!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Ishq hua jab humme unse tau umre-e-ishq na thi hussn aaya jab chehre par unke tau umre-e-hussn na thi kahin tau tha hamare ishq ka asar jo ban kar […]
!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Ishq hua jab humme unse tau umre-e-ishq na thi hussn aaya jab chehre par unke tau umre-e-hussn na thi kahin tau tha hamare ishq ka asar jo ban kar […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Choti choti baat par bhi bahana dundhte rehte hai ye aanssoo har watq beh jaane ke talash main rehte hai @@ SAGAR @@
हवाओं की नज़र से देखता हूँ मीर मैं तुझको , कि छूकर पास से निकलूं और तुझको खबर न हो . ये दिल पत्तों सा हिलता है तेरी यादों के आने से,, कभी तो झूम […]
कभी लगता था कि मेरे अहसास सिर्फ़ मेरे है अब शायद वो भी पराये हो गये
दिल के आइने में मीर तेरा अक्श देखूंगा , कभी सोचा नहीं था तुमपे इतना प्यार आएगा . …atr
तेरे जाने से सब ये सोचते है मैं अकेला हूँ , उन्हें शायद खबर न हो कि तेरी याद बाक़ी है . मैं तनहा कैसे समझूँ मीर इन ख़ाली मकानों को , तेरे और मेरे […]
कुछ कहने की कोशिश में है अहसास मिरे उमडने को आतुर है ज़ज्बात मिरे वो तो अल्फ़ाज़ हैं कि कहीं खोये हुए है नहीं तो इक नज़्म लिख देते अश्क मिरे
जवां दिल था , जवां धड़कन , जवां सांसे , जवां मन था , मगर बस मीर इतना था, जहाँ वो थी वहां मन था .. …atr
एक अरसे से उनसे नजर नहीं मिली जमाना गुजर गया किसी को देखे हुए
‘सच जो लिक्खा, तो ये मुमकिन है कि फंस जाओ तुम, मुकरना चाहो, तो हर बात जुबानी करना।’ ………सतीश कसेरा
‘उसे मालूम था मुझको जरुरत है बहुत उसकी, इसी खातिर मेरी नाराजगी में भी, वो घर आता रहा।’ …..सतीश कसेरा
‘बाद मुद्दत के मिला तो लिपट—लिपट के मिला, रोज मिलने से तो ये मिलना बडा अच्छा लगा।’ …..सतीश कसेरा
‘मैं दूर तक भी आ गया, पर वो वहीं पे खडा रहा ये उसको कैसे था पता, मैं मुड के देखूंगा जरुर।’ ……….सतीश कसेरा
जब शागिर्द ए शाम तुम हो तो खल्क का ख्याल क्या करेंजुस्तजु ही नहीं किसी जबाब की तो सवाल क्या करें
ढूंढा जिसे गली में, शहरा में शाम में , दीदार उसका हो गया बस एक ज़ाम में. …atr
तमाम गुलाबो की खुश्बू है तेरे इकरार में साकी , कही ऐसा न हो मैं खुश्बुओं की चाह ही रख लू.. …atr
तेरी आँखों से पीनी है, मुझे अब रात भर साकी , ज़रा अब फिर पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी. …atr
ख़ुदा ने क्या दिया तुमको, ख़ुदा ने क्या दिया हमको, की तू है हुस्न की मल्लिका , औ मुझको आशिकी दे दी .. …atr
खबर मेरी यहाँ पर पूछते क्या हो एहसास , जरा एक बार मेरे मकान से गुजरो. तुम्हे मालूम होगा इश्क़ में क्या क्या लुटाते हैं, कभी एक बार इस इम्तिहान से गुजरो. . …atr
किया है प्यार छुप छुप कर खुदाया , दिल्लगी न की , जमाना ढोंग कहता है हमारे प्यार को साकी . …atr
चुपके चुपके ही चाहा है, इज़हार किया न जीवन भर , एक डर में एक संशय में, मैं हाल ए दिल कैसे कह पाऊँ. जीवन के अंतिम क्षण में यदि बात जुबां तक आ जाये, […]
ये कैसा तसव्वुर, कैसा रब्त, कैसा वक्त हैजो कभी होता भी नहीं, कभी गुजरता भी नहीं रब्तः संबंध
चलो अब देर से तुम सो सकोगे , हमारी नींद तुमको लग गयी है.. …atr
बढ़ी है तीरगी रूश्वाईयों में , ज़रा अपनी नज़र तुम बंद रखना.. …atr
करोगे क़त्ल क्या हमको दरिंदो , हमारे हर्फ़ रूहानी, हमारी बात रूहानी.. …atr
कभी मेरी निगाहों को जहाँ दिखता था तुझमे मीर , मगर अब दौर ऐसा है , खुदी पुरज़ोर हावी है .. …atr
कहीं है दफ़्न तुम्हारा ग़म हमारे दिल के कोने में, हमे भी मीर लाशो को बहुत रखना नहीं आता.. …atr
अभी मुझमे जरा तू है ,जरा मैं हूँ तेरे दिल में .. मगर अब अपने अपने में जरा सा तू , जरा मैं हूँ .. …atr
पराये जज्बातों को अपना बनाने की चाहत होती है किसी की आहों में डूब जाने की चाहत होती है उम्र भर चलते रहे तनहाईयों के साथ हम उनके साथ चंद कदम चलने की चाहत होती […]
कल उसने दिल को कुछ ऐसे छुआ कि साँसे तो थम गई पर धडकनें दौड़ने लगी !!!!
कौन कहता है मुहब्बत की ज़ुबाँ होती है ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है वो न आये तो सताती है ख़लिश सी दिल को वो जो आये तो ख़लिश और जवाँ होती है (ख़लिश = चुभन, […]
कहने को तो बस मेरे दिल ने , तेरे दिल पे कुछ भरोसे ही तो किए थे शिकायत भी किस कचहरी करूँ […]
चला जाता है कोई दूर ,दिल के पास रहता है , वही यादें ,वही खुशबू ,वही एहसास रहता है . फ़कत इतना फरक है प्रेम के इन दो मिलापो में , की जब वो दूर […]
खत को मेरे संभाल के रखा जो होता मीर, हर हर्फ़ मेरे प्यार की दास्ताँ कहते . करे अब किस जगह रोशन गुलिश्ता ए जिगर को यार , यहाँ तो आशियाँ ही लुट गया है […]
किया है खून रिश्तो का , तुम्हे कातिल कहूँ या भ्रम , जला कर प्रेम का दीपक , अँधेरा कर दिया कायम . …atr
न देखोगे मुझे अब तुम , न अब संवाद होगा .. जो कल था ,आज तक जो था , न इसके बाद होगा .. …atr
लहरा रहा है सामने यादों का समंदर , जो डूबना भी चाहूँ तो किस किनारे से.. मेरे इश्क़ की दास्ताँ बस इतनी है, तलाश हमसफ़र की थी मुकाम तन्हाई का मिला. …atr
मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]
आँखों से झरते आंसू ने थमकर पूछा, आखिर सजा क्यों मिली मुझे ख़ुदकुशी की? दिल रो पड़ा पुराना जखम फिर हरा हुआ, कहा, गुनाह उसी ने किया जिस छत से तू गिरा .. ..atr
बर्बादी किसे दिखेगी हमारी जहाँ में मीर , लुटने के बाद ग़म का खज़ाना जो पा लिया .. मुझको तेरी कमी तो सताती ही है मगर , तू दूर जा के खुश है ये सुकून […]
खड़ी है जिंदगी फिर पूछती घर का पता क्या है, मुझे याद नहीं है मीर तू ही जाकर बता क्या है.. बड़ी मुश्किल है बेचारी किधर जाये ख़बर क्या है? कभी वो पूछती है फिर […]
हो गयी मुद्दत तुम्हारे सामने आया ही नहीं , है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं. अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे, है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया […]
मोहब्बत के सवालों से मैं अक्सर अब मुकर जाता , कहीं बातो ही बातों में मैं कुछ कहकर ठहर जाता.. कि तेरा नाम भूले से जबां तक आ गया ग़र तो, तू बदनाम हो जाये […]
अगर तुम बन गयी दीपक तुम्हारी लौ बनूँगा मैं, नदी के शोर में शायद तुम्हारी धुन सुनूंगा मैं. तुम्हारी याद में अक्सर यहाँ आंसू टपक पड़ते, ये मोती है मेरे प्रीतम मगर कब तक गिनूंगा […]
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