उठाई थी कलम कुछ अनसुलझे सवाल लिखने के लिए। अपने दिल के ज़ज्बात ना जाने कब लिखने लगी। लोग कहते हैं कि मैं बहुत अच्छा लिखने लगी। बस जितनी तकलीफें मिलती रहीं तुझसे, “मेरी कलम […]

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई योग गीत – करो निरोग काया | ये योग साधना की है अजीब माया | कभी बचाए कोरोना कभी करे निरोग काया | कपालभाती और प्राणायाम […]

कविता- हमारा अभिमान | नहीं बिकेगा देश मे चीन का सामान | रहेगा हमारा समान हमारा अभिमान | लेकर धन हमसे हमे आँख दिखाता | घुसकर जमाईं हमारी हमे धमकाता | बनेगा आत्मनिर्भर हमारा हिनूस्तान […]

1971 में जब इन्दिरा गाँधी जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किये थे। तब चीन मुँह ताकता रह गया था। उफ़ तक ना निकली थी मुँह से और अमेरिका, रूस जैसे देश चूँ तक ना […]

क्यूँ आज सूरज हो गया निस्तेज वह पहले जैसी बात नहीं। हवा भी चल रही है मद्धम-मद्धम उसमें भी पहले जैसी बात नहीं। न जाने क्यों बेरुखी कर रहे हैं सब मौसम के साथ कोई […]

विपक्ष की गंदी राजनीति, हक से बेशक करो। सैन्य बल कि शौर्यता पर, नाहक ना शक करो। जो तुम निशस्त्र वीरों को ज्ञान बाँट रहे। तुम्हारे पूर्वजों का बोया ही वह काट रहे। हाथ अब […]

जिनके नाम से दुश्मन थर थर कांपा करते है बलिदान हुए वीर जवानो को हम सब नमन करते है ये सच्चे देश भक्त है ऐसे नहीं जायेंगे दुश्मनो को अपनी रूह से भी हराएंगे देश […]

ये भाग- दौड़ के किस्से अजीब होते हैं, सबके अपने उद्देश्य और औचित्य होते हैं। कभी शिक्षा कभी जीवन की नव आशा में, सिर्फ बेटियाँ ही नहीं, बेटे भी घर छोड़ते हैं। जीवन में सबके […]

ना जाने कब नींद से जागी आँखें? रात भर रोकर सूजी हैं कितनी आँखें। बिता तो लेंगे हम ज़िन्दगी तेरे बगैर भी पर तुझे देखकर ज़िंदा हैं ये मेरी आँखें।

तेरे बिन जिंदगी कैसे बताऊंगी तू तो दूर चला गया पर मैं दूर कैसे जाऊंगी। मेरी हर सांस की अमानत हो तुम समझ नहीं आता तुझ बिन कैसे जी पाऊंगी।

किसी की कद्र करनी है तो जीते जी कीजिए जाने के बाद तो हर कोई दुःख जता देता है. जब इंसान जीवित रहता है और किसी दूसरे से कोई उम्मीद करता है तो उसे कोई […]

चीन केर मोबाइल नञ कीनबय पिया सुनु देशक कसम। टी वी नञ लेबय सी डी नञ लेबय नञ लेबय चाइनीज़ झमकौआ। घड़ी नञ चाही केमरा नञ चाही नञ चाही सजावट कें चीज चमकौआ। देशक त्यौहार […]

चुप हो जा मेरी माता बीच तिरंगे तेरा लाल सो रहा। भारत माँ का रक्षक थककर चैन की नींद सो रहा।। सपने में भारत माँ संग खुशियों की खेती है बो रहा।

जिस तरह अंग्रजों के सामान को और उन्हें बहिष्कृत किया था। उसी प्रकार चीनी सामान को अपने जीवन से दूर करो। और आत्मनिर्भर बनो। अपनी दैनिक आवश्यकताओं का सामान खुद ही देश में बनाओ।

कलम की लड़ाई आज हम भी करेंगे। जनताओं में चेतना सैनिकों में साहस देश भक्ति का भाव आज सबमें भरेंगे। कलम की लड़ाई आज हम भी करेंगे।। कलम की आंसू आज शोला बनेंगे। दुश्मनों के […]

कब कोई सिपाही ज़ंग चाहता है। वो भी परिवार का संग चाहता है। पर बात हो वतन के हिफाजत की, न्यौछावर, अंग-प्रत्यंग चाहता है। पहल हमने कभी की नहीं लेकिन, समझाना, उन्हीं के ढंग चाहता […]

शहीदों की सूची में पंजाबियों का नाम है अव्वल। आज भी चार सिंघों ने देकर शहादत काम किया है अव्वल।। प्रणाम करो ऐ ‘विनयचंद ‘ बार बार बन हम्बल।

ए रवि, शरहद पे शहीद होने वाले । थे वे सभी , वतन के रखवाले।। हिन्दुस्तान , क्यों न नाज़ करे। जब सपूत ही निकले, वतन के मतवाले।। दिल्लगी करना, हमने सिखा ही कहाँ । […]

सैनिक के शव से बोली उसकी पत्नी:- माँग सूनी रह गई क्यूँ तूने छुड़ा लिया दामन? अभी-अभी तो रूह जुड़ी थी। क्यूँ तूने छुड़ा लिया दामन? अभी-अभी तो साथ चले थे। क्यूँ तूने छुड़ा लिया […]

भारत माँ की खातिर कितनी माताओं की कोख उजड़ी। भारत माँ विपदा में पड़ी। हर गली में पसरा सन्नाटा हर चौखट सूनी पड़ी। भारत माँ विपदा में पड़ी। किस किस को खोकर रोये धरती यही […]

एक सैनिक ऐसा भी होगा! जिसनें प्रेम किया होगा अपने प्रेम का इजहार किया होगा! जब आया होगा छुट्टी पर तो यह वादा किया होगा। अगली बार जब आऊँगा तुझको ही प्रिया बनाऊँगा । इस […]

कितना कष्ट होता है जब एक सैनिक शहीद होता है । पूरा देश रोता है । हर गली रुदन करती है । एक अशांत-सी पीड़ा मन में घर करती है । रोती है धरती जब […]

हाय कितनों ने जान गँवाई! उस चीन ने जमीन के टुकड़े की खातिर कर दी नीच-सी हरकत । खुद मरा और मेरे प्यारे देशभक्त सैनिकों ने भी वीरगति पाई । हाय कितनों ने जान गँवाई!

आप एक बार अपने नियमों में बदलाव कीजिये । दुश्मन पर वार करने का फैसला, सेना के विवेक पर छोड़िए। उसे पाकिस्तान की तरह आजाद कर दीजिये। 🙏🙏🙏आपसे अनुरोध है इसमें राजनीति मत कीजिये।

अपनी राजनीति को सुरक्षाबल से दूर रखो राजनीति हर जगह करो पर सैनिकों को इससे दूर रखो। जब हमारी सेना राजनीति से दूरियाँ बनाये तो भारत सरकार तुम भी अपने कदमों को सेना से दूर […]

क्यूँ नहीं देती है सरकार सैनिकों को दुश्मन को सीधे गोली मारने की आजादी? वो बस राह देखते हैं आदेश की और खाते रहते हैं सीने पर गोली। उनकी शहादत पर हम कब तक बहायें […]

जिनके नाम से दुश्मन थर थर कांपा करते है बलिदान हुए वीर जवानो को हम सब नमन करते है ये सच्चे देश भक्त है ऐसे नहीं जायेंगे दुश्मनो को अपनी रूह से भी हराएंगे देश […]

यह कैसे अच्छे दिन आए हैं? एक तरफ कोरोना मानव को निगलने पर तैयार खड़ा है। दूसरी ओर सीमा पार दुश्मन खड़ा है। इस महामारी को देखकर भी, चीन का पेट नहीं भरा है। इसीलिए […]

विनयचंद यूँ रो रो कर कितने को श्रद्धांजलि दोगे। आँसू कम पड़ जाऐंगे तेरे आखिर कितना रोओगे।। सभी शहीदों के खातिर अब अपना शीश झुकाता हूँ। एक जन्म क्या हर जन्मों में आभार तेरा फरमाता […]

सिंहभूमि के सिंह थे तुम गणेश हंसदा भैया। तेरी शहादत अमर रहेगी सदा सर्वदा भैया।। सम्मान सहित ये ‘विनयचंद ‘ प्रणाम करेगा सदा सदा। साहित्य कलम से करता हूँ बिहार केसरी तुम्हें अदा। 🌹

कर रहा नमस्कार तुम्हें बारम्बार आज सारा बिहार। तेरे बलिदान को देश के गुमान को भैया सुनील कुमार। ‘विनयचंद ‘का प्रणाम अश्रु बूंद का इनाम तुझ पर सब न्योछार। 🌹

शहीद कुन्दन ओझा तुम शहीद हो गए। सारे भारत में देशभक्ति के बीज बो गए।। सारे झारखंड संग बिहार भी सलाम कर रहा। ‘विनयचंद ‘ऐसे ब्राह्मण पूत पर गुमान कर रहा।। कुन्दन ओझा का बलिदान […]