83 Comments

  1. प्रज्ञा जी
    आपने एक शहीद सैनिक की विधवा पत्नी
    के जीवन की दयनीय स्थिति का बड़ी ही
    मार्मिकता से व्याख्यान किया है।
    आपकी कविता का दर्द महसूस कर
    मेरी आँखों में आँसू आ गए।
    इससे अधिक मैं कुछ कह नहीं सकता।

    1. आपकी समीक्षा ने ह्रदय गदगद कर दिया भैया।
      🙏🙏🙏
      आपकी यही हौसलाफजाई
      मेरी ताकत बनती है।

  2. प्रज्ञा जी,
    आपने अपनी कविता में एक स्त्री की व्यथा को उजागर किया है।
    हम सभी सैनिकों के शहीद होने पर दु:ख व्यक्त करते हैं परंतु
    उसके परिवार खास तौर पर
    पत्नी की वेदना को महसूस नहीं करते।
    आपने उस ओर हमारा ध्यान आकर्षित किया है।
    भावपक्ष के साथ ही आपकी गायन प्रतिभा भी उच्चकोटि की है।
    आपकी आवाज़ में कविता की नायिका का दर्द साफ प्रकट हो रहा है।
    इससे उम्दा कुछ हो ही नहीं सकता था।

  3. मैं आपकी तारीफ में क्या कहूं समझ नहीं आ रहा है…..
    कविता के भाव की विवेचना करूं या गायन कला की..
    आप हर तरह से कवयित्री हैं और हुनर आपकी रग-रग में है..
    आवाज में सादगी, ठहराव, उचित आरोह, अवरोह, लय तथा मिठास है..
    साथ ही जिस विषय को आपने लिया है वह
    अत्यन्त संवेदनशील है..
    उम्दा रचना है आपकी मैम

  4. आपने अति संवेदनशील विषय को लिया है अपनी कविता में।
    पति के शहीद होने के बाद हमारे भारतीय समाज में स्त्री की जो दशा होती है।
    उससे हम भलीभांति परिचित हैं परंतु एक स्त्री की मनोदशा को एक स्त्री ही समझ सकती है जिस प्रकार आपने समझा है।
    जब कोई सिपाही शहीद होता है भारत माता के लिए
    तो वह अपने परिवार को पीछे छोड़ जाता है ।
    पत्नी उस असहनीय पीड़ा को सहती हुई किस प्रकार हर पल अपने पति को याद करती है और विलाप करती है
    साथ ही वह उन हत्यारों को सजा दिलाने की बात कर रही है
    इससे साबित होता है कि वह सिर्फ भावुक ही नहीं, सैनिक की पत्नी होने के नाते साहसी भी है।
    अति सुंदर भाव रखा है आपने और गाया भी बेहद खूबसूरती से है।।

    1. देश की आजादी तो सब मनाते हैं परंतु जिसकी वजह से मिलती है उसे कोई याद नहीं करता और सैनिक के परिवार को किन किन कष्टों से गुजरना पड़ता है कुछ और बस ध्यान ले जाने की छोटी सी कोशिश की है मैंने एक स्त्री की वेदना को व्यक्त करने की छोटी सी कोशिश की है मेरी कलम ने

  5. The heroine of your poem not only knows how to cry, but is also talking about revenge of her husband’s martyrdom, this shows her not only emotional but also courageous and this is the most important thing….
    Awesome poem..

  6. Poetry is amazing in your craft. I am stunned by your craft. Reading your voice and poetry is so deep-seated, the vocabulary in the poem is also timely. Very poignant and sensitive poetry will make any Indian cry. I could not stop myself.

  7. Masterpiece
    You have written differently on patriotism and have told a very painful story, your voice is like that of singers, singing with great poignancy, you are getting heartbroken with success…
    Well done…..

  8. कविता का भाव बहुत ही दर्द भरा है
    हर तरह से उत्तम है
    आपकी यह सैनिक की पत्नी पर लिखी कविता..
    आपने सिद्ध कर दिया कि आप एक मझी हुई कलाकार हैं…

  9. आप पर सरस्वती की असीम कृपा है
    एक तरफ जहाँ आपमें साहित्य सृजन की परिपूर्ण
    प्रतिभा है..
    वहीं दूसरी ओर आपके कंठ में सरस्वती विद्यमान है
    अत्यन्त प्रेम के साथ करूणा लेकर गा रहीं हैं मानो यह आपकी ही बीती हो यही गुण आपको सबसे अलग और श्रेष्ठ बनाता है…

  10. मैं नहीं जानती आपमें इतनें गुण आते कहाँ से हैं
    आपने अंबिका अम्बर की तरह स्त्री वेदना को उजागर किया है….
    Good pragya
    Aide hi likhati raho or saahiya ko
    Nayi bulandiyon take me jaao…

    1. ऐसा कुछ भी नहीं है मैं सिर्फ नाचीज हूं।
      और अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है
      मुझे कुछ नहीं आता मैं अज्ञानी हूं।
      परंतु आपकी हौसला अफजाई के लिए शुक्रगुजार हूं।

  11. रचना में विधवा स्त्री के मनो दशा का सारगर्भित वर्णन किया गया है। प्रशंसनीय

    1. धन्यवाद🙏🙏🙏
      मेरी कविता का विषय अच्छे से समझने के लिये
      तथा इतनी सुंदर समीक्षा करने के लिए

  12. एक बात कहें आपने वर्तमान कवियों को मात देदी है जो बड़े मंचों पर गाते फिरते हैं…
    देशभक्ति की इससे बेहतर कविता हो ही नहीं
    सकती थी…
    पता चलता है आप हृदय की कितनी कोमल हैं और आपको उन स्त्रियों से कितना प्रेम और लगाव है…
    आपकी कविता बेमिसाल है..

    1. मैं बता दूं वर्तमान कवि का मतलब
      सावन के मंच के कवियों से ना होकर
      किसी विशेष व्यक्ति से है।
      इसे सावन परिवार का कोई सदस्य
      अन्यथा न लें।

  13. आपमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है..
    आपमें सैनिक तथा उनके परिवार के प्रति सम्मान व हमदर्दी है..
    आपने यह कविता लिखकर साबित कर दिया
    कि आप सिर्फ कवि ही नहीं उदार हृदय वाली महिला
    भी हैं…
    हर कवि के लिए यह आवश्यक है कि वह सिर्फ प्रतियोगिता जीतने के लिए कमेंट बढ़ाने पर नहीं बल्कि कविता की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दें जिस बात का खयाल आप बखूबी रखती हैं…
    देशभक्ति पर सिर्फ झंडा और जय हिंद के नारे पर नहीं बल्कि ऐसे मुद्दों पर कविता लिखें जो साहित्य तथा
    समाज को एक नया आयाम दें…
    आपने ऐसा ही किया है…
    ऐसे ही नव निर्माण करती रहिये
    आपको मेरी शुभकामनाएं…

      1. गुणवत्ता का मतलब सिर्फ प्रतियोगिता की कविता से ना होकर हमेशा लिखी जाने वाली कविताओं से है।
        हिन्दी जगत के सम्मान में कही गई बात है यह।

  14. कलम का समाज पर बहुत प्रभाव पड़ता है,
    आपने शहीद सैनिक के परिवार के प्रति अपनी कविता लिखकर श्रद्धान्जलि अर्पित की है..
    ऐसे दुर्गम विषयों पर लिखने के लिए आपको कितनी मेहनत करनी पड़ती होगी मैं यह समझ सकता हूँ….
    ऐसे ही हिन्दी का सम्मान करती रहिए
    और साहित्य की सेवा करती रहिए…
    आपका तथा आपकी कविता का मैं सम्मान करता हूँ
    आपकी लेखनी के आगे नतमस्तक हूँ…

  15. आपको साहित्य की कितनी जानकारी है यह आपकी रचना से साफ पता चलता है…
    आपमें अदम्य साहस व प्रतिभा है..
    तथा आपकी वाणी में सरसता व मधुरता है..

  16. बहुत ही अच्छी भावना से कविता को आपने हम सब के बीच प्रस्तुत किया है। काफी सराहनीय है।

  17. सही कहा आपने प्रद्युम्न जी,
    प्रज्ञा जी का भाव उत्तम है
    जिसका अर्थ
    किसी स्त्री को समाज में सम्मान दिलाना तथा उनके प्रति श्रद्धा के भाव रखना है ।
    ऐसे विचार रखने से ही समाज की दिशा बदलती है और नवनिर्मान होता है तथा देश उजालों की और बढ़ता है
    तथा समाज में फैली कुरीतियों से आजादी मिलती है,
    क्या होता होगा जब शहीद की पत्नी को खबर मिलती होगी की तुम्हारा
    सुहाग जो यह वादा करके गया था की इस बार जल्दी वापस आऊँगा वह
    अब कभी नहीं आएगा…
    हम तो बस इस कविता के द्वारा अन्दाजा लगा सकते हैं।

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