मेरे जीवन की पुस्तक को है पढ़ पाना बड़ा मुश्किल , कि इसमें दुःख है पीड़ा है सुख पाना बड़ा मुश्किल . ये पुस्तक आज भी यूँ मीर स्वर्णिम ही रही होती , तुझे पाना […]

मुझे अब भी हवाओं में तुम्हे सुनने की आदत है , मुझे अब भी निशाओं में तुम्हे चुनने की आदत है .. मैं अब भी फ़िज़ाओं में तुम्हे महसूस करता हूँ , मुझे अब भी […]

चन्दन मेरा वजूद है लिपटे हुए हैं सांप , बेबस की ये दवा है क्या मीर किया जाये …. गुलजार करने आया था वो बागबान मानिंद , गुलसन उजाड़ कर फिर वो मीर चल दिया […]

दबी जबान में चलो आज बात हो जाये , आँखों ही आँखों में अब मुलाकात हो जाये जज्बातों में अब आबरू बची भी रहे , चलो फिर आज दिल से दिल की बात हो जाये […]

आज फिर याद में उनके आँशू बहे ,वो सलामत रहे ,हम रहें न रहें . अब तो दिन रात रहती है आँखे सज़ल ,अब तो कटती है राते यूँ सुनकर ग़ज़ल .है यही आरज़ू ये […]