Category: शेर-ओ-शायरी

  • “ख्वाहिश” #2Liner-51

    ღღ__ख्वाहिश है इश्क की, और वो भी सुकून के साथ;
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    तुम भी ना साहब, कभी-2 अच्छा मजाक करते हो !!……‪#‎अक्स‬
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  • “यादें” #1Liner-50 ….

    ღღ__दिल तो करता है कभी-2, तेरी यादों को ज़हर दे दूँ साहब;
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    फिर सोंचता हूँ, भला ये भी, कोई उम्र है ख़ुदकुशी करने की!!….‪#‎अक्स‬
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  • इज़हार ए तसव्वुर

     

    इस वीराने में अचानक बहार कहां से आ गयी

    गौर से देखा तो ये महज़ इज़हार ए तसव्वुर था

  • ख़ता दर ख़ता

    ख़ता दर ख़ता

    सोच कर यह ,

    ख़ता दर ख़ता किए जा रहे हम ,

    प्यार में तो वोह मिलने से गए ,

    सजा देने ही शायद जाएँ लौट कर

                                                              …… यूई

  • तेरी यादों के कागज को

    तेरी यादों के कागज को

    तेरी यादों के कागज को ,

      छुपा रखा है ,

      अपनी पलकों से थोड़ा पीछे ,

      कहीँ सालों से बह्ते आँसू ,

      इनको गीला कर ,

      धुँधला ना कर दे I

                                      …… यूई

  • गम-ए-इशक

    गम-ए-इशक

    गमइशक में डूब कोई

           मरीजमोहब्बत ना बच पाया

    रफ्ता रफ्ता सरकती मौत देखी

           यूई ना मर पाया ना जी पाया                            

                                                       …… यूई

  • ” हार बैठा हूँ !” #2 Liner- 49

    ღღ__अक्सर खुद ही खुद से बाज़ियॉं, खेलता रहा साहब;
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    डर तो अब लगता है, जब खुद को हार बैठा हूँ !!…..#अक्स
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  • “अक्स” #2 Liner-48

    ღღ__कशिश आज भी वही है, और शिद्दत भी वही है “साहब”;
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    महज़ ख्वहिशों का तेरी, “अक्स” बदला हुआ सा लगता है!!……#अक्स
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  • मुलाकात

    मुलाकात

          नींद की चाहत तो नही होती ,

          बस इक आस सी रहती है ,

          कम्बख् जाए तो शायद ,

          ख्वाब में ही मुलाकात हो जाए 

                                                      …… यूई

  • कसम ख़ुदा की

    कसम ख़ुदा की

    गर जमाने ने किया होता ,

                 कसम ख़ुदा की, सब कर गुजरते हम I

    अफसोस यह खंजर उन हाथों ने मारा

                 जिनको ताउमर दुआओं में चूमते रहे हम I

                                                                                    …… यूई

  • तेरी एक आवाज़ ने

    तेरी एक आवाज़ ने

    बवंडर तन्हाई और दर्द के भी

    ना गिरा सके एक अश्क जिनमें

    बरसों बाद तेरी एक आवाज़ ने

    क्यों छलका दिए पैमाने उनमें

                                                                            ….. यूई

  • “फर्क” #2Liner-47

    ღღ__आज भी तुमको, झूठ बोलना नहीं आता “साहब”;
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    कि ठीक होने में, और कहने में बहुत फर्क होता है!!……#अक्स
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  • शरारतें की है बहुत जिंदगी में हमने

    शरारतें की है बहुत जिंदगी में हमने
    अब जिंदगी है जो शरारत करती है

  • “सज़ा”#2Liner-46

    ღღ__सज़ा में एक ही लफ्ज़ है, तेरे हर इक गुनाह का मेरे पास;
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    कि तुम इतने मासूम हो साहब, जाओ “माफ” किया तुम्हें!!……‪#‎अक्स‬
    .
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  • “खुशबू” #2Liner-45

    ღღ__मेरे होंठों पे आज भी, कायम है तेरी खुशबू;
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    इनपे भला शराब का, अब असर कहाँ होगा !!…….‪#‎अक्स
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  • sukh aur dukh

    !!!! SAGAR KE DI SE !!!!

    Kisi ko chorne aaya tha
    Aaj shamsaan main

    Dil main khayaal aaya
    Ki khud ko yahi chor jaaun

    Phir se khayal aaya

    Apne sukh ke liye kaise
    apno ko dukh main chor jaaun

    @@ SAGAR @@

  • जिंदगी किसी कहानी से कम नहीं

    अब कलम उठायी है तो कुछ लिख देते है
    वर्ना जिंदगी किसी कहानी से कम नहीं

  • मज़बूरी

    तेरी  तस्वीर  के  आगे  सर  झुका  नही  सकती  बोझिल  पलकेँ  मै  उठा  नही सकती…!!!

    मज़बूरी  का  आलम  ये  कि  इस  बुझती  शम्मा  को  फ़िर  से  मै  जला  नही  सकती…!!!

    रश्मिजैनRJ®


  • जलते है जिसके लिए, करोड़ों आंखो मे दीये

    जलते है जिसके लिए, करोड़ों आंखो मे दीये

    जलते है जिसके लिए, करोड़ों आंखो मे दीये
    जान कुर्बान हर जनम में ऐसे वतन के लिए

  • ” ये तिरंगा “

    हर हिंदुस्तानी की इक ख़ास पहचान , ये तिरंगा ….

    भारत माँ की करता बेनज़ीर शान , ये तिरंगा ….

    सीमा पर तैनात हर जवान में डाल दे जान , ये तिरंगा …..

     

    ” पंकजोम प्रेम “

  • Rasam

    !!!!! SAGAR KI ROOH SE !!!!!

    katra katra behta raha khoon mera
    jinke liye zindagi bhar

    aakhari katra nikalte hi unho ne bas
    jalane ki rasam adaa ki

    @@ SAGAR @@
    23/1/16 :: 9:19 PM

  • Tasveer

    !!!! SAGAR KI ROOH SE !!!!

    bari se bari deh bhi
    ik tasveer ban kar reh jaati hai

    saari zindagi ka safar
    mehaz baatain ban kar rah jaati hai

    haste thay jo log uss shaksh par
    unki aankhen bhi chalakne ko mazboor ho jaati hai

    kitna bhi maayus aur dukhi raha ho wo insaan

    par tasveer main uski muskurahat
    saari duniya par jaise ik vayang kar jaati hai

    bari se bari deh bhi
    ik tasveer ban kar reh jaati hai

    @@ SAGAR @@

  • kuch pal

    !!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!

    chandni raat ke
    jawar bhate ke tarah tha tumhara payar

    bas agle hi din
    saagar ki lehro ke jaise shant ho gaya

    @@ SAGAR @@
    22:1/16 ::3:23 PM..

  • Gair..

    !!!!! SAGAR KE DIL SE !!!!!

    gairon ne tau gair-iradtan kasht diya
    apno ne tau pure iraade se dil tor diya

    gairon ki chaut se tau dard bhi na hua
    apno ki chaut ka dard bardash na hua

    gairon ko gilla karne ka koi fayada nahi
    apno ko humne jaan bhuz gila kiya nahi

    zindagi meri thi…. kismat meri thi
    iss liye humne dosh kisi ko diya nahi

    @@ SAGAR @@
    21/1/16 :: 9:15 PM..

  • “सुकून” #2Liner-44

    ღღ__कब तलक भटकोगे आखिर, महज़ सुकून की तलाश में;
    .
    ये वो शै है “साहब”, जो शायद तेरे नसीब में ही नहीं !!……‪#‎अक्स
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  • “आरजू” #2Liner-44

    ღღ__आरजू मौत की नहीं लेकिन, अब जी के भी क्या करना है;
    .
    ज़िन्दगी जी भर के यूँ जी है, कि अब ‘जी’ भर गया शायद!!…..#अक्स
    .
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  • “मौत” #2Liner-43

    ღღ__मौत को भी आखिर, गुमराह कब तलक करते;
    .
    ज़िन्दगी छोड़ दी हमने, हर लम्हा तुम्हारा करके !!…….‪#‎अक्स‬

  • हमारे जीवन की कविता

    हमारे जीवन की कविता कहानी सी हो गयी है
    चली जा रही है, बिना किसी लय के, बिना किसी तुक के

  • ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी

    ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी;

    जैसे शब्-ए-फुरकत किसी मलाल में गुजरी !!

    .

    जिसमें इश्क़, हो जाता है बे-वजह;

    वो उम्र तो बस, अभी हाल में गुजरी !!

    .

    क्यूँकर हसीन सपने, देख लेती है आँखें;

    हकीक़त तो अक्सर, किसी सवाल में गुजरी !!

    .

    तन्हाईयों की उम्र भी कितनी अजीब है;

    रोज़-ओ-शब् बस एक ही हाल में गुजरी !!…… #अक्स

  • हो गये थे हैरान नैरंगे-नज़र देखकर

    हो गये थे हैरान नैरंगे-नज़र देखकर

    मिल जाता सुकुन ग़र जो इनसे पी लेते कभी

     

  • कुछ मरहम लगा देते है

    सब हर्फ़ों का खेल है इस खलक में
    कुछ जख़्म देते है, कुछ मरहम लगा देते है

  • “नींद” #2Liner-42

    ღღ___हाँ ये सच है की हम जागेंगे, उम्र-भर तन्हा तेरे बगैर;
    .
    मगर नींद तुझको भी नहीं आएगी, किसी और की बाँहों में!!…..#अक्स
    .
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  • aashik

    !!!! SAGAR KE DIL SE !!!!

    Mazzar thi wo ik aashik ki

    Shayad issi liye wahan jaa kar

    Mujhe bahut skoon milta hai

    @@ SAGAR @@

  • be-bas

    !!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!

    kaise kahun tere iss dard ka
    koi illaaz nahi

    kaise kahun teri mohabbat ka
    mere paas jawab nahi

    par phir bhi chor dun tujje marne ke liye
    isske liye main taiyaar nahi

    @@ SAGAR @@
    13/01/16 :: 9:10 .PM

  • Ishq

    !!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!

    Kabhi ishq tha humme bhi
    Mohabbat se

    Ab taras aata hai humme
    Uss ishq pe

    @@ SAGAR @@

  • “खुशनसीब” #2Liner-41

    ღღ___अब ये कैसे कह दूँ “साहब”, कि खुशनसीब नहीं हूँ मैं;
    .
    आखिर एक अरसे से उसको अपना, नसीब कहता रहा हूँ मैं !!….

    #अक्स

  • चार दीवारे और इक छत

    चार दीवारे और इक छत, इत्ता सा था घर मेरा

    चार दीवारे और इक छत, इत्ता सा था घर मेरा
    भूखी जमीन आज उसे भी निगल गयी

  • “ताबीज़” #2Liner-40

    ღღ___कोई ताबीज़ आता हो, तो पहना दो मुझको “साहब”;
    .
    तुम्हारे इश्क़ का जूनून, अब सर से उतर रहा है !!…….‪#‎अक्स‬

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  • कभी वो कुछ कहते है

    कभी वो कुछ कहते है, कभी हम कुछ कहते है
    हमारे रिश्ते चंद लफ़्जों में अक्सर महफ़ूज रहते है

  • “लम्हा” #2Liner-39

    ღღ___मैं हँस रहा था जिस लम्हे में, बस अभी-2 तो गुज़रा है;
    .
    और लोगों से सुना है, गुज़रा हुआ वापस नहीं आता !!……‪#‎अक्स‬

    .

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  • wo humhein begaana keh kr chale gaye huzoor…..

    hum pagal hi to the janaab,

    jo unhe apna samjhne ki bhool kar gaye…..

    wo humhein begaana keh kr chale gaye huzoor,

    anchaha dard diya humein,

    magar ye kya!

    hum to use bhi khushi khushi qubool kar gaye…

  • “ख्याल” #2Liner-38

    ღღ__तुमने रोका है इनको “साहब”, या हम भूलने लगे हैं अब;
    .
    कि अब ख्याल भी तेरे, हमसे मिलने नहीं आते !!………‪#‎अक्स‬

  • “गम” #2Liner-37

    ღღ___कुछ इस तरह से आकर, गम लिपट रहे हैं मुझसे;
    .
    कि जैसे हर एक दरिया, समन्दर से जाके मिलता है!!……‪#‎अक्स‬

  • falsfaa-e-zindagi

    !!!! SAGAR KE DIL SE !!!!

    EK dil hi tau tha
    Jisse samaj na paaya koi

    Ek ehsaas hi tau tha
    Jisse mahsoos na kar paaya koi

    Ek insaan hi tau tha
    Jisse apnaa na paaya koi

    Ghut ghut kar mar gaya wo
    Usse bachha na paaya koi

    Yahi falsaffa hai zindagi ka

    @@ SAGAR @@

  • “गुमराह ” #2Liner-36

    ღღ__ज़रा देखो तो निकल के “साहब”, अब तक वो आए क्यूँ नहीं;
    .
    कहीं ऐसा तो नहीं रस्तों नें, उन्हें गुमराह कर दिया !!……..‪#‎अक्स‬

  • वो जो गुजर गये यूं मुंह फ़ेरकर

    वो जो गुजर गये यूं मुंह फ़ेरकर
    उतरा उतरा रहता है तब से मुंह मेरा
    कयामत थी या क्या थी वो
    मिलकर उससे मजरूह हो गया दिल मेरा..

    [मजरूह – जख्मी]
  • “निगाह-ए-इश्क़” #2Liner-35

    ღღ__अक्सर भीग उठती हैं “साहब”, पलकें तेरी नज़र-अन्दाज़ी से;
    .
    निगाह-ए-इश्क़ पे कोई फ़र्क, ज़माने का नहीं पड़ता !!………‪#‎अक्स‬

  • Dhaffan

    !!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!

    Dhaffan ho gaya ik rishta

    Bahut dard samete hue

    Bina kisi awaaz kisi kraah ke

    na tum samaj paaye na main

    @@ SAGAR @@
    4/1/16 :: 9:33 PM .

  • zindgi meri fir se khilkhilaane lagi….

    dukh mere dekh kr,

    ab khushiyan bhi jholi mein aane lagi….

    khaamoshi k baad,

    main fir se gungunaane lagi….

    or dekh kr saahas mera,

    zindgi meri fir se khilkhilaane lagi….

    asar itna h ‘huzoor’ ki,

    murjhaaye phool se bhi mujhe uski sugndh aane lagi….

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