किस्मत से डरी हुई हूँ मैं ज़िन्दगी के भंवर में फंसी हुई हूँ मैं …. तेरी स्मृतियों की दासी हूँ हालतों की दुविधा से सहमी हुई हूँ मैं ….. गमों की आंधियों ने झकझोर दिया […]
किस्मत से डरी हुई हूँ मैं ज़िन्दगी के भंवर में फंसी हुई हूँ मैं …. तेरी स्मृतियों की दासी हूँ हालतों की दुविधा से सहमी हुई हूँ मैं ….. गमों की आंधियों ने झकझोर दिया […]
🌴🌴दरख्तों सी है ज़िन्दगी अपनी🌴🌴 कभी हर साख पर हैं पत्तियां टूटती….लहराती…. और मिट्टी में मिल जाती…. कभी हर शाख पर गुल खिलता है कभी दरख्ता वीरान सा नज़र आता है जिसकी हर एक शाख […]
बदरी घिरि आई ए हो पिया! रिमझिम बरसत छम से बदरिया
🌴🌴दरख्तों सी है ज़िन्दगी अपनी🌴🌴 कभी हर साख पर हैं पत्तियां टूटती….लहराती…. और मिट्टी में मिल जाती…. 🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂 कभी हर शाख पर गुल खिलता है कभी हर शाख वीरान सी नज़र आती है जिसकी हर […]
वक्त वक्त देख वक्त का पता ना चलिया है जब चले पता तब तक वक्त निकलया है सोच सोच के राह का पता न चलिया है जब चले पता तब तक मंज़िल छुटिया है क्रोध […]
तुम्हारी हर एक बात सही है…. वक्त का पता तो चलता ही नहीं है अपनों के साथ, पर अपनों का पता चल जाता है वक्त के साथ। मगर ए हमदम! अपनों के प्रति ऐसी संवेदनाएं […]
गजल – फूल मुरझा नहीं सकता | काफिया – अझा ,रदीफ़ – नहीं सकता बहर- हजज मुसझन सालिम अरकान – मुफाइलून मुफाइलून मुफाइलून मुफाइलून 1222 1222 1222 1222 ये मत समझो खिला जो फूल मुरझा […]
भोजपुरी गीत- देशवा बढ़इहा ये भईया | खुलल लोक डाउन अब खूब कमइहा ये भइया | करिहा कमाई आपन जनवा बचइहा ये भइया | अपने गउआ के खूब चमकइहा | परती खेतवा अपने हरवा चलईहा […]
चाँद में दाग है सबने जाना, उसकी खूबसूरती को सबने माना, खूसूरती का रहस्य किसी ने न जाना? बादलों का आना चमकने से रोकना, दूसरे पल रोशनी को भू तक पहुंचाना, सेवा […]
बापू बड़े दुविधा में पड़ गए, लाडले ने सिंहासन का जो हट कर बैठे l एक सिंहासन दोनों मे कैसे बांटे, कलेजे के जो टुकड़े ठहरे l जमीन को धर्म में बांटे , भारती के […]
एकादशी का व्रत है आज बंधुओं निर्जला। भक्त उपासक की सदा सर्वदा होवे भला।।
की विनती थी भीमसेन ने प्रभु वेद व्यास के चरणों में। उपवास एकादशी करते हैं रख प्रीत सभी हरि चरणों में।। वृक अग्नि नित जलती है पितामह मेरे पेट के भीतर। शांत न होती तबतक […]
मत कहो की वक्त नहीं कही वक्त न कह दे हम तो है पर तुम नहीं – हिमांशु ओझा
बड़ों की इज़्ज़त करने से इज़्ज़त कम नहीं होती, बल्कि कई गुना बढ़ जाती है।
हर तरफ तेरी याद का दर्द गहरा है ना जाने किस बात पर ये दिल ठहरा है, तेरी आँखों में ठहरे आंसुओं की कसम ए दोस्त! ये दर्द का रिश्ता बहुत ही गहरा है।
क्या दूं उस सरकारी अफ़सर को? जो मांग रहा है हजार का हर्जाना मेरी दो सो की दिहाड़ी से
आजाद फिज़ाओ में बस है एक ही नाम बाँके बिहारी राधे राधे श्याम
बेबाक निशानियाँ रह गई बस तेरी याद ही रह गई बस
गूंजती फ़िजाओ में रंग कितनें बिखरे हैं और रेशम के धागे भी उलझे हैं, कितनी मशरूफ है ज़िन्दगी अपनी हम भी उलझे हैं वो भी उलझे हैं ।
खुदा ने सुनी मेरी जो आपको यहाँ पंहुचा गए हमे तो खबर ना हुई आप कब हमारे दिल में आ गए गहरे समुन्दर में प्यार की नईया पार हो जाये हमारी तो हां है बस […]
अपने अपने किरदार निभाकर, मार भगाओ कोरोना को । सांस लेंगे कोरोना को भगाकर, ये ठान लिया है अब हमने ।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
चलते चलते सफर पर, हमसफर को ढूंढ लिया। तेरा साथ पाकर मैंने, जग को मैंने जीत लिया।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
अभी अभी तो ललकारा है, युध्द अभी भी बाकी है । सम्भल जा तू अत्याचारी, अभी तेरा अंत बाकी है।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
भरी सभा में कुलेल ना करता, द्रोपदी को बीच सभा में तो । युध्द का प्रचंड नौबत ना आता, दुर्योधन नारी को अगर देवी समझता।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
चलते चलते राहों में मिला मुझे हमसफर, सुख दुःख को बांटकर किया सांझा दर्द को। मिला मुझे अनोखा तोहफा हमसफर, भूल गये हम सारे मुसीबतों के मर्ज को।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
मेरे उड़ान को पंख लगा दो, मेरे सपनों को उजागर कर दो। दिल से दिल का रिश्ता जोड़कर, मुझे अपना हमसफर बना दो ।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
मेरे राहों के हमसफर हो तुम, दोस्त कम हमसफर ज्यादा हो तुम। संग संग जो तुम मेरे रहते बनकर दीप, परछाई में साथ निभाते हमसफर हो तुम ।। ✍🏻 महेश गुप्ता जौनपुरी
गम नहीं किसी बात का बड़े आराम से हूँ बहुत बार मैंने बुलंदियां हासिल की है
दो चार बातों में लगा लिया है दिल को तुम कब आओगे किस इंतजार में पलके बिछा कर बैठे हैं
रिश्ते का बागडोर संभाल, हमसफर को चुन लिया। तुम्हें देख हो गया कंगाल, अब लो मेरे हमसफ़र संभाल।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
हाथ को पकड़ा है हमसफर का, तो साथ निभाऊंगा मरते दम तक हमसफर का। तुम साथ छोड़ने की बात ना करो हमसर, हम दिल से साथ निभाते हैं हमसफर का।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
हमसफर तो मैंने लिया है चुन, साथ निभाते रहना मेरे साथी तुम। रिश्तों में कोई खटास पनपे तो सुन, हक से निपटारा करना मेरे हमसफर तुम।। ✍🏻 महेश गुप्ता जौनपुरी
सफर में चलने के लिए हमसफर चाहिए, दिल से दिल का रिश्ता जोड़े दिलवर चाहिए, अपनों को अपनों से जो जोड़कर रखें, सुख दुःख में साथ निभाये ऐंसा दोस्त चाहिए।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
फूल खिले हैं तब जब हमसफर मिलें, रिश्तें जुड़े हैं तब जब प्यार मिलें। ठोकर मार गिराने वाले हैं बहुत, दोस्त समझ साथ निभाने के लिए मिलें।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
युध्द को कब तक टाला जायें, भाले को कब तक संभाला जायें। रिश्तों को कब तक पाला जायें, युध्द लड़कर अब विराम लगाया जायें।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
मैं गुजारिश करता हूं तुझसे तू सामने नहीं आ सकती पर ख्वाबों में आ मेरे दर्द खुद एक और मेरे दर्द पर मेरे घाव पर एक मरहम की पट्टी तो लगा मैं गुजारिश करता हूं […]
पथिक ही सही हमसफर तो बनोगें, मेरे जीवन के दोस्त तो बनोगें। राह दिखाकर मेरे संग तो चलोगें, मुझे अपना समझ गले तो लगा लोगें।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
मैं गुजारिश करता हूं तुझसे तू सामने नहीं आ सकती पर ख्वाबों में आ मेरे दर्द खुद एक और मेरे दर्द पर मेरे घाव पर एक मरहम की पट्टी तो लगा मैं गुजारिश करता हूं […]
त्रिशुलधारी भोले भण्डारी काशी के अविनाशी, डम डम डमरू बाजे मदमस्त नाचे काशीवासी। गले में सर्प का माला धारण किये भोले भण्डारी, झूम झूम कर गा रहें है पृथ्वी लोक के वासी ।। ✍🏻महेश गुप्ता […]
कहां थे और कहां हम पहूंच गये, माडर्न के चक्कर में सब कुछ भूल गये। पीढ़ियों का अन्तर ना हम समझ सकें, फैशन के दौर में बहुत कुछ खो गये ।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
झुठा मैं नहीं कुछ लोग हो गये है, अहम में सब आगे बढ़ गये है । कौन अब किसे समझाये भला, सब अब समझदार हो गये है ।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
बहुत कुछ बदल दिया बदलते दौर ने, रिश्तें की मिठास और अपनों का प्यार ने। पीढ़ी दर पीढ़ी चली एक नई सोच लेकर संग, आज की सोच को बदल दिया आपने।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
सदैव हाथ रखते अपना भोले भण्डारी, करूणा निधान है मेरे भोले बाबा भण्डारी। काशी के है रखवाले भक्तो के है प्यारे, हर हर महादेव नाम गुंजे काशी में भोले भण्डारी।।
जो नारी 9 महीने पेट में पालती है उसी को सब गाली क्यों देते हैं जिसकी वह पूजा करनी चाहिए सर पर बिठाना चाहिए उसे लोग पैरों की जूती क्यों समझते हैं यह विडंबना है […]
परिवर्तन ही संसार का नियम है, समझो मेरे मित्र यार । बूढ़ा बाप अब भी प्यारा है, बदल जाये भले ही दौर।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
सबके दुःख को पल में हरते, मेरे भोले बाबा भण्डारी। नीलकंठ मनोकामना पुरा करते, बड़े दयालु मेरे बाबा है भण्डारी।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
सत्य के राह चलते रहना, कभी ना होना दूर। मुसीबत को भांपते रहना, झूठ का दामन देना छोड़।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
तौर तरीके दुनिया दारी, नारी है सब पर भारी। नारी से ही चलता संसार, नारी समर्पण है कल्याणकारी।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
कुछ देर में सारा खेल खत्म हो जाएगा क्योंकि तेरी नफरत भी खत्म हो जाएगी और मेरा प्यार भी खत्म हो जाएगा मेरी आखरी सांस बची है कम से कम अब तो तू इश्क का […]
ये काल की गति मेरा बचपन लौटा दें, गांव की पगडंडी खोया कल लौटा दें। बहुत याद आते है वे गुजरे हुए पल ये मेरी जिंदगी तुम मेरा अतीत लौटा दो।। ✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
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