आँखों की नमी देखकर हम, नज़रें उनसे चुराने लगे, वो फिर से कही रो ना दें, हम खुल कर मुस्कुराने लगे ©अनीता शर्मा अभिव्यक़्ति बस दिल से
आँखों की नमी देखकर हम, नज़रें उनसे चुराने लगे, वो फिर से कही रो ना दें, हम खुल कर मुस्कुराने लगे ©अनीता शर्मा अभिव्यक़्ति बस दिल से
ये राहें ले ही जाएंगी मंज़िलों तक हौसला रख कभी सुना है अँधेरे ने सवेरा होने ना दिया ©अनीता शर्मा अभिव्यक़्ति बस दिल से
लोग कहते हैं बहुत बुरा हूँ मैं क्योंकि मैं गलतियों को अनदेखा नहीं करता। नजर रहती है मेरी चप्पे-चप्पे पर मैं अन्याय का पक्ष नहीं लेता।
नारी पर अत्याचार करना ही पौरुष की निशानी नहीं है। बल्कि हर कदम पर नारी के साथ चलना और उसके सम्मान को सर्वोपरि रखना ही पौरुष की निशानी है।
तुझे तन्हाइयों से फुरसत मिलेगी तो मैं बताऊंगा कि आईना में भी फर्क होता है। चेहरा वही रहता है बस उम्र ढल जाती है।
मैं दहलीज पार नहीं कर सकता मगर तू तो आ सकती है मिलने कोई बहाना लेकर जैसे मिलते थे हम पहले उसी तरह मिल जा तू फिर से क्योंकि बहुत वक्त हो गया तुझे देखे […]
मैंने खुद लिखा अपनी किस्मत मैं दर्द इशारा तो मिला था कई बार ज़िन्दगी का संभल जाता अगर गौर करता ज़रा भी आज यूँ मारा मारा न फिरता दर बदर ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल […]
ज़मीन पर टिके हो कदम मंज़िल पर टिकी हो नज़र राहें खुद आसान हो जाएंगी लाख मुश्किलों से भरी हो डगर ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
जिन्हें हम भूल जाते हैं फिर भी वो याद आते हैं बन कर रतजगे यादों के ज़हन में क्यों उतर जाते हैं ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
लिख दी है इबारत कामयाबी की मैंने तवज्जो मेहनत को देकर पहले अब इंतज़ार है अपनी किस्मत का कब दौर मेरा भी लाएगी ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
दूरियां ज़बरदस्त कायम है दरमियाँ दो दिलों के कौन जाकर समझाए उन्हें किस्मत से मोहब्बत मिलती है दिलों में रंजिशें हो तो इश्क़ मुकम्मल हुआ नहीं करते ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
मैं खो गया हूँ कहीं, दुनिया की चमक में। रोता है ख्वाब मेरा, अध-खुली सी पलक में।।
ज़िन्दगी की आरज़ू में मरते जा रहे हैं लोग, हाय! कैसे-कैसे गुनाह करते जा रहे हैं लोग।
जीतना आसान नहीं है ज़िन्दगी की जंग यूँ ही, रोज़ जलना पड़ता है पतंगे की तरह।
लिबास बदलकर, किरदार बदल देता है, वो महानायक है, रोज नया इतिहास, रच देता है।
बादशाहत दिखाते रहे आग पर आग लगाते रहे इक्कों के मायाजाल में फँसे बाजियों में गड्डियॉं फटकाते न जाने कितनी कीमत चुकाते गए ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
कितनी रातें गुज़र जाती हैं नींद आये तो भी आंखें सोती नहीं ज़हन में ख्याल तेरा नज़र में इंतज़ार पलकें भीगती हैं पर आँख रोती नहीं ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
शुक्रगुज़ार तेरे नहीं तेरी तस्वीर के हैं तन्हाइयों में भी हमारे साथ होती है छोड़ती नहीं एक पल हमारा साथ साथ जगती भी है और साथ सोती है ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
दिलकश महबूब से इश्क़ बेहद खूबसूरत एहसास देता है कहीं नाकाम आशिक़ बना देता है कहीं सरताज बना लेता है ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
बेशक हम बंद हैं अपने ख्यालों के दुनिया में अगर तुम्हे आना होता तो तुम दरवाजे पर आते जरूर
जीतकर अक्सर मैं यूँ ही हार जाता हूँ बनकर खुशी मैं बहन का चेहरा सजाता हूँ।
क्या लिखा करता था मैं ये भूल गया बहन ने हौसला बढ़ाया है। जब उदास हुआ हूँ मैं तेरे धोखे से बहन ने मुस्कुराना सिखाया है।
मुकम्मल कभी वो प्यार नहीं जो तवज्जो रंगे नूर से मिले जो सीरत से दिल लगाए वो मुहब्बत कमाल होती है @अनीता
माथे पर शिकन से उभरती लकीरों को देखकर एक फ़कीर ने कहा तूने बुलंद किस्मत है पायी उसे क्या पता था कि एक जान के बदले में गिरवी रख आया हूँ अपनी सारी कमाई ©अनीता […]
शतरंज में अक्सर बाज़ियाँ पलट जाती हैं अक्लमंदी से मोहरे चलना ए बाज़ीगर किस्मत बुलंद हैं गर अदने से मोहरे की तो राजा के हिस्से में शह और मात आती है ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस […]
दूरियां ज़बरदस्त कायम है दरमियाँ दो दिलों के कौन जाकर समझाए उन्हें किस्मत से मोहब्बत मिलती है दिलों में रंजिशें हो तो इश्क़ मुकम्मल हुआ नहीं करते ©अनीता शर्मा अभिव्यक्ति बस दिल से
जब सावन के एक एक बूंद, अंबर से धरती पे गिरती है। तब न जाने क्यों ए ग़ालिब, अश्क मेरी गालो को भिगोती है।।
इस कदर प्यार में डूबा कि फिर उबर ना सका, पसंद बहुत आया पर दिल में उतर ना सका।
आज सोंचा कि थोड़ा मुकम्मल हो लूँ जहान को अपने खुशियों से रोशन कर लूँ।
क्या अपराधी मार देने से इन्साफ हो गया। आज क्या शह देने वालों का पर्दाफ़ाश हो गया।
मर गया आज एक और रावण मगर रामराज़्य की कोई उम्मीद नहीं जब शह देने वाले जीवित हैं तो गुंडाराज खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं।
रुह जब लहू होकर रोती है मौत से जिंदगी जब रूबरू होती है लौट आते है सारे मंजर नजर में मेरी जब जिंदगी मौत सी हूबहू होती है
हम वो वीर है जो मरने से कभी डरे ही नहीं। सिन्हे पे गोली खा के भी सिर झुकाए ही नहीं।।
वक्त ये रूख का कुछ तो साथ दिया । हम शायर बने तेरी शायरी का ।। शायर विकास कुमार(बिहार)
सुख के झूठे मुखोटो का क्या मौल यह दुःख ही सच्चा अपना, जो हमने झैला है
प्रेम से सराबोर होने दो हमको, आँखों से दरिया छलक जाने दो ना।
अब उठ नौजवान तुझे कुछ करना है जगमगाते दीप से सूरज की तरह चमकना है दिल जो कहे वो करना है ज़िंदा मछली की तरह धारा के विपरीत तैरना है ज़िन्दगी गिराएगी कभी भटकाएगी कहदे […]
सितमगारों की बस्ती में सही मेरा भी नाम हो जाए मेरी नींदें छीन कर चैन से सोने वाली आज के बाद तेरी नींद भी हराम हो जाए किया था वादा हमसे तुम्हें याद ना करेंगे […]
Kaash Koi Aisa Hota, Jo Andar Se Bahar Jaisa Hota. Hindi Shayari
अपने सुख दुःख की पोटली को रख किनारे में हमारे सुख दुःख को अपना जीवन बनाया पिताजी ने ही हमे सब कुछ सिखाया कल तक चलना नहीं आता था चलना आपने सिखाया आज ज़िन्दगी की […]
आज भी उसकी खैरियत की दुआ करता हूं उसकी तस्वीर को होंठों से छुआ करता हूं बेवजह ही वो सजाती है जनाजा मेरा उसके एहसास में मैं खुद को धुवां करता हूं शक्ति त्रिपाठी देव
कोशिशें बहुत की उसने मुझे बदल डालने की, मगर नाकामयाब ही रहा वो मेरे हौसले के आगे।
🌹🌹🌹🌹 गूँगी नहीं हूँ मैं मुझे भी बोलना आता है। ——————————– गुलाम हूँ अपने संस्कारों की वर्ना मुझे भी सबक सिखाना आता है।
नीरोग हूँ मैं क्योंकि मैंने बहुत जतन से प्रेम योग किया है। नैनासन का अभ्यास करके खुद को स्वस्थ्य किया है।
धर्मनीति व राजनीति के आगोश में समा गया है देश। उन्नति के ओर क्या बढेंगे यहाँ बदले है सब अपने भेष ।। अब मानव में मानवता नहीं पहरेदार भी अब सच्चा नहीं। ए वीर सुभाष […]
जिनके नाम से दुश्मन थर थर कांपा करते है बलिदान हुए वीर जवानो को हम सब नमन करते है ये सच्चे देश भक्त है ऐसे नहीं जायेंगे दुश्मनो को अपनी रूह से भी हराएंगे देश […]
गिले आज भी बहुत हैं तुमसे बस कुछ इम्तिहानों से निपट लूँ । तब तक तुम ढूंढ लो बहाने और मैं शिकायतें लिख लूँ ।
इक शराब ने ही तो सम्भाल रखा है मुझे…. वर्ना तेरी आँखों ने तो कब का मार डाला था….
ना जाने कब नींद से जागी आँखें? रात भर रोकर सूजी हैं कितनी आँखें। बिता तो लेंगे हम ज़िन्दगी तेरे बगैर भी पर तुझे देखकर ज़िंदा हैं ये मेरी आँखें।
सीमा पर कितने धूर्त और मक्कार हैं अपनी सेना का मनोबल ना गिरने पाए इस बात का भारतीय रखते खूब ख्याल हैं।
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