Category: शेर-ओ-शायरी

  • बन्द करो

    सीमा पर यह बम बारूदें बंद करो
    लड़ना है तो सामने आकर जंग करो
    हम भारतवासी हैं तुम को धूल चटा देंगे
    तुमको तुम्हारी सीमा पर आकर मिट्टी में मिला देंगे

  • शिक्षा

    अत्याचार खत्म करने का एक ही है उपाय
    घर-घर में शिक्षा का करें प्रचार-प्रसार।
    शिक्षा ही वह दीपक है जो हर घर में उजाला करती है शिक्षा ही है जो जानवर को इंसान बना देती है।

  • रक्तरंजित

    रक्तरंजित इश्क में हज़ार होते हैं ख्वाब
    मगर पूरे नहीं होते।

  • मेरी मोहब्बत

    ख्वाब सो जाते हैं छत पर
    जब तू उदास होता है।
    जब तू मुस्कुराता है तो
    सुकून पास होता है।
    काव्य सौंदर्य:-मानवीकरण

  • तेरी मोहब्बत में

    तेरी मोहब्बत में कुछ यूँ हुआ असर
    एक-एक पल शताब्दियों सा लगता है।

  • स्पंदन

    मेरे हृदय में तेरे नाम से कुछ यूँ स्पंदन होता है
    मेरी आँखों से आँसू बहते हैं जब-जब तू रोता है।

  • असर

    तुझसे धोखा खाकर प्यार में
    कुछ यूँ असर हुआ मुझ पर
    पीछे मुड़कर नहीं देखता हूँ मैं
    जिसे छोड़ आया बस छोड़ आया।

  • अकेला

    हकीकत कुछ इस तरह बयां हुई मेरे होठों से
    मैं तुझसे मिलकर अकेला हो गया।
    काव्य सौंदर्य:- विरोधाभास

  • तेरे प्यार में

    तेरे प्यार में झरनों से बहता जा रहा हूँ मैं।
    न जाने किस सागर की ओर जा रहा हूँ मैं।
    उपमा अलंकार

  • मैं आज भी

    मेरा प्रेम तुम्हारी स्मृतियों से कभी वंचित नहीं होता
    मैं आज भी किसी और के ख्वाबों में नहीं खोता।

  • मोहब्बत का अंजाम

    यही अंजाम होना था मेरी मोहब्बत का
    जब पथ्थर से पसीजने की उम्मीद लगाये बैठे थे

  • खैरियत

    कभी तो खैरियत पूछ लिया करो मेरी
    क्या पता आज तुम्हारा हूँ,
    कल किसी और का हो जाऊँ।

  • जो भी करना शिद्दत से

    मुझे दोस्ती भी पसंद है
    और दुश्मनी भी।
    पर जो भी करना शिद्दत से करना,
    क्योंकि मुझे हर काम में वफादारी पसंद है।

  • E-dil

    E-Dil Tu Kyun Rota Hai !
    yah Duniya Hai Yahan To Aisa Hi Hota..

  • दरिया

    है आज भी दरिया मेरे दिल में
    तेरी मोहब्बत का,
    तू जब चाहे डूब कर देख ले।

  • काश कुछ देर

    काश! कुछ देर तू मेरे पास बैठता
    मैं तेरी आँखों में डूब जाता।
    तेरा नशा यूँ चढ़ता
    मैं शराब तक भूल जाता।

  • काश कुछ देर

    काश! कुछ देर तू मेरे पास बैठता
    मैं तेरी आंखों में डूब जाता।
    तेरा नशा यह चढ़ता
    मैं शराब तक भूल जाता।

  • अधूरा रह गया मैं

    अधूरा रह गया मैं तेरे ख्वाबों को पूरा करते-करते
    कितना जी गया मैं तेरी आरजू करते-करते।

  • 13-7

    आज 13-7 है..
    पर तेरा साथ कब मिलेगा मुझे?
    यही खुदा से पूछता रहता हूँ मैं

  • चलो अब

    मोहब्बत पूरी हुई
    चलो अब जख्म गिनते हैं।
    जो अरमान टूटे उन्हें फिर से बुनते हैं।

  • मोहब्बत

    मिलने को तो दुनिया में कई चेहरे मिले…
    पर तुम-सी मुहब्बत मैं खुद से भी ना कर पाया…

  • मैं

    चला जाऊंगा जैसे खुद को अकेला छोड़कर..
    मैं रात में उठकर यूँ खुद को देखता हूँ..

  • दौलत में अन्धा

    धुन सुकून की और धमाके का धंधा…
    मयस्सर खुशियाँ उसे
    जो दौलत में अन्धा…

  • किस्मत

    किस्मत हम अपनी खुद लिखते हैं
    खुदा तो बस लिखने में मदद करते हैं।

  • बादशाह

    हर किसी की निगाहों में उठते-उठते
    कई लोग दुनिया से उठ गए
    हमने जब से छोड़ दी दुनिया की फिकर
    अपने जहान के बादशाह बन गए।

  • काबिलियत

    अंदाजे से नापिए किसी इंसान की काबिलियत को,
    क्योंकि ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे होते हैं।

  • मां ही सुंदर

    बहुत-बहुत सुंदर है वो,
    प्यार का समंदर है वो ,
    फीखा है हर रिश्ता ,
    पर उसका कोई तोड़ नहीं,
    देखी होगी आपने बहुत सी देवियां ,
    पर मेरी मां की कोई होड़ नहीं,
    मेरी मां कोई होड़ नहीं।

  • Shayari

    मेरे अपनों से ही तो प्रेरित हैं
    मेरे शब्दों की गहराईयाँ
    वर्ना हर बात पर अक्सर
    हम बेज़ुबां हो जाते थे
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक़्ति बस दिल से

  • Shayari

    आँखों की नमी देखकर हम,
    नज़रें उनसे चुराने लगे,
    वो फिर से कही रो ना दें,
    हम खुल कर मुस्कुराने लगे
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक़्ति बस दिल से

  • Shayari

    ये राहें ले ही जाएंगी
    मंज़िलों तक हौसला रख
    कभी सुना है अँधेरे ने
    सवेरा होने ना दिया
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक़्ति बस दिल से

  • लोग कहते हैं

    लोग कहते हैं बहुत बुरा हूँ मैं
    क्योंकि मैं गलतियों को
    अनदेखा नहीं करता।
    नजर रहती है मेरी चप्पे-चप्पे पर
    मैं अन्याय का पक्ष नहीं लेता।

  • पौरुष

    नारी पर अत्याचार करना ही
    पौरुष की निशानी नहीं है।
    बल्कि हर कदम पर
    नारी के साथ चलना
    और उसके सम्मान को
    सर्वोपरि रखना ही
    पौरुष की निशानी है।

  • मैं बताऊंगा

    तुझे तन्हाइयों से फुरसत
    मिलेगी तो
    मैं बताऊंगा
    कि आईना में भी फर्क होता है।
    चेहरा वही रहता है
    बस उम्र ढल जाती है।

  • मैं दहलीज़

    मैं दहलीज पार नहीं कर सकता
    मगर तू तो आ सकती है मिलने
    कोई बहाना लेकर
    जैसे मिलते थे हम पहले
    उसी तरह मिल जा तू
    फिर से क्योंकि
    बहुत वक्त हो गया तुझे देखे हुए

  • Shayari

    मैंने खुद लिखा अपनी किस्मत मैं दर्द
    इशारा तो मिला था कई बार ज़िन्दगी का
    संभल जाता अगर गौर करता ज़रा भी
    आज यूँ मारा मारा न फिरता दर बदर
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    ज़मीन पर टिके हो कदम
    मंज़िल पर टिकी हो नज़र
    राहें खुद आसान हो जाएंगी
    लाख मुश्किलों से भरी हो डगर
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    जिन्हें हम भूल जाते हैं
    फिर भी वो याद आते हैं
    बन कर रतजगे यादों के
    ज़हन में क्यों उतर जाते हैं
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    लिख दी है इबारत कामयाबी की मैंने
    तवज्जो मेहनत को देकर पहले
    अब इंतज़ार है अपनी किस्मत का
    कब दौर मेरा भी लाएगी
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    दूरियां ज़बरदस्त कायम है
    दरमियाँ दो दिलों के
    कौन जाकर समझाए उन्हें
    किस्मत से मोहब्बत मिलती है
    दिलों में रंजिशें हो तो
    इश्क़ मुकम्मल हुआ नहीं करते
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • मैं खो गया हूँ कहीं

    मैं खो गया हूँ कहीं, दुनिया की चमक में।
    रोता है ख्वाब मेरा, अध-खुली सी पलक में।।

  • जिंदगी की आरजू

    ज़िन्दगी की आरज़ू में मरते जा रहे हैं लोग,
    हाय! कैसे-कैसे गुनाह करते जा रहे हैं लोग।

  • ज़िन्दगी की जंग

    जीतना आसान नहीं है
    ज़िन्दगी की जंग
    यूँ ही,
    रोज़ जलना पड़ता है
    पतंगे की तरह।

  • Amitabh

    लिबास बदलकर,
    किरदार बदल देता है,
    वो महानायक है,
    रोज नया इतिहास,
    रच देता है।

  • Shayari

    बादशाहत दिखाते रहे
    आग पर आग लगाते रहे
    इक्कों के मायाजाल में फँसे
    बाजियों में गड्डियॉं फटकाते
    न जाने कितनी कीमत चुकाते गए
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    कितनी रातें गुज़र जाती हैं
    नींद आये तो भी आंखें सोती नहीं
    ज़हन में ख्याल तेरा
    नज़र में इंतज़ार
    पलकें भीगती हैं पर
    आँख रोती नहीं
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    शुक्रगुज़ार तेरे नहीं तेरी तस्वीर के हैं
    तन्हाइयों में भी हमारे साथ होती है
    छोड़ती नहीं एक पल हमारा साथ
    साथ जगती भी है और साथ सोती है
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • Shayari

    दिलकश महबूब से इश्क़
    बेहद खूबसूरत एहसास देता है
    कहीं नाकाम आशिक़ बना देता है
    कहीं सरताज बना लेता है
    ©अनीता शर्मा
    अभिव्यक्ति बस दिल से

  • तुम दरवाजे पर आते जरूर

    बेशक हम बंद हैं अपने ख्यालों के दुनिया में
    अगर तुम्हे आना होता तो तुम दरवाजे पर आते जरूर

  • जीत

    जीतकर अक्सर मैं यूँ ही हार जाता हूँ
    बनकर खुशी मैं बहन का चेहरा सजाता हूँ।

  • क्या लिखा करता था

    क्या लिखा करता था मैं ये भूल गया
    बहन ने हौसला बढ़ाया है।
    जब उदास हुआ हूँ मैं तेरे धोखे से
    बहन ने मुस्कुराना सिखाया है।

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