मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए! दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए! झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह, मुझको यादों का वही शहर चाहिए! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए! दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए! झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह, मुझको यादों का वही शहर चाहिए! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैं कैसे कहूँ कि तेरा दीवाना नहीं रहा? मैं कैसे कहूँ कि तेरा परवाना नहीं रहा? मुझे खींचती है मधुशाला तेरे नयनों की, मैं कैसे कहूँ कि आशिके-पैमाना नहीं रहा? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
बंद होकर भी आँखें कुछ बोल जाती हैं! राह तमन्नाओं की कुछ खोल जाती हैं! रोशनी जल जाती है यादों की शक्ल में, दर्द की लहरें जेहन में डोल जाती हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मेरी शामें-तन्हाई न खाली जाएगी! मेरी जुबां पे फिर से आह डाली जाएगी! सोहबत बुरी है मेरी दिलजलों से साकी, मयखानों से गम की राह निकाली जाएगी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुम मेरी जिन्दगी से यादों को ले लो! तुम मेरे दर्द की फरियादों को ले लो! मैं कब तलक सहता रहूँ आहे-तमन्ना? तुम मेरे ख्यालों से इरादों को ले लो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
सोचता हूँ आज तुमसे मुलाकात कर लूँ! रात की तन्हाई में तुमसे बात कर लूँ! तेज कर लो तुम फिर से तीर-ए-नज़र को, जख्मों को सह लेने की करामात कर लूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
He did not raise his hands He did not push me back He did not come closer to me He did not touch my body Trust me, He did nothing abusive- Physically Yet, he managed […]
Walk around Walk onto all the corners of round Life is beautiful Just don’t bother who’s around Don’t think of beauty Instead, see the beauty Life will bring you everything Or it’s already given to […]
मेरी जिंदगी गमों से डर पाएगी क्या? दिल में ख्वाहिश गैऱ की कर पाएगी क्या? सब्र अभी जिन्दा है जख्मों को सहने का, वस्ल से पहले तमन्ना मर पाएगी क्या? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी! तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी! रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम, तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
‘गीत विधा ‘के लिए समर्पित मध्यप्रदेश की साहित्यिक, साँस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था “सृजक संसद ” के तत्वावधान में ,आयोजित काव्योत्सव में सुप्रतिष्ठित गीतकार जानकी प्रसाद विवश का हिंदी साहित्य में गीत विधा मे विशेष योगदान […]
तेरी यादों के कदम रुकते नहीं कभी! तेरी जुल्फों के सितम रुकते नहीं कभी! रोशनी उम्मीदों की जलती है हरदम, तेरी चाहत के वहम रुकते नहीं कभी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
Jo hai, usi me khud rhe Diwane…. Jo hai,. usi me khud rhe Diwane. Yha to Asma k pas bhi zmi nhi….
मैं जब कभी शाम की तन्हाइयों में चलता हूँ! मैं अपने ख्यालों की खामोशियों में ढलता हूँ! जब जिंदगी जलती है हालात की ज्वाला से, मैं वक्त की दीवारों पर बर्फ सा पिघलता हूँ! मुक्तककार- […]
तेरे आ जाने से फिर बहार आ गयी है! हरतरफ तेरी खुशबू खुशगवार आ गयी है! वीरान था आलम मेरी तमन्नाओं का, मेरी जिन्दगी फिर से एक बार आ गयी है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
हमें आप जब कभी याद आने लगते हैं! हमें दर्द ख्वाहिशों के सताने लगते हैं! यूँ पास आ जाते हो मेरी निगाहों में, हमें ख्वाब गुफ्तगूं के जलाने लगते हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
कौन है किसी का हमदर्द इस जमाने में? कैद ख्वाहिशें हैं हालात के तहखाने में! किसी को कहीं खौफ है हर वक्त उजालों से, कोई मश़गूल है ख्वाबों को जलाने में! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
हर घड़ी तेरा तलबगार हूँ कबसे! तेरे इश्क में गिरफ्तार हूँ कबसे! अब कोई खौफ नहीं है अंजाम का, वक्ते-सितम के लिए तैयार हूँ कबसे! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
शायद मेरे गम की कभी रात आखिरी हो! मेरी तन्हाई से मुलाकात आखिरी हो! यूँ कबतलक चुभती रहेगी तेरी जुस्तजू? तेरी यादों से कभी तो बात आखिरी हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
सितम के दौर में सभी यार भूल जाते हैं! राह-ए-वफा को वफादार भूल जाते हैं! जब करवटें लेती है तस्वीर-ए-जिंदगी, उम्र भर किसी का इंतजार भूल जाते हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी नजर में कबसे प्यार सा कुछ है! तेरी अदाओं में इजहार सा कुछ है! हर वक्त ढूंढती हैं किसी को करवटें, तेरी बाँहों को इंतजार सा कुछ है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैं अपने सितमगर को सता कर आया हूँ! मैं आज उनको बेवफा बता कर आया हूँ! जख्मों को भूल जाना बहुत मुश्किल है मगर, मैं रास्ता मयखाने का पता कर आया हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
हर किसी के दिल में किसी की आस है! जिंदगी में हर पल किसी की प्यास है! क्यों चाँद रहता है मगर तन्हाई में? जब चाँदनी की रोशनी उसके पास है! रचनाकार- #मिथिलेश_राय
जिसतरह फूलों को मुस्कुराहट ढूंढ लेती है! मुझको तेरी यादों की आहट ढूंढ लेती है! जब घेरती हैं नजरों को तस्वीरें दर्द की, मुझको मयकशी की सुगबुगाहट ढूंढ लेती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
एक नज़र चाह कर भी मिलाने को तैयार नहीं, ज़िन्दगी एक पल भी सर उठाने को तैयार नहीं, नोच खाने को बैठी है एक ज़िन्दगी ज़िन्दगी को कैसे, क्यों एक लम्हा भी कोई ठहर जाने […]
काश मैंने तुमको पहचान लिया होता! तेरी बेवफाई को जान लिया होता! यूँ बेवसी न मिलती कभी तन्हाई की, तेरी अदा को दिल्लगी मान लिया होता! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरे दिल की बात बदल न जाए कहीं! वक्ते-मुलाकात निकल न जाए कहीं! कब तक करूँ यकीन तेरे प्यार पर? तन्हाई में रात ढल न जाए कहीं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरे दिल की बात बदल न जाए कहीं! वक्ते-मुलाकात निकल न जाए कहीं! कब तक करूँ यकीन तेरे प्यार पर? तन्हाई में रात ढल न जाए कहीं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुमने स्वीकार किया ना किया.. मैने तो अपना मान लिया ! प्रिय मन में मुझे बसाना था.. तुम भ्रांति ह्रदय में बसा बैठी !! ~~~ प्रिय स्नेह निमन्त्रण दिया तुम्हे.. तुमने क्यूँ उसको टाल दिया […]
तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ! शामो-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ! ख़ुद को खो चुका हूँ इतना तेरे प्यार में, नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
India is a country an cleanliness is a mentality , so when our mentality will take a side of cleanliness than our india will become the real india
जब कोई जिन्दगी मजबूर हो जाती है! राह मुश्किलों की मग़रूर हो जाती है! मंजिल निगाहों में करीब होती है मगर, तकदीर उम्मीदों से दूर हो जाती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरे लिए ख़ुद को भुलाता रहा हूँ मैं! अश्कों को पलक से बहाता रहा हूँ मैं! जब भी हुई है मेरी शामे–तन्हाई, चाहत की आग को जलाता रहा हूँ मैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी जुबां पर मेरा नाम कब आएगा? तेरी मुहब्बत का पैगाम कब आएगा? धधकी हुई चाहत है कबसे सीने में, शर्माती आँखों का सलाम कब आएगा? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी जुबां पर मेरा नाम कब आएगा? तेरी मुहब्बत का पैगाम कब आएगा? धधकी हुई चाहत है कबसे सीने में, शर्माती आँखों का सलाम कब आएगा? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी याद जब कभी कहानी आती है! तेरे जख्म की नजर निशानी आती है! किस्तों में रात चुभती है तन्हाई की, करवटों में दर्द की रवानी आती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो! तुम मेरी नींद को उड़ा कर चली जाती हो! आँखों में ठहर जाता है हुस्न का जादू, तुम मेरी प्यास को जगा कर चली जाती हो! मुक्तककार- […]
प्यारे मित्रो सुप्रभात अभिवादन , सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें…. आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश “**आपकी खामोशियाँ “** ************* आपकी खामोशियाँ भी , हर घड़ी हैं बोलतीं , मौन रहकर भी , हृदय के ,भेद सारे […]
प्राण से ज्यादा,मित्र हो प्यारे , इस. नश्वर संसार में । तीर्थ राज संगम स्थित है , प्रिय मित्रों के प्यार में । व्यर्थ सभी तीर्थटन होते , बिना मित्रता-तीरथ के । सत्कर्मों के फल […]
कभी जिंदगी में चाहत मर नहीं पाती! कभी दौरे–मुश्किलों से डर नहीं पाती! हर वक्त नाकामी का खौफ़ है लेकिन, कभी आरजू ख्याल से मुकर नहीं पाती! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मुझे मेरी तन्हाई कहीं मार न डाले! मुझे तेरी रुसवाई कहीं मार न डाले! हरतरफ नजरों में है यादों का समन्दर, मुझे तेरी परछाई कहीं मार न डाले! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैं तेरी मुहब्बत को पाना चाहता हूँ! मैं तेरी निगाहों में आना चाहता हूँ! दीवानगी मचल रही है तेरी जिगर में, मैं तुमको जिन्दगी में लाना चाहता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैं तेरे दर्द को ईनाम समझ लेता हूँ! मैं तेरी याद को पैगाम समझ लेता हूँ! ढूढता हूँ जब भी मदहोशी पैमानों की, मैं तेरी अदाओं को जाम समझ लेता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुम कभी दिल से न रिश्ता तोड़ देना! तुम कभी तन्हा न मुझको छोड़ देना! मुश्किल है अब तुम बिन मेरी जिन्दगी, #राहे_दर्द पर न मुझको मोड़ देना! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मैं तेरा कबतलक इंतजार करता रहूँ? तेरी आरजू को बेकरार करता रहूँ? थक गयी हैं कोशिशें मेरी उम्मीदों की, मैं तेरे प्यार पर ऐतबार करता रहूँ? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
Chahe ek lack log mil k, Mera bura soche, Bs ek tere acha sochne se, Sbki har ho jati hai..!!! #devil
जब कभी तुम मेरी यादों में आते हो! धूप सा ख्यालों को हरबार जलाते हो! घुल जाती हैं साँसें चाहत के रंग में, चाँद की शकल में सामने आ जाते हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
जब कभी तुम मेरी यादों में आते हो! धूप सा ख्यालों को हरबार जलाते हो! घुल जाती हैं साँसें चाहत के रंग में, चाँद की शकल में सामने आ जाते हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
हर शख्स जमाने में बदल जाता है! वक्त की तस्वीरों में ढल जाता है! उम्मीद मंजिलों की होती है मगर, गमों की आग से ख्वाब जल जाता है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
“* सुवह को नमन “* **********प्यार के गीत गाती ,वसंती सुवह को नमन ।गंध बिखरा रही है ,सुगंधी मित्रता का चमन ।जानकी प्रसाद विवशपरम प्रिय मित्रो ,प्यार की लाली बिखेरतेमधुर प्रभात का प्यार भरा अभिवादनसपरिवारसहर्ष […]
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