम है, कागज पीलिये में पीला हुआ जा रहा है!
वक्त आया तो तुमको भी जान लिया मैंने। झूठ पे झूठ झूठ पे झूठ चलो मान लिया मैंने।। @@@@RK@@@@
जो रूठा ही नहीं है उसे मनाये कैसे। तुम्हें जिंदगी लिखा था मिटाए कैसे।। @@@@RK@@@@
आँखों से छलक जाएं वो आँसू नही है हम। मगर ऐसा भी नहीं है की रोएँ नहीं है हम।। @@@@RK@@@@
आज कुछ लिखने को जी करता है आज फिर से जीने को जी करता है दबे है जो अहसास ज़हन में जमाने से उनसे कुछ अल्फ़ाज उखेरने को जी करता है
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