महफ़िल – ए – यारोँ में , थोड़ा अलग दिखा देते हैँ ….. मुझे , मेरे अल्फ़ाज …… फितरत बता देते हैं , मेरी …. मेरे अल्फ़ाज ….. मैं इंसान हूँ तो जायज़ हैं , […]
महफ़िल – ए – यारोँ में , थोड़ा अलग दिखा देते हैँ ….. मुझे , मेरे अल्फ़ाज …… फितरत बता देते हैं , मेरी …. मेरे अल्फ़ाज ….. मैं इंसान हूँ तो जायज़ हैं , […]
ღღ__शायद ये आँखें मूँद लेने का, सही वक़्त है “साहब”; . कि रोज़ ख्वाहिशों का मरना, हमसे अब देखा नहीं जाता !!……#अक्स . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/
ये सर्दियों का मौसम, और ये तन्हाईयों का आलम; . कहीं जान ही ना ले-ले, इनसे मिलके बेबसी मेरी !!……#अक्स . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/
तलब ऐसी उठी दिल से….. की उन्हीं के तलबगार हो गए…. जमाने की जुबां पर …. किस्से हमारी मुलाकातों के बार – बार हो गए…. पता कर चुके थे , हैँ उनकी तरकश में इक […]
ღღ__इस कदर भी याद, ना आया करो “साहब”; . मेरी खुशियों की नींद में, खलल पड़ता है !!…….#अक्स . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/
ღღ___तुझको पाने की कोशिश भी, तू जो कह दे तो ना करूँ; . पर पाने की आरजू रखना, तो कोई गुनाह नहीं !!………#अक्स
Jb mile the tumse, to socha tumhe kbhi khone nahi deinge…. Dheere dheere Jana tumhe, fir soch Nek Ho tu…. Jb dekha guroor tumhara, to faisla kiya tujh jaise ko kbhi jindgi me aane nhi […]
ღღ__कुछ इस तरह से लिक्खा है, उस ख़ुदा ने मेरा नसीब; . कि मैं तो सबका हो जाऊंगा “साहब”, कोई मेरा नहीं होगा !!…….#अक्स
साँसे चल रही हैँ , बिन उसके.. आने वाला , जीने में मज़ा क्या… चाह लिया उसे , उसकी इजाज़त के बगैर ….. इसमें किया गुनाह क्या …. मोहब्त हैं उनसे , तभी मांगती हैं […]
थोड़ा मायूस हूँ , थोड़ा तन्हा हूँ .. कोई राह – ए – ख़ुशी बता दो…. ख़ुद की ख़ामोशी देख , ख़ामोश क़ायनात भी दिख रही हैँ ….. कोई मुस्कुराना सीखा दो …. बे – […]
चुनौती ज़िन्दगी का, कहता हैं, हूँ मैं हर मोड पर, लेकिन हम भी कुछ कम नहीं, इन्हीं चुनौतियों के सात जीना सीख लिया हैं, की कभी कबार लगता हैं की इनके बिना ज़िन्दगी अधूरी हैं. […]
कफ़स दिल में कुछ जज़्बात .. आबो संग बीता जाता हूँ , ” मैँ “….. पुष्प हूँ , खिलनें के लिए बना हूँ …. फ़िर भी ना जाने क्यों , मुरझा जाता हूँ , […]
ज़रा इक निग़ाह डाल देखों सावन पर ” पंकजोम ” प्रेम ” ” …. ख़ामोश अल्फ़ाज़ मेरे ,सबसे बतियाते बतियाते दिखेंगे ….. पंकजोम ” प्रेम “
उसने कहा बहुत अमीर हूँ ” मैं ” , दिल से…. लेकिन चाहत का इक भी टका , वो मुझ पर खर्च ना कर सकी..
अपनी पूरी कमाई तूने मय पर लूटा दी….. ए – ग़ालिब…. जरा मुझे ये बता… उस दो घूंट में , जिंदगी जीने का स्वाद कितना है…. पंकजोम ” प्रेम “
ღღ__वो तो लालच है उनके ख्वाबों का, जो हमें सुला देता है “साहब”; . वरना नींदें तो उनकी यादों ने, एक अरसे से उड़ा रक्खी हैं !!…….#अक्स
m kb tanha hui “jnab” meri to masrufiyat hi tumse h???
rojj mera katal hota h roj m smbhal jati hu.. jiddi tum bhut ho.. jiddi km hum b nhi
कुछ ऐसा लिखूँ , की पढ़ने वाले को लगे … मेरा एक – एक अल्फ़ाज , गहरा हैँ … खों जाये वो मेरे अल्फाज़ो की महफ़िल में .. लगे उसे , मानो आज वक़्त , ठहरा हैं.. यादगार हों जाये उसके लिए , मेरी हर इक सुखनवरी …. एहसास हो , जैसे….. रौनक के पहरे से रोशन उसका , चेहरा हैं .. पंकजोम ” प्रेम “
दिल बेचैन हुआ , तो उसके दीदार का दिया दिलासा हैं ….. जाने वाले कल चले गए , लेकिन आज भी उनके लौट आने की …. छोटी सी आशा हैं ….. अब कोई तो बने सुराही – ए – मोहब्त …. क्योंकि ये सुख़नवर बहुत , प्यासा हैं …. पंकजोम ” प्रेम “
वक़्त लगता हैं यहाँ , इंसान को इंसान समझने में ……. वक़्त लगता हैं यहाँ , पत्थर को भगवान समझने में …… आधी उम्र बीत जाती हैँ सोचने सोचने में .. क्योंकि वक़्त लगता हैं यहाँ , जीने के अरमान समझने में ….. पंकजोम ” प्रेम “
ღღ__हमको सताने के मौके, वो छोड़ते नहीं हैं “साहब”; . कल ख़्वाब में भी आए, तो अजनबी बनकर !!…….#अक्स . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/
Na hum barbaad hue, Na hum aabad hue Jane kaise “janbaaj” hue???
मैं अल्फ़ाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ, मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ, कब पूछा मैने की क्यूं दूर हो मुझसे, मैं दिल रखता हूँ तेरे हलात समझता हूँ…!
ये अल्फाज़ , अल्फ़ाज़ ही नहीं , दिल की ज़ुबानी हैं ….. इन्होंने ज़न्नत को , जो जमीं पर लाने की ठानी हैं … साथ देने को कई मरतबा भीग जाती हैं पलकें ….. समझों तो यही मोहब्त हैँ , ना समझों तो पानी हैं….. पंकजोम ” प्रेम “
“इन्तजार” ! बहुत ‘मतलबी’ लफ्ज़ है ना ‘साहब’ ?? ღღ__रख लो तो अमानत, दे-दो तो इक ज़मानत; . ღღ__चाहो तो मोहब्बत, सोचो तो सिर्फ नफ़रत, काट तो दो तो इक उम्र, और जी लो तो […]
कल मैंने अपनी प्रेमिका के उतर दिल में , चाहत का ज़खीरा देखा ….. अपने जिल्ले – सुभानी के इंतजार में , उस चाँद का मायूस चेहरा देखा .. स्वागत में उसने आब संग बिछा दी पलकें , मैंने हर इक आब पर नाम , मेरा देखा … पंकजोम ” प्रेम ”
ღღ___ज़िन्दगी तो कटती जा रही है “साहब”, इन्तजार की कैंची से; . और सिलसिला-ए-इन्तजार है, कि कटता ही नहीं कभी !!…….#अक्स
अनकही बातों तो समझते आये थे अबतक उन्होने आज जो कहा समझ नहीं आया
Hum aaj bhi khulii aankhon se sapne dekhte hai… Band aankh rakh kr aksar insaan peeche reh jaaya krte hai… Or aankh kholte hi dikhne wale sapne toot jaaya krte hai…
कुछ इस तरह ख्याल उसका, मेरी डायरी में क़ैद रहता है; . ღღ___जैसे मेरा वजूद, मेरी शायरी में क़ैद रहता है !!…….#अक्स
Sath rhna humare or b raasta sikhayeinge… Dosti ki apni daastan sbko sunayeinge… Pyaar na kr sake to kya hua, dostii k hr उसूल teh-e-dil se nibhayeinge…
क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने, जब माँगा हमसे ज़िन्दगी का हिसाब; . ღღ__ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने!!……#अक्स
Ek ladki uski aankhon Ki deewani hai… Pr kya itnii si uske Prem kahaani hai…
मेरे माधव ही नहीं आप सब … राह – ए – क़ामयाबी में , मेरी तरह एक मुसाफ़िर भी हो …. भरने फ़लक – ए – क़ामयाबी पर ऊंची उड़ान …… मेरे संग उड़ने वाले […]
देखकर उसकी मुस्कान , ख़ुशी से भर जाता हूँ , मैं ….. उसकी एक झलक पाने …. कुछ भी कर जाता हूँ , मैं….. वो क्या जानें , मेरा हाल – ए – दिल .. […]
दिल जब कश्ती – ए – मोहब्त पर सवार होता हैँ….. तब उनसे मुलाकात करने को दिल बेक़रार होता है…. दीदार कर उस अप्सरा का , मैंने भी मान लिया … ” एक नज़र में […]
नदी को भी अकेले चलने का गम सताता है…. इसलिए सागर से मिलकर वह खुशी में बदल जाता है ….
Panchii hu Main ek , magar apne par ki mujhe khabar nahii… Khwaaishein puri krne ki tamanna jagii h bilkul nayi nayi, ki itnezaar krne ka mujhme baaki ab sabar nahii… मौत Ki neend Sulaane […]
Pyaar kya hota hai hum nhi jaante… Par zindgi ko apna hum bilkul hai maante… Zindgi me mile h itne gum ki eshaas nhi hota… Isliye ab koi pyaar kare humse ye vishwaas nhi hota…
उनकी सुनते सुनते हमारी उम्र निकल गयी हमारे दिल की न सुनी उन्होने एक भी बार
ღღ___कल मेरी ख़ामोशी का उसकी यादों से, झगड़ा हो गया “साहब”; . और शोर इतना हुआ दिल में, कि नींद जागती ही रात भर !!…..#अक्स
जब दर्द हुआ मेरे सीने में …. तो चुपके से दिल ने कहा ….. ए – सुख़नवर … ” आज थोड़ी तकलीफ़ हो रही हैँ , जीने में “…. पंकजोम ” प्रेम “
_________ लफ़्जों का सहारा बहुत लिया जिंदगीभर मैनें कभी कोई कंधा भी मिल जाता तो क्या बात होती – अंजली _________
meri zindgi se ek jang c chiddi h.. m muskura leti hu.. or wo rulane pe adi h.. meri zindgi se ek jang c chiddi h.
MOhabbat k khanjar se is kadar kta h wo shaks jisne judna b chaha to judd na paya…
Bhulae nhi bhulte ho tum ab tumhari trh tumhari yaade b ziddi h
ek dost ne muje ek dost gift ki boli jo tum muje na keh ski tu ise bta skegi…
Ruko or thoda wakt bitao kuch apne sath kuch apno k sath..
log muje dfna rhe the or wo ankho me anshu la rhe the jo zindgi bhr brse mere hi ankho se aab wo uski ankho se behne me katra rhe the
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